भाजपा का हरियाणा में सरकार बनाने का दावा, कल शपथ, दुष्यंत उपमुख्यमंत्री

मनोहर लाल खट्टर को हरियाणा भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। माना जा रहा है कि कल शपथ ग्रहण। भाजपा ने साफ कर दिया है कि गोपाल कांडा का समर्थन नहीं लिया जाएगा।

हाइलाइट्स
मनोहर लाल खट्टर को चुना गया भाजपा विधायक दल का नेता
रविशंकर प्रसाद ने कहा, गोपाल कांडा से समर्थन नहीं ले रही पार्टी
हरियाणा में दुष्यंत उपमुख्यमंत्री, 6 निर्दलीयों का समर्थन

चंडीगढ़/नई दिल्ली:भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला भी उनके साथ थे। कल दोपहर में मनोहर लाल खट्टर लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।राज्यपाल से मिलने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने बताया, ‘हमने हरियाणा में सरकार बनाने का दावा पेश किया है। गवर्नर ने हमारे प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और हमें आमंत्रित किया है। मैंने अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। कल 2:15 बजे राज भवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।’

जजपा और 6 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का पत्र देकर भाजपा राज्य में फिर से सरकार बनाने का दावा पेश किया । उधर, केंद्रीय पर्यवेक्षक और वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने साफ कर दिया है कि उपमुख्यमंत्री केवल एक होगा। भाजपा ने गोपाल कांडा से भी पल्ला झाड़ लिया है।
कांडा से भाजपा ने बनाई दूरी, 6 निर्दलीयों का साथ
एयर होस्टेस सूइसाइड केस में आरोपित और चुनाव जीते गोपाल कांडा के समर्थन को लेकर भाजपा ने स्थिति साफ कर दी है। दरअसल, नतीजे आने के बाद कांडा के समर्थन को लेकर भाजपा के भीतर ही विरोध शुरू हो गया था। हालांकि आज रविशंकर प्रसाद ने साफ कह दिया कि गोपाल कांडा से पार्टी कोई समर्थन नहीं ले रही है। उन्होंने आगे बताया कि कौन मंत्री बनेगा, यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर खुद तय करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 6 निर्दलीयों का समर्थन भाजपा को मिला है।
इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भाजपा विधायक दल ने शनिवार को औपचारिक तौर पर अपना नेता चुना। चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में भाजपा के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री खट्टर के नाम पर मुहर लगाई। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह मौजूद थे।
हरियाणा के इतिहास में ये 5 बने उपमुख्यमंत्री
हरियाणा विधानसभा चुनाव में किसी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) मिलकर सरकार बनाने वाले हैं। सपॉर्ट के बदले जजपा को उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। पार्टी से कौन यह जिम्मेदारी संभालेगा फिलहाल साफ नहीं है। इस बीच नजर डालिए उन नेताओं पर जिन्होंने अब तक हरियाणा में उपमुख्यमंत्री का पद संभाला है।
चौधरी चांदराम
1967 में राव वीरेंद्र सिंह की सरकार में झज्जर से विधायक चौधरी चांदराम प्रदेश के पहले उपमुख्यमंत्री बने थे।
​मंगलसेन
1977 में आपातकालीन के बाद चुनी गई गठबंधन सरकार में देवीलाल मुख्यमंत्री और जनसंघ के बड़े नेता मंगलसेन उपमुख्यमंत्री बने।
बनारसी दास गुप्ताबनारसी दास गुप्ता,चंद्रमोहन
1987 में देवीलाल सरकार में कांग्रेस से आए बनारसी दास गुप्ता को उपमुख्यमंत्री का पद मिला था।
मास्टर हुकुम सिंह
1990 में हुए महम कांड के बाद मास्टर हुकुम सिंह ओपी चौटाला की जगह मुख्यमंत्री बने। इसके बाद चौटाला ने जब एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभाला तो उन्होंने मास्टर हुकुम सिंह को उपमुख्यमंत्री बनाया।
चंद्रमोहन
2005 में कांग्रेस की सरकार बनने पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्यमंत्री बनने से नाराज भजनलाल को मनाने के लिए उनके बेटे चंद्रमोहन को उपमुख्यमंत्री का पद दिया गया था।
इससे पहले प्रसाद ने बताया कि वरिष्ठ नेता अनिल विज और कुंवर पाल ने मनोहर लाल खट्टर के नाम का प्रस्ताव किया, जिसका सभी विधायकों ने खड़े होकर सर्वसम्मति से समर्थन किया। कोई दूसरा नाम सामने नहीं आया। प्रसाद ने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भाजपा हरियाणा विधानमंडल के नेता चुने गए हैं। इसके बाद सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री खट्टर को बधाई दी। रविशंकर प्रसाद ने खट्टर को मिठाई भी खिलाई।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने भरोसा जताने के लिए विधायकों और पर्यवेक्षकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि जिस प्रकार 5 साल हमने मिल-जुलकर एक साफ-सुथरी और स्थायी सरकार चलाई है, उसी के हिसाब से आगे बढ़ेंगे।

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