जशोदाबेन की 4 साल पुरानी मुंबई की तस्‍वीर शाहीन बाग के नाम पर वायरल

फैक्ट चैक /  प्रधानमंत्री  मोदी की पत्नी के शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल होने की बात झूठी, चार साल पुरानी है जशोदाबेन की तस्वीर

फैक्ट चैक डैस्क. दिल्ली स्थित शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन जारी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की पत्नी जशोदाबेन के नाम से एक फोटो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि, जशोदाबेन भी सीएए के विरोध में धरना दे रही हैं।  हमने जब मामले की पड़ताल की तो खबर झूठी निकली।
क्या है मामला
सोशल मीडिया के दावे के अनुसार प्रधानमंत्री की पत्नी जशोदाबेन सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंची हैं।

क्या है सच्चाई
वायरल दावे की पड़ताल की तो सच्चाई कुछ और ही निकली। हम ने येन्डेक्स पर रिवर्स सर्च टूल का इस्तेमाल किया तो पता चला तस्वीर चार साल पुरानी है। जशोदाबेन मुंबई में झुग्गी वासियों के समर्थन में आयोजित भूख हड़ताल में हिस्सा लेने गईं थीं। हमने मुंबई से संचालित होने वाली गुड समरितन मिशन एनजीओ के कार्यकर्ता फर्नांडिस से बात की तो उन्होंने बताया कि जशोदाबेन भूख हड़ताल में शामिल हुईं थीं।
इस पड़ताल से साबित होता है कि शाहीनबाग के नाम से वायरल की जा रही जशोदाबेन की तस्वीर फर्जी है।

सोशल मीडिया पर जशोदाबेन की एक पुरानी तस्‍वीर को शेयर करते हुए कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वे CAA/NRC के खिलाफ शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन में पहुंचीं। हमने जब वायरल पोस्‍ट की पड़ताल की तो हमें पता चला कि यह तस्‍वीर 4 साल पुरानी है। 12 फरवरी 2016 को जशोदाबेन मुंबई के आजाद मैदान में एक प्रदर्शन में पहुंची थीं। यह प्रदर्शन झुग्गी-झोंपड़ियों के तोड़ने के खिलाफ था।

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

फेसबुक यूजर मोहम्‍मद मलिक ने 19 जनवरी 2020 को जशोदा बेन की एक तस्‍वीर को शेयर करते हुए लिखा : ”मोदी जी की पत्नी जसोदा बेन भी आज पहुच गयी शहीनबाग पैसे लेने सरकार बोल रही है औरत पैसा लेकर पहुच रही है शाहीनबाग तो लो भक्तों अब तो भक्तों की अम्मा भी पहुच गयी।”

पड़ताल

हमने सबसे पहले वायरल तस्‍वीर को ध्‍यान से देखा। तस्‍वीर की क्‍वालिटी से यह साफ हो रहा था कि फोटो काफी पुरानी है। सच जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज टूल का सहारा लेने का फैसला किया। वायरल तस्‍वीर को हमने गूगल रिवर्स इमेज में अपलोड करके सर्च करना शुरू किया।हमें deccanchronicle.com पर एक खबर मिली। इस खबर में भी जशोदा बेन की तस्‍वीर का यूज किया गया था। तस्‍वीर को डेक्‍कन के ही फोटोग्राफर ने क्लिक की थी। खबर को 13 फरवरी 2016 को पब्लिश किया गया था।

खबर में बताया गया कि 12 फरवरी को आजाद मैदान में हुए आयोजित एक दिन के भूख हड़ताल में जशोदाबेन शामिल हुईं। यह आयोजन Good Samaritan Mission नाम के एक ट्रस्‍ट ने आयोजित किया था। जशोदाबेन के साथ प्रदर्शन स्‍थल पर आयोजक ब्रदर एस. पीटर पॉल राज भी मौजूद थे।

हमें इस प्रदर्शन की कवरेज कई वेबसाइट पर मिली। द हिन्‍दू वेबसाइट ने भी इस आयोजन को कवर किया था। 13 फरवरी को पब्लिश खबर में बताया गया कि मानसून के दौरान झुग्गी-झोंपड़ियों को तोड़ने के खिलाफ एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसमें जशोदाबेन ने शिरकत की थी।

इसके बाद हमने उस एनजीओ को सर्च करना शुरू किया, जिसने मुंबई के प्रदर्शन को आयोजित किया था। गूगल सर्च के जरिए हम Good Samaritan Mission की वेबसाइट पर पहुंचें। वहां हमें ब्रदर एस. पीटर पॉल राज का मोबाइल नंबर मिला। इसके बाद हमने ब्रदर एस. पीटर पॉल राज से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि 12 फरवरी 2016 को हमने झुग्‍गी झोपडि़यों के उजाड़ने के खिलाफ एक प्रदर्शन किया था। उसमें जशोदाबेन भी आई थीं। तस्‍वीर उसी दौरान की है। कुछ लोग उसी तस्‍वीर को गलत दावे के साथ अब वायरल कर रहे हैं

पड़ताल के अंतिम चरण में हमने मोहम्‍मद मलिक के अकाउंट की सोशल स्‍कैनिंग की। इसी यूजर ने जशोदा बेन की तस्‍वीर को झूठे दावे के साथ वायरल किया। हमें पता चला कि यूजर कुवैत में रहता है। इस अकाउंट को फरवरी 2010 में बनाया गया था। इसे 1137 लोग फॉलो करते हैं।


कौन हैं जशोदाबेन
जशोदाबेन भारत के प्रधानमंत्री की पत्नी और रिटायर्ड स्कूल टीचर हैं। विकिपीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों की शादी वडनगर में साल 1968 में हुई थी।

निष्कर्ष:  पड़ताल में पता चला कि शाहीन बाग में जशोदा बेन के नाम से वायरल पोस्‍ट फर्जी है। वायरल तस्‍वीर 12 फरवरी 2016 की है। उस वक्‍त जशोदा बेन मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित एक प्रदर्शन में पहुंचीं थी। अब कुछ लोग उसी तस्‍वीर को झूठे दावे के साथ वायरल कर रहे हैं।

  • CLAIM REVIEW : दावा किया जा रहा है कि जशोदा बेन शाहीन बाग के प्रदर्शन में पहुंचीं
  • CLAIMED BY : फेसबुक यूजर मोहम्‍मद मलिक
  • FACT CHECK : False

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