हृदय और आंतों को बहुत लाभकारी है अखरोट

देहरादून, 22 जनवरी, 2020- एक नये चिकित्सकीय परीक्षण ने खुलासा किया है कि अखरोट के सेवन से हृदय और आंतों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। इस नये अध्ययन के परिणाम जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुए हैं और दर्शाते हैं कि अखरोट खाने से आंतों में पाचन तंत्र के कुछ बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे रक्तदाब और कोलेस्ट्रॉल में सुधार होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह अखरोट में पाये जाने वाले बायोएक्टिव कम्पाउंड्स, फैटी एसिड्स और डायटरी फाइबर के मिश्रण से हो सकता है।

इसके अलावा, उपभोक्ताओं को ऐसे आहार चाहिये, जो जोखिम के कारकों को नियंत्रित रखें और स्वास्थ्य को लाभ पहुँचाएं, जिनमें पाचन और हृदय का स्वास्थ्य बड़ा महत्व रखता है। अमेरिका में 60-70 मिलियन लोगों को पाचन तंत्र के रोग हैं और 28 मिलियन लोगों को हृदय रोग हैं, जो मृत्यु का अग्रणी कारण हैं, इसे ध्यान में रखते हुए यह अच्छी बात है।

यह नया परीक्षण पेनसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी और जुनियाटा कॉलेज में किया गया, जिसमें अधिक वजन वाले या मोटे 42 लोगों ने भाग लिया (BMI: 25.0 – 39.9 kg/m2), इनकी आयु 30-65 वर्ष थी और इन्हें हृदय रोग का जोखिम भी था। इन्हें सबसे पहले दो सप्ताह तक औसत अमेरिकी आहार दिया गया (48% कार्बोहाइड्रेट, 17% प्रोटीन, 35% वसा, 7% संतृप्त वसा), ताकि सभी की शुरूआत एक समान हो। फिर इन्हें क्रम से डाइट दी गई, जिसमें कुछ संतृप्त वसा की जगह अखरोट, या अखरोट जैसे फैटी एसिड्स (ओमेगा-3 एएलए, एक प्रकार का पॉलीअनसैचुरैटेड वसा) वाले मिश्रित वनस्पति तेल, ओमेगा-9 ओलेइक एसिड (मोनोअनसैचुरैटेड फैट का एक प्रकार) से प्रचुर ओर वनस्पति तेल ने ली। यह आहार यह समझने के लिये थे कि लाभों का श्रेय अखरोट की अच्छी, असंतृप्त वसा को दिया जाना चाहिये या पूरे अखरोट के अन्य पोषक तत्वों को, जैसे बायोएक्टिव कम्पाउंड्स और फाइबर, जो अतिरिक्त भूमिका में हो सकते हैं। भाग लेने वाले सभी लोगों ने छह सप्ताह के लिये हर आहार का सेवन किया और हर मध्यस्थता के बीच एक अंतराल होता था (औसतन 22.8 दिन)। हर आहार से पहले और बाद में हृदय के स्वास्थ्य के मानकों, जैसे रक्तदाब और कोलेस्ट्रॉल, साथ ही पाचन मार्गों में रहने वाले सूक्ष्मजीवों का मूल्यांकन किया गया।

अखरोट और अखरोट जैसी फैटी एसिड प्रोफाइल वाले वनस्पति तेल का सेवन करने वाले लोगों की आंतों के बैक्टीरिया में औसत अमेरिकी आहार की तुलना में सकारात्मक बदलाव हुआ, जो ओमेगा-3 एएलए का प्रभाव था। जिन्होंने केवल अखरोट खाया, उनके भीतर बैक्टीरिया की एक विशेष प्रजाति समृद्ध हुई, जो एल्लाजिटैनिन्स के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह अखरोट का एक बायोएक्टिव कम्पोनेन्ट है, जिसके कार्डियोवैस्कुलर लाभ हो सकते हैं। अखरोट और वनस्पति तेल के फैटी एसिड्स आंतों के स्वास्थ्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन यह अध्ययन पूरा अखरोट खाने के लाभ भी दर्शाता है।

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