हरियाणा, महाराष्ट्र में बजा चुनावी बिगुल, 21 अक्टू. को वोटिंग, 24 अक्टू. को मतगणना

एक लोकसभा, 17 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की 64 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को होगा उपचुनाव
17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी की 64 विधानसभा सीटों और बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी 21 अक्टूबर को होगा. इनके नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे.महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ-साथ 19 अन्य राज्यों की 64 विधानसभा सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे. चुनाव की घोषणा के ठीक बाद बीजेपी ने विपक्षी पार्टियों से निपटने के लिए रणनीति बनाने को लेकर चर्चा की.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनावी बिगुल बज चुका है. आज चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को होंगे और दीवाली से पहले-पहले 24 अक्टूबर को नतीजे आ जाएंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ-साथ 17 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की 64 विधानसभा सीटों पर भी 21 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे. साथ ही बिहार के समस्तीपुर लोकसभा सीट पर भी 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे.बिहार के समस्तीपुर लोकसभा सीट और अलग-अलग 17 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 64 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग 21 अक्टूबर होगी. उपचुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, ”अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, केरल, ओडिसा, मेघालय, मध्यप्रदेश, सिक्किम, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पुडुचेरी में उपचुनाव 21 अक्टूबर को होगा.”
बता दें कि 64 विधानसभा सीट जिनपर उपचुनाव होने हैं उनमें कर्नाटक में 15 सीटों, उत्तर प्रदेश में 11 सीटों, केरल और बिहार में पांच-पांच सीटों, गुजरात, असम और पंजाब में चार-चार सीटों, सिक्किम में तीन सीटों, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान में दो-दो सीटों और अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, मेघालय, ओडिशा और पुडुचेरी में एक-एक सीट है.
चुनाव आयोग ने ईवीएम को लेकर कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद 22000 से ज्यादा ईवीएम और वीवीपैट की मशीनों का मिलान किया गया. 22 हजार से ज्यादा मशीनों के मिलान के बाद 8 मशीनों में कुछ तकनीकी दिक्कत पाई गई थी लेकिन उसमें भी वोटों का अंतर महज 300 से 400 था जिसका नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता.
महाराष्ट्र में 288 सदस्यों वाली विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को खत्म हो रहा है, जबकि 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल दो नवंबर को खत्म होगा. दोनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में है और मुख्य तौर पर उसका मुकाबला कांग्रेस गठबंधन से है. 2014 के विधानसभा चुनाव में दोनों ही राज्यों में बीजेपी ने कांग्रेस को हराकर सत्ता हासिल की थी.https://abpnews.abplive.in/india-news/haryana-and-maharashtra-assembly-election-2019-schedule-1205735#t=0
बीजेपी की बैठक
महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख के एलान के बाद बीजेपी ने नई दिल्ली में बैठक की. बैठक में भरतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, अरुण सिंह, अनुराग ठाकुर मौजूद हैं. बैठक में चुनाव के दौरान आर्थिक मंदी पर विपक्ष के हमले से निबटने की रणनीति बनी.
कांग्रेस ने किया स्वागत
चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा दो महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा का हम स्वागत करते हैं. कांग्रेस पार्टी तन, मन और बल से पूरी तरह तैयार है. हम हमेशा की भांति उन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएंगे, जिनसे ध्यान हटाने का प्रयास यह सरकार करती है.
महत्वपूर्ण तारीख
चुनाव की घोषणा-21 सितंबर
नोटिफिकेशन की तारीख- 27 सितंबर
नामांकन की आखिरी तारीख – 4 अक्टूबर
स्क्रूटनी की तारीख- 5 अक्टूबर
नामांकन वापसी की तारीख- 7 अक्टूबर
चुनाव प्रचार का आखिरी दिन-19 अक्टूबर
चुनाव की तारीख- 21 अक्टूबर
मतगणना की तारीख- 24 अक्टूबर
महाराष्ट्र
कुल सीटें- 288
विधानसभा का कार्यकाल- 9 नवंबर तक
वोटर्स-8.94 करोड़
बीजेपी सत्ता में
मुकाबला- बीजेपी-शिवसेना गठबंधन Vs कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन
हरियाणा
सीटें- 90
विधानसभा का कार्यकाल- 2 नवंबर तक
वोटर्स- 1.82 करोड़
बीजेपी सत्ता में
मुकाबला- बीजेपी, कांग्रेस और आईएनएलडी(बंटी हुई)
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2014
साल 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़ी थी. उस वक्त बीजेपी 122 सीटें जीतने में कामयाब रही थी जबकि शिवसेना को 63 सीटें मिली थीं. 2014 के चुनाव में कांग्रेस 42 सीटें और एनसीपी 41 सीटें जीतने में कामयाब रही थी.
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2014
यहां साल 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला था. तब बीजेपी राज्य में 47 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. उस समय राज्य में कांग्रेस सिर्फ 15 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) को पिछले चुनाव में यहां 19 सीटें मिली थी.

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