जीडीपी / ग्रोथ अनुमान घटाने के चार दिन बाद आईएमएफ – भारत में सुस्ती अस्थाई, अब सुधार की उम्मीद

आईएमएफ की एमडी क्रिस्टेलिना जियोर्जिवा।

  • आईएमएफ की एमडी क्रिस्टेलिना जियोर्जिवा ने यह बात वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कही
  • आईएमएफ ने 20 जनवरी को भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में 1.3% कटौती की थी

दावोस. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) की एमडी क्रिस्टेलिना जियोर्जिवा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की जीडीपी ग्रोथ में सुस्ती अस्थाई लग रही है। उन्होंने आने वाले दिनों में ग्रोथ में सुधार की उम्मीद जताई है। जियोर्जिवा ने कहा कि अक्टूबर 2019 में आईएमएफ ने जब वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक जारी किया था, उस वक्त के मुकाबले अब दुनिया भर में हालात बेहतर दिख रहे हैं। उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे ग्लोबल समिट ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में ऐसा कहा। इससे पहले 20 जनवरी को जारी आउटलुक में आईएमएफ ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.1% से घटाकर 4.8% कर दिया था।

सभी देशों की वित्तीय नीतियां आक्रामक हों: आईएमएफ

जियोर्जिवा का कहना है कि अमेरिका-चीन के बीच व्यापार विवाद थमने और टैक्स दरों में कटौती जैसी वजहों से सकारात्मक माहौल बन रहा है। हालांकि, वर्ल्ड इकोनॉमी के लिए 3.3% ग्रोथ बहुत अच्छी नहीं है। हम चाहते हैं कि वित्तीय नीतियां आक्रामक हों और ढांचागत सुधारों पर फोकस किया जाए।

इंडोनेशिया, विएतनाम में में सुधार की उम्मीद

आईएमएफ की प्रमुख ने कहा हमने भारत की ग्रोथ का अनुमान घटाया है, लेकिन यह स्थिति अस्थाई लग रही है। भारत के साथ ही इंडोनेशिया और विएतनाम जैसे देशों में भी हालात सुधरने की उम्मीद है। अफ्रीकी देश भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन मैक्सिको जैसे कुछ देशों में सुधार नहीं दिख रहा।

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