‘मिशन कश्मीर’ पर आए इमरान की किरकिरी, ऐसे रिपोर्टर कहां से लाते हो?-ट्रम्प

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इमरान के साथ डोनाल्ड ट्रम्प।
रिपोर्टर का आरोप था- भारत कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा, इस पर ट्रम्प ने कहा- यह आपका सवाल नहीं, बयान है
जब रिपोर्टर ने कश्मीर में भारत की भूमिका की बात कही तो ट्रम्प ने कहा- क्या आप इमरान की टीम का हिस्सा हैं?
जब इमरान ने भारत, अफगानिस्तान, ईरान से बातचीत की बात कही तो ट्रम्प ने कहा- आपके पास बहुत ही दोस्ताना पड़ोसी हैं
न्यूयॉर्क. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। दोनों ने मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान ट्रम्प एक पाकिस्तानी रिपोर्टर से खफा नजर आए। उन्होंने इस संवाददाता के सवाल का जवाब ही नहीं दिया। इतना ही नहीं ट्रम्प ने तंज कसते हुए इमरान से भी पूछ लिया- ऐसे रिपोर्टर कहां से लाते हो? उन्होंने रिपोर्टर से पूछा- क्या आप इमरान की ही टीम का हिस्सा हैं। इस दौरान इमरान असहज नजर आए। यहां जानिए इमरान और ट्रम्प की मीडिया कॉन्फ्रेंस हुई पांच रोचक बातें।
Naila Inayat नायला इनायत

@nailainayat
Trump to Pakistani reporters: “This is the kind of reporter I like. Are you a member of his (Imran’s) team?” “you’re saying what you think.. let me put that one down as a statement.”
“Where do you find reporters like this? These guys are fantastic.” Goes ahead, doesn’t answer. 😂

