नया डर: शरीर में 39 दिन तक घर बनाये रह सकता है कोरोना विषाणु

कोरोना वायरस पर चौंकाने वाला खुलासा, शरीर में 39 दिन तक छुपा रह सकता है यह Virus
फाइल फोटो
कोरोना वायरस पर रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. डॉक्टर मान रहे थे कि ये वायरस सिर्फ 10-15 दिन तक ही जिंदा रह सकता है.
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) पर रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. ये जानलेवा वायरस न सिर्फ अपना रूप बदल रहा है बल्कि कई नए खुलासे भी हो रहे हैं. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि ये वायरस लगभग डेढ़ महीने तक जिंदा रह सकता है. अब तक दुनियाभर के डॉक्टर मान रहे थे कि ये वायरस सिर्फ 10-15 दिन तक ही जिंदा रह सकता है.
8 से 39 दिन तक रह सकता है जिंदा
ब्रिटेन की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिका ