हफ्ते में 61 हजार कोरोना केस, भारत दुनिया में 6वें स्थान पर, फिर लॉक डाउन?

भारत में कोरोना ने बढ़ाई चिंता, एक हफ्ते में 61 हजार केस, क्या फिर से लगाया जा सकता है लॉकडाउन?
फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर विकास मौर्य कहा,‘जब चरणों में लॉकडाउन (Lockdown) खोला जाएगा तो मामले बढ़ेंगे, लेकिन महत्वपूर्ण इस बात का ध्यान रखना है कि हालात बेकाबू नहीं हों और अगर ऐसा होता है तो लॉकडाउन दोबारा लगाना पड़ेगा.’
नई दिल्ली. देश में अनेक क्षेत्र खुलने के बीच कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है.पिछले एक हफ्ते में करीब 61,000 मामलों का उछाल आया है.जिसके बाद चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों (Experts) को लगता है कि अगर हालात नियंत्रण से बाहर हुए तो लॉकडाउन (Lockdown) फिर लगाना पड़ सकता है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में शुक्रवार को संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 9,851 मामले सामने आए,वहीं 273 लोगों की मौत हो गई.इसके बाद आज शनिवार को देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या जहां 2,36,184 पर पहुंच गई है. वहीं मौत का आंकड़ा 6,612 पर पहुंच गया है. लगातार तीन दिन से मामलों में अत्यधिक वृद्धि दर्ज की जा रही है
भारत में कोरोना टेस्टिंग पर बोले ट्रंप- अगर ज्यादा करें तो अमेरिका से ज्यादा मामले सामने आएंगे
भारत ने अबvतक कोरोना वायरस की 40 लाख जांच की हैं. अमेरिका में कोरोना जांच पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि इसे याद रखिए, जब आप ज्यादा जांच करेंगे तो आप के यहां ज्यादा मामले होंगें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में हो रही कोरोना टेस्टिंग की तुलना भारत,चीन समेत दूसरे देशों से की है.ट्रंप ने कहा है कि भारत और चीन जैसे देश अगर ज्यादा संख्या में जांच करें तो उनके यहां कोरोना वायरस के मामले अमेरिका से ज्यादा होंगे.ट्रंप ने बताया,अमेरिका ने दो करोड़ जांच की हैं.अमेरिका की तुलना में जर्मनी ने 40 लाख और दक्षिण कोरिया ने करीब 30 लाख जांच की हैं.
अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस के 19 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 1 लाख 11 हजार लोगों की मौत हुई है.जबकि भारत में इस जानलेवा संक्रमण के 2 लाख 36 हजार और चीन में 84,177 मामले सामने आए हैं.अमेरिका दुनिया भर में कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह से प्रभावित है.
“ज्यादा जांच करेंगे तो ज्यादा मामले होंगे”
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने अब तक कोरोना वायरस की 40 लाख जांच की हैं. अमेरिका में कोरोना जांच पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि इसे याद रखिए,जब आप ज्यादा जांच करेंगे तो आप के यहां ज्यादा मामले होंगे.
उन्होंने कहा,“ मैं अपने लोगों से कहना चाहता हूं कि आप के यहां ज्यादा मामले इसलिए हैं क्योंकि ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है…हम चीन या भारत या अन्य स्थानों पर जांच करना चाहें तो मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि वहां ज्यादा मामले होंगे.
भारत में एक हफ्ते में 61 हजार बढ़ गए कोविड-19 के मरीज, एक्सपर्ट को आशंका- दोबारा न लगाना पड़ जाए लॉक डाउन
Corona cases in India : इस समय भारत संक्रमण के मामलों की संख्या के लिहाज से दुनिया का छठा सबसे प्रभावित देश है। उससे पहले अमेरिका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन और स्पेन आते हैं।

हाइलाइट्स:
लॉकडाउन में ढील देने के बाद से देश में कोरोना संकट तेजी से गहराने लगा है
हालत यह है कि महज एक सप्ताह में कोविड-19 मरीजों की संख्या 61 हजार बढ़ गई
शुक्रवार को एक दिन में रेकॉर्ड 9,851 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए
इस कारण भारत कोरोना प्रभावित देशों की लिस्ट में इटली से आगे बढ़कर छठे स्थान पर पहुंच गया

