जम्मू कश्मीर में पर्यटकों से हटी रोक,सरकार से एडवाइजरी जारी

जम्मू कश्मीर में आज से पर्यटकों पर लगी रोक हटी, सरकार ने जारी की एडवाइजरी
इसके साथ ही आज घाटी में तीन नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा. साथ ही उनसे एक बॉन्‍ड पर भी साइन करवाया गया है, जिसमें कहा गया है कि वे किसी भी विरोध-प्रदर्शन या सभा में शामिल नहीं होंगे.
श्रीनगर: जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन पर्यटकों की आवाजाही पर लगी रोक आज (10 अक्टूबर) से हटा दी गई है. राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद एहतियातन राज्य में पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई थी, जिसे एक बार फिर से शुरू किए जाने का फैसला हुआ है.
जम्मू कश्मीर के गृह विभाग ने इस संबंध में एक सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है. जिसमें यह बताया गया है, ‘पर्यटकों के आने पर बीती 2 अगस्त से लगी रोक अब हटा ली गई है.राज्य में जाने के इच्छुक पर्यटकों को सभी आवश्यक सहायता और रसद सहायता प्रदान की जाएगी.’अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से पहले 2 अगस्त को पर्यटकों पर कई पाबंदियां लगा दी गई थी.सरकार ने आज से पाबंदियों को हटाते हुए पर्यटकों के लिए खास इंतजाम करने की गाइडलाइन जारी की. वहीं कश्मीर आने वाले पर्यटकों की मदद सरकार करेगी और उन्हें आवश्यक सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी.हालांकि इससे पहले 2 अगस्त को अमरनाथ यात्रा को बीच में ही रोककर सभी यात्रियों को वापस भेजा गया था. उसके बाद से ही कश्मीर में टूरिस्टों के जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है.
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सलाहकारों और मुख्य सचिव के साथ जम्मू कश्मीर के हालात पर समीक्षा बैठक की थी. जिसमें टूरिस्टों के जाने पर पाबंदी हटाए जाने का फैसला किया गया.
माना जा रहा है कि इस फैसले से राज्य के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को एक नई किरण मिली है. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक 7 अक्टूबर को आयोजित की गई थी जिसमें यह निर्णय लिया गया कि 10 अक्टूबर से पर्यटकों से जुड़ी एडवाइजरी को हटा दिया जाएगा. पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इस घोषणा के बाद और अधिक पर्यटक घाटी आएंगे.
श्रीनगर आए पर्यटक वौपारी मोहम्मद हाफिज शल्ला कहते हैं, ‘कश्मीर बहुत ही खूबसूरत है, यहां सब कुछ है. अब यह निर्भर करता है सरकार पर की वह कैसे कश्मीर को प्रमोट करती है, हमें खुशी है कि इस एडवाइजरी को हटा लिया गया है.’
पर्यटन व्यापारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि विंटर पर्यटन भारत और दुनिया भर से लोगों को जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख की ओर फिर आकर्षित करेगा. कुछ पर्यटक तो एडवाइजरी के बावजूद राज्य का दौरा करते रहे हैं. ज्यादातर मलेशिया, सिंगापुर और भारत के अन्य हिस्सों से.
एक युवा जोड़े दिराज कुमार और प्रीति ने कहा, ‘हम पिछले दो दिनों से श्रीनगर में हैं और हमें कोई असुरक्षा महसूस नहीं हुई. यहां के लोग अच्छे हैं. अन्य लोग जो झिझक रहे हैं, उन्हें अपना दिमाग बदलना चाहिए और यहां आना चाहिए. हमें यह जगह काफी खूबसूरत लगा.’
राज्यपाल लगभग हर दिन बैठकें कर रहे हैं, लेकिन यह बैठक महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसमें पर्यटन एडवाइजरी के अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट और स्कूल, कॉलेज के बारे में कई मुद्दों पर चर्चा की गई. पिछले एक सप्ताह से प्रशासन ने राज्य में शांति और माहौल को बेहतर बनाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं.
पहला कदम राज्य में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल चुनावों की घोषणा था, जिसके बाद हिरासत में लिए गए नेताओं फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला से मिलने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी गई. सरकार ऐसे कई बड़े कदम आने वाले दिनों में कश्मीर में उठाने वाली है.

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