जहरीली शराब कांड: चंदे के धंधे में पूरा सिस्टम अंधा

जहरीली कांड को कई घंटे गुजर चुके हैं लेकिन असल गुनहगार अब तक कानून के फंदे से बाहर हैं। बताया तो यह भी जा रहा कि इसके बदले धंधेबाजों से चंदा भी लिया जा रहा था।
देहरादून, । पथरिया पीर जहरीली शराब कांड को कई घंटे गुजर चुके हैं, लेकिन असल गुनहगार अब तक कानून के फंदे से बाहर हैं। शराब बेचने के गिरफ्तार मुख्य आरोपी गौरव ने शराब में किसी तरह की मिलावट करने से इंकार किया है। आरोप है कि गौरव से खरीदी गई जाफरान शराब के सेवन से लोगों की मौत हुई थी। आरोपी गौरव ने बताया कि वह जाफरान शराब ठेके के अलावा राजू उर्फ राजा नेगी और पूर्व पार्षद भाजपा नेता अजय सोनकर उर्फ घोंचू से खरीदता था। ठेके से 85 रुपये में पव्वा खरीदकर 100 रुपये में बेचता था। राजू उर्फ राजा नेगी 2012 और 2015 में शराब तस्करी में जेल जा चुका है।इस सबके बाद सवाल अपनी जगह कायम है कि शहर के बीचोंबीच आखिरकार अवैध शराब का धंधा किसकी शह पर फलफूल रहा था। यह तो घटना के बाद फूटे जनाक्रोश में जाहिर हो गया है कि शराब माफिया को किसी न किसी का खुला संरक्षण था। बताया तो यह भी जा रहा कि इसके बदले धंधेबाजों से ‘चंदा’ भी लिया जा रहा था। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है। घटना के बाद ये न तो खुलकर माफिया के विरोध में सामने आ रहे,ना ही पीड़ि‍त परिवारों को कोई सांत्वना दे रहे। जाहिर है, कुछ तो है,जिस पर पर्दा डाला जा रहा। पुलिस जांच पड़ताल में एक और पीड़ित के करनपुर ठेके से देसी शराब खरीदने की बात आई है। एसपी सिटी श्वेता चौबे के मुताबिक पथरिया पीर निवासी पूर्व फौजी किशोरी लाल की शराब पीने पर तबीयत बिगड़ गई थी। किशोरी लाल को सीएमआई में भर्ती कराया गया था, जहां से छुट्टी होने पर वह घर आ गया था। अचानक तबीयत खराब हुई तो उसे मैक्स ले जाया गया।किशोरी लाल ने करनपुर के ठेके से शराब खरीदने की बात बताई है। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि मरने वालों में पथरिया पीर निवासी लल्ला भी शामिल था। उसके बारे में जानकारी हुई है कि वो शराब नहीं पीता था। परिजन भी शराब की बात से इंकार कर रहे है।
शराब पीने की तो हुई पुष्टि, विसरा रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

खास बातें
तीन शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं हुआ मौत का कारण स्पष्ट
पथरिया पीर में शराब के सेवन से मरे हर व्यक्ति की मौत की जांच करेगी पुलिस
एसएसपी बोले, सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी

पथरिया पीर के आकाश, सुरेन्द्र और इंदर ने शराब तो पी थी, लेकिन पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा रिपोर्ट से ही इसका राज खुल पाएगा। उधर पुलिस हर व्यक्ति की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच सीओ से कराई जाएगी। मसलन मरने वाला क्या किसी तरह की दवा इस्तेमाल करते थे या फिर उन्हें वायरल था। शराब के साथ उन्होंने किस तरह का खाद्य पदार्थ लिया था।
शहर के पथरिया पीर में जहरीली शराब के सेवन से छह लोगों की मौत के बाद से पुलिस और आबकारी महकमे की नींद हराम है। बृहस्पतिवार को मौत के मुंह में गए पूर्व फौजी शरण, राजेन्द्र और लल्ला का तो परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार को मरने वाले आकाश, सुरेन्द्र और इंदर के शवों का देर रात मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था।मौत कैसे हुई साफ नहीं हो पाया