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4:49 am – 24 सित॰ 2019
1. ‘ये सवाल नहीं बयान है’
रिपोर्टर ने कहा- कश्मीर में भारत का रुख आक्रामक है। वो मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। वो संयुक्त राष्ट्र की बात मानने को भी तैयार नहीं है। सवाल पूरा सुने ही ट्रम्प ने पहले इमरान को देखा और फिर इशारा करते हुए कहा- इस तरह के रिपोर्ट्स को मैं पसंद करता हूं।
2. ‘क्या आप इमरान की टीम का हिस्सा हैं’
इस रिपोर्टर ने ट्रम्प की बात को अनसुना करते हुए बोलना जारी रखा। ट्रम्प ने फिर इमरान की तरफ देखा और कहा- ऐसे रिपोर्टर मुझे पसंद हैं। लेकिन वह संवाददाता शायद हालात नहीं समझा। उसने बोलना जारी रखा। तब ट्रम्प झल्ला गए। उन्होंने कहा- क्या आप इमरान की टीम का हिस्सा हैं। रिपोर्टर ने कहा- जी नहीं, मैं उनकी टीम का हिस्सा नहीं हूं। इसके बाद भी बोलता रहा तो ट्रम्प ने कहा- ये आपका बयान है, सवाल नहीं। एक अन्य संवददाता ने भी इसी तरह की हरकत की। उसने भी मानवाधिकार उल्लंघन का मसला उठाया। इस पर ट्रम्प ने संभवत: आपा खो दिया। इमरान की तरफ देखते हुए कहा- आखिर, ऐसे रिपोर्टर लाते कहां से हो? इमरान खिसियाते नजर आए।
3. ‘मोदी का बयान आक्रामक था’
एक पत्रकार ने हाउडी मोदी कार्यक्रम और कश्मीर पर सवाल पूछा। ट्रम्प ने उससे कहा- मैं भी वहां मौजूद था। आपने भी देखा होगा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने कितने आक्रामक तरीके से यह मसला उठाया। 59 हजार लोगों ने उसका पुरजोर तरीके से जवाब दिया। मुझे लगता है मोदी इस मुद्दे पर काफी आक्रामक हैं।
4. कश्मीर मसला हल करने पर नोबेल
एक संवाददाता ने इमरान से सवाल किया। पूछा- अगर आप कश्मीर मुद्दे का समाधान निकाल देते हैं तो आपको नोबेल पुरस्कार मिल सकता है? इस पर ट्रम्प ने तंज कसते हुए कहा- अगर पारदर्शी तरीके से पुरस्कार दिए जाएं तो मुझे दूसरी भी कई चीजों के लिए नोबेल मिल सकता है। ओबामा को ये पुरस्कार दिया गया। वे (नोबेल कमेटी) राष्ट्रपति बनने के फौरन बाद पुरस्कार देते हैं। लेकिन मुझे नहीं दिया जाता। मुझे समझ नहीं आता कि ओबामा को ये पुरस्कार क्यों दिया गया?
5. ‘पाकिस्तान के पास दोस्ताना पड़ोसी हैं’
इमरान प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्यादातर असहज ही नजर आए। बोले भी कम। शुरुआत में उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा- मैं राष्ट्रपति से अफगानिस्तान पर बात करना चाहूंगा। अगर वहां स्थिरता रहती है तो पाकिस्तान में भी रहेगी। हम भारत, कश्मीर और ईरान के बारे में बात करना चाहते हैं। इस पर ट्रम्प ने चुटकी लेते हुए कहा- आप बहुत दोस्ताना पड़ोसियों के साथ रह रहे हैं।आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसे ही सवाल-जवाब पर जब ट्रंप ने खान के मजे लिए और पाकिस्तानी पत्रकारों को डपट दिया…
इमरान खान: मैं राष्ट्रपति से अफगानिस्तान पर बात करना चाहता हूं। अफगानिस्तान हमारे लिए एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि अफगानिस्तान में स्थिरता का मतलब है पाकिस्तान में भी स्थिरता। इसके अलावा हम पाकिस्तान के तीनों पड़ोसी- अफगानिस्तान, ईरान और भारत के बारे में भी बात करना चाहते हैं।
कश्मीर पर चापलूसी: डॉनल्ड ट्रंप ने इमरान खान से पूछा, ऐसे पत्रकार लाते कहां से हो?
डॉनल्ड ट्रंप: (कटाक्ष करते हुए) वह (इमरान) बहुत ही दोस्ताना पड़ोसियों के बीच में रहते हैं। (इस पर वहां ठहाके भी लगते हैं।)
कश्मीर पर सवाल से खीझे ट्रंप, इमरान से पूछा-कहां से लाते हो?
पत्रकार: मिस्टर प्रेजिडेंट आपने प्रधानमंत्री (इमरान) से पिछली मुलाकात में कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही थी। तब से स्थितियां बहुत जटिल हो चुकी हैं और भारत लगातार मध्यस्थता की बात को खारिज कर रहा है। इस पर अब आपका रुख क्या है?
ट्रंप: अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मैं जरूर मदद करूंगा। अगर दोनों (पाकिस्तान और भारत) चाहते हैं तो मैं यह करने के लिए तैयार हूं।
पत्रकार: आप दोनों पक्षों को मध्यस्थता को स्वीकार करने और इसके लिए सहमत होने के लिए कह रहे हैं। इनमें से एक पक्ष संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाला है… कश्मीर के पूरे इलाके को मर्ज कर रहा है…
ट्रंप (बीच में टोककर झिड़कते हुए): इस तरह के रिपोर्टर को मैं पसंद करता हूं। मैं इस रिपोर्टर को पसंद करता हूं। क्या तुम इनकी (इमरान) टीम (प्रतिनिधिमंडल) का हिस्सा हो?
पत्रकार: पीएम मोदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद का हब बताया है। क्या आप उनके बयान से सहमत हैं?
ट्रंप: (सवाल को टालते हुए) मुझे लगता है कि ईरान बहुत बड़ा खतरा है।
पत्रकार: अगर आप कश्मीर के लंबित मुद्दे को हल करा देते हैं तो आपको निश्चित तौर पर नोबेल पुरस्कार मिलेगा।
ट्रंप: अगर साफ-सुथरे तरीके से यह पुरस्कार दिए जाएं तो मुझे लगता है कि मुझे कई अन्य चीजों के लिए नोबल पुरस्कार मिल सकता है। वे बराक ओबामा को देते हैं। उनके राष्ट्रपति बनने के ठीक बाद दे देते हैं और मुझे नहीं समझ आता कि उन्हें क्यों दिया गया।’
ट्रंप ने फिर कहा, भारत माने तभी करूंगा मध्यस्थता
पत्रकार: कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। 50 दिनों से लॉकडाउन चल रहा है, इंटरनेट नहीं है, खाना नहीं है, कुछ भी नहीं है। आप कश्मीरियों के लिए क्या करेंगे?
ट्रंप: (इमरान से) आप ऐसे रिपोर्टर्स पाते कहां से हैं? (इमरान झेंप जाते हैं) ये लोग तो फैंटास्टिक हैं। आप जो सोच रहे हैं वहीं कर रहे हैं। आपका सवाल एक बयान है।

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