फैक्ट चेक / झूठी है पुलिसकर्मियों के CAA-NRC विरोध की पोस्ट,फोटोशॉप से बदला गया है पोस्टर 

क्या वायरल : विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ पुलिसकर्मियों की फोटो वायरल हो रही है, इनके पोस्टर पर ‘नो सीएए, नो एनआरसी’ लिखा

  • क्या सच : ये पुलिसकर्मी नवंबर में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे

फैक्ट चेक डेस्क. सीएए और एनआरसीज पर जारी देशभर में विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर कुछ पुलिसकर्मियों की तस्वीर भी वायरल हो रही हैं। इन पुलिसकर्मियों के हाथ में बोर्ड है, जिसपर लिखा है ‘नो कैब, नो एनआरसी’। इन तस्वीरों को वायरल कर दावा किया जा रहा है कि अब पुलिसकर्मी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। लेकिन पड़ताल में पता चला कि इन फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई है। विरोध प्रदर्शन कर रहे इन पुलिसकर्मियों की उस समय की है, जब पिछले साल नवंबर में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई थी।

पुलिसकर्मियों की 4 एडिटेड फोटो वायरल, जानिए उनकी सच्चाई

पहली फोटो की सच्चाई

इस फोटो में पुलिसकर्मी अपने हाथ में ‘नो एनआरसी, नो कैब’ के पोस्टर लिए खड़े दिख रहे हैं। लेकिन असली फोटो में इसकी सच्चाई सामने आ जाती है। असली फोटो में इन पुलिसकर्मियों के हाथ में जो पोस्टर है, उसमें लिखा है ‘#SAVE THE SAVERS’ और ‘#WE WANT EQUAL JUSTICE’।

असली फोटो : 

https://newsable.asianetnews.com/india/tis-hazari-clash-police-personnel-protest-outside-delhi-headquarters-q0hgu1

दूसरी फोटो की सच्चाई : 

https://www.theweek.in/news/india/2019/11/06/the-week-morning-brief-delhi-hc-hear-lawyer-police-clash-is-attempted-suicide-attack-in-india.html

इस फोटो में भी कुछ पुलिसकर्मी बैठे दिख रहे हैं, जिनके हाथ में ‘नो एनआरसी, नो सीएए’ लिखे पोस्टर हैं। लेकिन असली फोटो में कुछ और ही दिख रहा है। असली फोटो में आगे बैठे पुलिसकर्मी के पोस्टर में लिखा है ‘#POLICEMEN ARE ALSO HUMANS’ जबकि, पीछे बैठा पुलिसकर्मी एक वकील की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

असली फोटो :

तीसरी फोटो की सच्चाई : 

तीसरी फोटो को ‘#CAA #NRC के खिलाफ पुलिस भी उतरी सड़कों पर’ कैप्शन के साथ वायरल किया जा रहा है। इसमें पीछे बैठे पुलिसकर्मियों के हाथ में रखे पोस्टर ‘नो सीएए नो एनआरसी’ लिखा दिख रहा है, जबकि आगे बैठे पुलिसकर्मी के पोस्टर पर ‘मासूमों पे लाठी चार्ज हम से नहीं हो पाएगा’ लिखा दिख रहा है। हालांकि, असली फोटो में देखने पर सच सामने आ जाता है। असली फोटो में सामने बैठे पुलिसकर्मी के पोस्टर पर लिखा है ‘WE WANT JUSTICE’। जबकि, पीछे बैठे एक पुलिसकर्मी के पोस्टर पर ‘कौन सुनेगा, किसको सुनाएं’ और पीछे खड़े एक व्यक्ति के पोस्टर पर ‘आज पुलिस, कल?’ लिखा हुआ है। 

https://english.jagran.com/india/delhi-police-protest-10hourlong-strike-called-off-after-assurance-from-seniors-all-you-need-to-know-10005939

कोर्ट में पार्किंग पर विवाद हुआ था, दो वकीलों को गोली लगी थी

तीस हजारी कोर्ट के पार्किंग एरिया में पुलिस वैन और वकील की गाड़ी की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ था। वकीलों ने हवालात में घुसने की कोशिश की थी। इसके बाद हिंसक झड़प हुई और दो वकीलों को गोली लगी थी। 20 पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की न्यायिक जांच, दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और घायलों के बयान दर्ज करने के निर्देश पुलिस कमिश्नर को दिए थे।

निष्कर्ष : पुलिसकर्मियों की फोटो को फोटोशॉप कर वायरल कर गलत दावा किया जा रहा है। पुलिसकर्मी वकीलों के खिलाफ हुई झड़प पर कार्रवाई करने के लिए हड़ताल कर रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने इसे भी एनआरसी और सीएए से जोड़ दिया।

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