शनिवार सुबह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उनकी मौत की गुत्थी सुलझने के बजाए उलझ गई। रिपोर्ट में इनके शराब पीने की तो पुष्टि हुई है, लेकिन मौत कैसे हुई साफ नहीं हो पाया। मेडिकल बोर्ड ने उनका विसरा संरक्षित किया है। अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद उनकी मौत की असली वजह सामने आ पाएगी। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि विसरा परीक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। गैर इरादतन हत्या के मामले की जांच सीओ सदर लोकजीत सिंह करेंगे। प्रत्येक व्यक्ति की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी तह तक जाकर जांच कराई जाएगी।
घरों से मिले खाली पव्वे और बोतल
पुलिस ने शराब पीकर काल का ग्रास बनने वाले लोगों के घरों में तलाशी कराई। पुलिस को उम्मीद थी कि तलाशी में सेवन करने वाली शराब का कुछ अंश मिल सकता है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि घर की तलाशी में खाली पव्वे और बोतल ही मिल पाई है।
पथरिया पीर, चुक्खूवाला, इंद्रा कालोनी, बिंदाल बस्ती, मद्रासी कालोनी, ब्रह्मपुरी व सपेरा बस्ती जैसे शहर में बसे दर्जनों इलाके न सिर्फ बसावत व भौगोलिक परिस्थितियों में एक जैसे हैं, बल्कि यहां रहने वालों का रहन-सहन भी लगभग एक-समान है। इन इलाकों में अवैध देशी शराब का धंधा वर्षों से फलफूल रहा है, लेकिन सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदारों ने आंखें बंद किए रखीं। कोई वोटों की फसल काटने तो कोई उगाही की खातिर धंधेबाजों को संरक्षण देते रहे। इस तरह की बस्तियां दून शहर में हमेशा वोटबैंक के तौर पर इस्तेमाल की जाती रही हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों के बड़े नेताओं की दृष्टि इन लोगों पर रहती है। पथरिया पीर कांड में पीडि़त परिवारों ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाए कि वे ही शराब माफिया को पालते हैं। यह भी आरोप लगते हैं कि इन्हीं वजह से पुलिस सफेदपोशों के दबाव में रहती है।
माफिया के साथ विधायक
जिस शराब माफिया घोंचू को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस वारंट लेकर बीते कई माह से घूमती रही, उसके पोस्टर शहर के एक विधायक के साथ पूरे शहर में लगे हुए थे। पथरिया पीर कांड में भी पुलिस ने घोंचू को ही मुख्य आरोपित बताया है। पोस्टर में घोंचू साथ खड़े विधायक को जन्मदिन की बधाई दे रहा था। उस वक्त सवाल उठे कि अगर घोंचू तड़ीपार है तो शहर में उसके पोस्टर कैसे और किसने लगाए।
उधारी पर चलता है अवैध धंधा


बस्तियों में अवैध शराब का धंधा उधारी पर चलता है। पथरिया पीर के निवासी एक युवक ने बताया कि धंधेबाज पूरे माह का हिसाब डायरी में रखते हैं। चूंकि, बस्ती में शराब पीने वाले बाजार में रोजाना नकद देने में सक्षम नहीं होते, इसलिए धंधेबाजों से ये लोग उधारी में शराब लेते हैं। हालात यह हैं कि उधारी की रकम न देने पर माफिया इनके घर-संपत्ति तक गिरवी रख लेते हैं।
50 पव्वे के बनाते हैं 200 पव्वे
अवैध शराब के धंधेबाज लोगों की जान से खेल मोटा मुनाफा कमाते हैं। सूत्रों ने बताया कि ये आबकारी विभाग के ठेकों से केवल 50 पव्वे शराब के खरीदते हैं और मिलावट के जरिये उसके 200 पव्वे बना देते हैं। यही नहीं इनका नेटवर्क कबाड़ियों से भी होता है व उनसे पव्वे की खाली बोतलें खरीदते हैं। ये देशी शराब में रेक्टीफाइड स्प्रिट, थिनर व मिथाइल एल्कोहल, नौसादर, यूरिया मिलाते हैं। उसके बाद खाली बोतलों में इस शराब को भरकर उस पर लेवलिंग व सिलिंग कर लोगों को कम दाम में बेची जाती है। अगर बाजार में पव्वा 40 रुपये का है तो धंधेबाज मिलावटी शराब का पव्वा 25 रुपये में दे देते हैं। सस्ती व उधार की शराब के फेर में लोग इस जाल में फंस जाते हैं।
घर-घर में जान लील रही शराब
पथरिया पीर इलाके की हालत ऐसी है कि यहां घर-घर में शराब के लती हैं। स्थिति ये है कि बड़ी संख्या में बच्चे से लेकर अधेड़ तक शराब का रोजाना सेवन कर रहे। लोगों की मानें तो यहां अवैध शराब पीने वालों में कोई अकेला ही होगा जो पचास साल उम्र पार कर पाता हो। यह तो पहली बार हुआ कि एकसाथ छह मौत हो गई और जहरीली शराब के धंधे का भंड़ाफोड़ हुआ, वरना हर साल इसी शराब के सेवन से अस्सी से सौ लोग अपनी जान गवां देते हैं।
