मंत्री पद को संत ने की वकालत, मंच पर बोले येदियुरप्पा- ये सब कहेंगे तो कल ही इस्तीफा दे दूंगा

कर्नाटक के सीएम बी एस येदियुरप्पा मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर ही एक संत से बहस करने लगे। लिंगायत समुदाय का मंत्री बनाने को लेकर संत की बात पर येदियुरप्पा ने कहा कि इस तरह की बात मत कीजिए, वरना मैं यहां से चला जाऊंगा।
मंच पर ही संत से भिड़ गए सीएम बी एस येदियुरप्पा

मंच पर ही संत से भिड़ गएमुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा

हाइलाइट्स

  • संत ने की मंत्रिमंडल में लिंगायत की बात तो भड़क गए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा
  • येदियुरप्पा ने मंच पर ही कहा कि ऐसे बात करेंगे तो मैं यहां से चला जाऊंगा
  • लिंगायत समुदाय से कम से कम तीन मंत्री बनाने की बात कह रहे थे संत वचनानंद
  • येदियुरप्पा ने कहा- मेरी स्थिति समझिए, मैं मुख्यमंत्री पद का भूखा नहीं, कल ही इस्तीफा दे दूंगा

बेंगलुरु: कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा ने बागियों के दम पर सरकार तो बना ली है लेकिन मंत्री पद बांटना उनके लिए गले की फांस बन गया है। मंगलवार को देवनागरी जिले में पंचमशाली लिंगायत समुदाय के एक संत ने एक कार्यक्रम के दौरान मंच से ही एक विधायक के लिए मंत्री पद की वकालत की। इससे नाराज हुए येदियुरप्पा मंच पर ही संत से भिड़ गए। उन्होंने यहीं पर कहा कि आप मेरी स्थिति समझिए और इस तरह की बात मत कीजिए। मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं, मैं कल ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकता हूं।

आपको बता दें कि लिंगायत समुदाय को बीजेपी का समर्थक माना जाता है। इसी समुदाय से जुड़े संत वचनानंद स्वामी ने येदियुरप्पा की मौजूदगी में मंच पर ही कहा कि अगर येदियुरप्पा अपने मंत्रिमंडल में लिंगायत समुदाय के कम से कम विधायकों को जगह नहीं देते हैं तो यह समुदाय बीजेपी के खिलाफ बगावत कर देगा। उन्होंने कहा, ‘मुरुगेश निरानी को मंत्री पद मिलना ही चाहिए। वह आपके साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। अगर आपका उन्हें मंत्री नहीं बनाते हैं तो यह समुदाय भी आपका साथ नहीं देगा।’

मंच पर ही भड़क गए मुख्यमंत्री येदियुरप्पा

संत वचनानंद का इतना कहना ही था कि येदियुरप्पा अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और वचनानंद से बहस करने लगे। येदियुरप्पा ने कहा, ‘अगर आप ऐसी बात करेंगे तो मैं इसका समर्थन नहीं करूंगा। मैं आपसे ऐसी बातों की उम्मीद नहीं करता। मैं आपकी इच्छा के अनुसार काम नहीं कर सकता। अगर आप ऐसी ही बातें करेंगे तो मैं यहां से चला जाऊंगा।’ येदियुरप्पा की बात सुनकर स्वामी वचनानंद ने अपनी बात पर सफाई दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी पर बैठ तो गए लेकिन वह बोलते रहे। उन्होंने कहा कि आप मुझे सुझाव दे सकते हैं लेकिन धमकी मत दीजिए।

 देखें: मंत्रिमंडल को लेकर लिंगायत संत और सीएम बीएस येदियुरप्पा खुलेआम भिड़े

येदियुरप्पा को समझ आया कि यहां मीडिया भी मौजूद है तो वह अपनी सीट पर बैठे लेकिन वह काफी नाराज दिखाई दिए। उन्होंने पूर्व मंत्री मुरुगेश निरानी से भी साफतौर पर नाराजगी जताई। बाद में संत वचनानंद ने कहा कि वह सिर्फ मंत्रिमंडल में सही बंटवारे की बात कह रहे थे।
येदियुरप्पा बोले- मेरी स्थिति समझिए
जब येदियुप्पा बोलने आए तो उन्होंने अपनी मजबूरी सामने रखी। उन्होंने कहा, ‘मैं स्वामी जी को और लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि मैं अयोग्य ठहराए गए 17 विधायकों की वजह से मुख्यमंत्री बना हूं। मेरी स्थिति समझिए। अगर स्वामी जी यह नहीं समझ सकते हैं तो मैं कल इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। मैं मुख्यमंत्री बनने के लिए मरा नहीं जा रहा हूं।’ उन्होंने संत वचनानंद से भी कहा कि आपकी जो समस्याएं हैं, उनके बारे में अकेले में बात करिए। येदियुरप्पा ने कहा कि जगह और समय आप तय कर लीजिए, मैं आ जाऊंगा और आपसे इस पर चर्चा कर लूंगा।

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