राम और श्रीमद्भागवत तीनों कथावाचकों ने अली-मौला पर मांगी माफी

रामकथा और श्रीमद्भागवत कथा में अली-मौला बोलने वाले मोरारी बापू, चिन्मयानंद और चित्रलेखा ने मांगी माफ़ी
नई दिल्ली, 25 मई: कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच इस समय सोशल मीडिया पर “कथा जि’हाद” का मुद्दा बहुत तूल पकड़ रहा है। इसमें मुख्य रूप से प्रसिद्द रामकथा कथावाचक मोरारी बापू, श्रीमद्भागवत कथावाचक चिन्मयानंद बापू और देवी चित्रलेखा पर निशांना साधा जा रहा है। क्योंकि ये लोग बहुत बड़े कथावाचक हैं।
इन तीनों कथावाचकों के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्टों की बाढ़ आ गई है। इनपर आरोप है की ये रामकथा और श्रीमद्भागवत कथा के जरिये इस्लाम का प्रचार करते हैं अर्थात कथा के दौरान अली-मौला बोलते हैं। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर इन प्रसिद्द कथावाचकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
इस मामलें में ताजा जानकारी यह है की, तीनों कथावाचक मोरारी बापू, चिन्मयानंद बापू और देवी चित्रलेखा ने वीडियो जारी कर माफ़ी मांग ली है और दोबारा कथा में अली-मौला न बोलने का संकल्प लिया है। सबसे पहले चिन्मयानन्द बापू ने माफ़ी मांगी, फिर चित्रलेखा और अंत में मोरारी बापू ने माफ़ी मांग ली।
प्रसिद्द श्रीमदभागवत कथावाचक चिन्मयानन्द ने माफीनामा वाला वीडियो जारी करते हुए कहा की, किसी कथा में मैनें किसी प्रसंग में फिल्म का गीत गुनगुनाया था, जिसमें एक शब्द आ गया था “सुभान’अल्ला’ह”, जिसको सुनकर धर्मजगत के बहुत सारे भक्तों, महापुरुषों की आत्मा आहत हुई, इस बात को लेकर मुझे हृदय से बहुत दुःख है। चिन्मयानन्द ने आगे कहा, मैं इस बात का भरोसा दिलाता हूँ की, आगे से मेरी व्यास पीठ से ऐसे कोई भी शब्द नहीं आयेंगें की जिससे किसी की आत्मा आहत हो, किसी की भावना आहत हो। बापू ने कहा, मैं सनातन धर्म का एक सच्चा सेवक हूँ। सनातन धर्म के मार्ग पर चलने वाला हूँ। जय सियाराम!
जानी-मानी कथावाचक देवी चित्रलेखा ने भी वीडियो जारी करते हुए माफ़ी मांगी। चित्रलेखा ने वीडियो की शुरुवात एक संस्कृत श्लोक से की, गावो विश्वस्य मातरः अर्थात गाय सम्पूर्ण विश्व की माँ है। देवी ने कहा, गायों के सेवा श्रीमद्भागवत जी की सेवा मैनें बाल्यकाल से ही आरम्भ कर दी। लेकिन बीते कुछ दिनों से एक वीडियो जो लोगों के बीच में चर्चा का विषय बना हुआ है। मैनें इस कुछ संत, महापुरुषों से परामर्श किया। देवी चित्रलेखा ने कहा, व्यासपीठ की मर्यादा को संतों की कृपा से मैनें हमेशा से बनाये रखा है। और आगे भी बनाये रखूंगी। उस समय ( जब अली-मौला बोल रही थी) मेरा यह भाव बिल्कुल नहीं था। इस विषय को लेकर अगर किसी को कष्ट पहुंचा है तो मैं उसके लिए छमाप्रार्थी हूँ। गौ माता की सेवा, सनातन धर्म की सेवा और मानवता की सेवा ही मेरा उद्देश्य रहा है। देवी चित्रलेखा ने कहा की, हिंदुत्व की ध्वजा जो गौ माता हैं। उन गौमाता की सेवा की है और आगे भी करती रहूंगी, जय श्री राधे।
श्रीराम कथा के जरिये लगातार कई वर्षों से प्रभु राम जी के नाम को विश्वभर में फैलानें वाले मोरारी बापू ने भी माफ़ी मांग ली है। बापू ने एक वीडियो जारी करके कहा की, इन दिनों में या इससे पूर्व ( पहले ) किसी वक्तव्य से कोई चूक हुई हो, कोई त्रुटि रह गयी हो तो पूरी अन्तःकरण से मैं छमाप्रार्थी हूँ। जय श्री राम।

Suresh Chavhanke “Sudarshan News”

@SureshChavhanke
#मुरारी_बापू ने पवित्र व्यास पीठ से अल्ला मौला करने पर मांगी माफी#धर्म_शुद्धि महाभियान में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि..

बापू हम आप से माफी नहीं बल्कि वचन चाहते हैं कि भविष्य में आप कभी भी पवित्र व्यास पीठ से किसी भी अन्य मत – मजहबों का प्रचार नहीं करेंगे. #धर्म_शुद्धि जारी है
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10:23 PM – May 24, 2020
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