देश में ज्यादातर पाबंदियां हटा लेने के बीच कोविड-19 के संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले एक सप्ताह में देश में करीब 61 हजार मामलों का उछाल आया है। इस कारण शुक्रवार को भारत कोरोना प्रभावित देशों की लिस्ट में इटली से आगे होकर छठे स्थान पर पहुंच गया। ऐसे में चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों को लगता है कि अगर हालात नियंत्रण से बाहर हुए तो लॉकडाउन फिर लगाना पड़ सकता है। उधर, भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) के एक सीनियर डॉक्टर ने यह कहकर सरकार पर नाराजगी प्रकट की कि महामारी से निपटने की रणनीति विशेषज्ञों के बजाए नौकरशाह बना रहे हैं।
दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के फेफड़ा रोग विभाग के निदेशक डॉक्टर विकास मौर्य ने कहा, ‘जब चरणों में लॉकडाउन खोला जाएगा तो मामलों में इजाफा होगा। बुनियादी रूप से लॉकडाउन का इस्तेमाल महामारी से निपटने और उसके प्रकोप को रोकने की तैयारी के लिए किया जाता है।’ उन्होंने कहा,’जब चरणों में लॉकडाउन खोला जाएगा तो मामले बढ़ेंगे,लेकिन महत्वपूर्ण इस बात का ध्यान रखना है कि हालात बेकाबू नहीं हों और अगर ऐसा होता है तो लॉकडाउन दोबारा लगाना पड़ेगा।’
फोर्टिस अस्पताल,वसंत कुंज के फेफड़ा रोग विभाग के निदेशक डॉक्टर विवेक नांगिया ने भी कहा कि मामलों का तेजी से बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मॉलों और धर्मस्थलों को खोलना अभी जल्दबाजी है क्योंकि लोगों का जमा होना शुरू हो जाएगा और चीजें नियंत्रण से बाहर हो जाएंगी।

चार बातों का ध्यान रखें लोग

जाने-माने फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अरविंद कुमार ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि लोग स्वत: लॉकडाउन का पालन करते रहें और इन चार महत्वपूर्ण सिद्धांतों को अमल में लाएं कि अत्यावश्यक नहीं हो तो बाहर नहीं जाएंगे, हमेशा मास्क पहनेंगे,दूरी बनाकर रखेंगे और हाथ धोते रहेंगे। उन्होंने कहा,’फिलहाल तो हालात दोबारा लॉकडाउन लगाने के नहीं हैं,लेकिन अगर परिस्थिति बेकाबू हो गई तो फिर से बंद की ओर लौटना पड़ सकता है।’ सर गंगा राम अस्पताल से जुड़े डॉक्टर कुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि धर्मस्थलों और मॉलों को खोलने की अनुमति देना जल्दबाजी वाला फैसला है क्योंकि यह सुनिश्चित करना बहुत मुश्किल होगा कि लोग नियमों का उल्लंघन नहीं करें।

‘सरकार की कोरोना पॉलिसी विशेषज्ञ नहीं,बाबू चला रहे हैं’
इधर, एम्स के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने की सरकारी नीतियों एवं संचार रणनीतियों की निंदा करते हुए कहा है कि इन्हें महामारी से निपटने वाले विशेषज्ञों और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बजाए नौकरशाह चला रहे हैं। एम्स में जठरांत्र विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉक्टर अनूप सराया ने ‘इंडियन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ के संपादक को लिखे पत्र में कहा कि वैज्ञानिकों के किसी भी सलाहकार समूह की सफलता’खुलेपन की संस्कृति,स्वतंत्रता और विचारों की विविधता’ पर निर्भर करती है। उन्होंने लिखा,’दुर्भाग्य की बात यह है कि वैश्विक महामारी पर सरकार की वैज्ञानिक सलाहकार समितियों के संदर्भ में खुलेपन की यह संस्कृति नजर नहीं आती। संभवत: इसका कारण यह है कि इन समितियों में केवल सरकारीकर्मी ही सदस्य हैं।
दुनिया में छठे स्थान पर पहुंचा भारत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार,भारत में शुक्रवार को संक्रमण के एक दिन में रेकॉर्ड 9,851 मामले सामने आए जबकि 273 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या जहां 2,26,770 पर पहुंच गई है,वहीं मौत का आंकड़ा 6,348 पर पहुंच गया है। लगातार तीन दिन से मामलों में अत्यधिक वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस समय भारत संक्रमण के मामलों की संख्या के लिहाज से दुनिया का छठा सबसे प्रभावित देश है। उससे पहले अमेरिका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन और स्पेन आते हैं।
छवें नंबर पर पहुंचा भारत
इस समय भारत संक्रमण के मामलों की संख्या के लिहाज से दुनिया का सातवां सबसे प्रभावित देश है.उससे पहले अमेरिका,ब्राजील,रूस,ब्रिटेन,स्पेन और इटली आते हैं.
डॉक्टर नांगिया के सुझाव
फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज के फेफड़ा रोग विभाग के निदेशक डॉक्टर विवेक नांगिया ने भी कहा कि मामलों का तेजी से बढ़ना चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि मॉल्स और धर्मस्थलों को खोलना अभी जल्दबाजी है क्योंकि लोगों का जमा होना नहीं रोका जा सकता तो उन्हें कोरोना प्रोटोकॉल के पालन को कैसे सुनिश्चित किया जायेगा?

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