जनता में दिखा विश्वास, बाजारों में लौटी रौनक, पटरी पर जिदगी

जनता में दिखा विश्वास, बाजारों में लौटी रौनक
हर दम आपस का यह झगड़ा, मैं भी सोंचू तू भी सोच कल क्या होगा शहर का नक्शा, मैं भी सोचूं तू भी सोच। एक खुदा के सब बंदे हैं, एक आदम की सब औलाद तेरा मेरा खून का रिश्ता, मैं भी सोचूं तू भी सोच…।।
सहारनपुर : मशहूर शायर अनवर जलालपुरी की लिखी ये चंद लाइन दिलों में मोहब्बतों और सौहार्द्र का चिराग रोशन करने के लिए काफी हैं। सहारनपुर की आम जनता ने एक बार फिर इन लाइनों को चरितार्थ कर दिया। अयोध्या फैसले के दूसरे ही दिन सहारनपुर में माहौल पहले की तरह फिर से सामान्य हो गया। बाजार भी खुले और लोगों की चहल-कदमी भी बाजारों में खूब नजर आई। खास बात तो यह है कि लोगों में आपसी विश्वास की डोर और भी अधिक मजबूत हो गई। हालांकि सुरक्षा को देखते हुए पुलिस फोर्स भी मुस्तैद रहा। लेकिन किसी तरह का कोई खौफ और अविश्वास सहारनपुर में दिखाई नहीं दिया। शहर में रविवार को हालात पूरी तरह से सामान्य रहे। सभी बाजार आम दिनों की तरह ही खुले।
बता दें कि शनिवार को जिन बाजारों में व्यापारी सहमा-सहमा सा था, वहां आज हिदु-मुस्लिम एक-दूसरे को दुआ सलाम कर अपनी-अपनी दुकानें समय से खोलते नजर आए और उसके बाद बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई। घंटाघर के जिस चौक पर शनिवार को कम भीड़ देखने को मिली थी, रविवार को वहां एक बार फिर जाम की स्थिति बनती नजर आई। शहर के प्रमुख नेहरू मार्किट, रायवाला कपड़ा मार्केट, पंजाबी मार्किट, लोहानी सराय, कोर्ट रोड, देहरादून रोड सभी बाजार आम दिनों की तरह खुले। आम दिनों की तरह हिदु-मुसलमान का भाईचारा कायम रहा। हर कोई फैसले को लेकर खुशी जता रहा था। साथ ही इन लोगों का कहना था कि अयोध्या पर आए फैसले से कम से कम एक ऐसा विवाद तो खत्म हुआ, जिस पर नेता अपनी राजनीतिक रोटिया सेंक रहे थे। चौकी सराय पर अली का कहना था कि उन्हें तो यहीं रहना है। मंदिर-मस्जिद के चक्कर में वे अपना भाईचारा क्यों बिगाड़ें। हमें इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।शनिवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या प्रकरण पर अंतिम फैसला देकर विवाद हो खत्म कर दिया। जैसे ही दिन में 11 बजे यह फैसला आया तो पूरे सहारनपुर ने खामोशी की चादर ओढ़ ली थी। सुरक्षा के लिए भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात की थी। संवेदनशील क्षेत्रों में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। शनिवार को दिनभर माहौल में बैचेनी सी रही। रात को भी दो बजे तक पुलिस और प्रशासनिक अफसर लगातार सड़कों पर गश्त करते रहे। बाजारों में भी आशंकाओं का माहौल बना रहा और कम ही लोग घरों से बाहर निकले। रविवार को आशंकाओं के सभी बादल छंटते हुए दिखाई दिए। सामान्य दिनों की तरह की एक बाजार खुले। सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तहर ही चहल कदमी रही। सहारनपुर के मुख्य बाजारों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। अयोध्या प्रकरण का न तो कोई जिक्र था और न ही कोई बात ही चल रही थी। लोग खामोशी ने अपने काम में मशगूल थे। खास बात तो यह रही की शहर में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं था जहां पर शनिवार को तरह सन्नाटा हो। हर क्षेत्र हर बाजार में लोगों की आवाजाही लगी रही। सडकों पर भी पहले ही तरह की सब कुछ सामान्य था। दुपहिया और चार पहिया वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते रहे। हाइवे और शहर की सड़कों पर पहले की तरह भीड़ नजर आई। हालांकि सुरक्षा को लेकर फोर्स को तैनात जरूर किया गया था। मंडी, कुतुबशेर, जनकपुरी इलाके में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती रही। इसके अलावा देवबंद, गंगोह और नकुड़ में भी अफसर लगातार गश्त करते रहे। इंटरनेट सेवा भी बंद रही जिससे लोगों को कुछ हद तक दिक्कत जरूर हुई। लेकिन सहारनपुर की जनता के बीच के आपसी विश्वास और सौहार्द्र का नजारा रविवार को दिनभर देखने को मिला।

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