आबकारी विभाग के पांच सिपाही निलंबित
पथरिया पीर की घटना के बाद आबकारी विभाग के पांच सिपाहियों को निलंबित किया गया है। इनमें दो प्रधान आबकारी सिपाही और तीन सिपाही शामिल हैं। प्राथमिक जांच के बाद इनकी लापरवाही सामने आई है। इसके अलावा आयुक्त ने डीएम और एसएसपी से इस मामले में संयुक्त रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं आज मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र पंवार पथरिया पीर इलाकें में निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान वह मृतकों के परिजनों से मिले। कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन लोगों को भी जागरुक होना होगा।
जहरीली शराब के सेवन से छह लोगों की मौत के बाद कार्रवाई का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को एक इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं को निलंबित किया गया था। उसके बाद शनिवार को आयुक्त आबकारी सुशील कुमार ने प्रधान आबकारी सिपाही भारू सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही दिनेश सिंह रावत, सिपाही किरण बिष्ट, सिपाही मोहम्मद आफताब और सिपाही ललिता नेगी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद इनकी लापरवाही सामने आई है। क्षेत्र में पर्याप्त चेकिंग और प्रवर्तन में कमी पाई गई है।
इसके अलावा आयुक्त ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी से इस मामले में संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा है। शासन से यह रिपोर्ट उनके पास आएगी, उसके बाद इसमें और भी कार्रवाई की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
चार एम्स में भर्ती
देहरादून में कच्ची शराब के सेवन से बीमार हुए पांच लोगों को एम्स में भर्ती किया गया है। इनमें एक को डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष सभी एम्स में उपचाराधीन हैं। एम्स पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि कच्ची शराब प्रकरण सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। बृहस्पतिवार को देहरादून के बिंदाल नदी से लगे पथरिया पीर इलाके में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इसमें कई लोगों की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई है।
बीती रात्रि शराब के सेवन से बीमार हुए चार लोगों अंशुल (26) पुत्र देशराज, अविनाश (25) पुत्र अजय, करण (25) पुत्र राजेंद्र, राजू (63) पुत्र जागड़ निवासी नेशविला रोड देहरादून को एम्स में भर्ती किया गया है। एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि इनसे पहले भर्ती हुए प्रवीन (27) पुत्र जगदीश निवासी नेशविला रोड को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। वर्तमान में सभी चार मरीजों की हालत खतरे से बाहर हैं।
देसी शराब के चार सैंपलों की जांच रिपोर्ट सामान्य
जहरीली शराब कांड में आबकारी विभाग को थोड़ी राहत मिली है। शुक्रवार रात लिए गए 37 सैंपलों में से चार सैंपलों की जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गई है। इनमें कनाट प्लेस स्थित देसी शराब के ठेके का सैंपल भी शामिल हैं, इससे घटना वाले क्षेत्र में शराब लाने की बात बताई जा रही है। तीन सैंपल कुआंवाला डिस्टिलरी के भी सामान्य पाए गए हैं। आबकारी विभाग के अनुसार अभी 33 सैंपलों की रिपोर्ट आनी शेष है।
जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार शाम ठेकों से 26 सैंपल लिए थे। इसके अलावा 11 सैंपल अलग-अलग बैच के कुआंवाला स्थित दून डिस्टिलरी से लेकर जांच के लिए भेजे थे। शुक्रवार रात को ही प्रयोगशाला को सक्रिय कर दिया था। शनिवार दोपहर तक कनाट प्लेस स्थित ठेके और कुआंवाला डिस्टिलरी के तीन सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं पाई गई है। अन्य सैंपलों की जांच अभी की जा रही है। रविवार तक लगभग सभी सैंपलों की रिपोर्ट आने की संभावना है।
अग्रिम आदेशों तक ठेके रहेंगे बंद
देसी शराब के ठेके जिले में दूसरे दिन शनिवार को भी बंद रखे गए। इसके अलावा घंटाघर और इसके आसपास के अंग्रेजी शराब के ठेकों को भी शनिवार को बंद रखा गया। जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय ने बताया कि अग्रिम आदेशों तक ठेके बंद रहेंगे। इधर, ठेकों को बंद रखने के आदेशों के बाद ठेकेदारों की परेशानी बढ़ गई है। पहले से जिले के लगभग सात ठेके बंद चल रहे हैं। यदि कुछ दिन ये ठेके बंद रहे तो ठेकेदारों और विभाग की परेशानी और बढ़ सकती है।
आबकारी विभाग के दारोगा की भूमिका पर उठ रहे सवाल
बिंदाल बस्ती में अवैध शराब का धंधा करने वालों के साथ आबकारी के एक दारोगा की मिलीभगत की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि अक्सर इस दारोगा को बस्ती में आते जाते और इन लोगों से मिलते जुलते देखा गया है। इस संबंध में आबकारी विभाग ने भी पड़ताल शुरू कर दी है।
पथरिया पीर में हुई छह मौत से आबकारी और पुलिस महकमे पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पहले भी कई कर्मचारियों की मिलीभगत की बात सामने आई थी। इनके खिलाफ अधिकारियों को शिकायत भी की जा चुकी है। शुक्रवार की घटना के बाद अब आबकारी के एक दारोगा और तस्करों की साठगांठ भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि उसकी शह पर ये तस्कर ठेकों से बड़ी मात्रा में शराब खरीदते थे और फिर इन्हें 10 या 15 रुपये प्रति पव्वा मुनाफा लेकर लोगों को बेचते थे। चर्चा है कि यह दारोगा कई बार इन तस्करों के साथ दावतें उड़ाते भी बस्ती वालों ने देखा है। इस संबंध में अब विभाग ने बस्ती वालों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि इस मामले में हर पहलू पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी विभाग ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले में आबकारी विभाग से रिपोर्ट तलब की थी। शुक्रवार को इस घटना और अब तक हुई सारी कार्रवाई की रिपोर्ट आबकारी विभाग ने डीएम को सौंप दी है। जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय ने बताया कि इस रिपोर्ट में सैंपल और उनकी रिपोर्ट भी शामिल हैं। डीएम को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
पूरे गिरोह का खुलासा करे पुलिस: धस्माना
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि शहर के बीचोंबीच बसी मलिन बस्ती पथरिया पीर में हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं। लगातार लोगों की तबियत बिगड़ रही है। एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में और मौत हो गई है। शनिवार शाम पथरिया पीर का दौरा करने के बाद धस्माना ने स्थानीय लोगों से बातचीत और पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में लोग बस्ती में बीमार हैं। तीन लोगों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें अलग-अलग हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। जिसमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शराब के अवैध कारोबार को पूरी तरह नष्ट करें। यदि सरकार ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस इसके विरुद्ध प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। आरोप लगाया कि राजधानी समेत पूरे राज्य में अवैध शराब का धंधा सरकार के रसूखदार लोगों के संरक्षण में फल फूल रहा है।

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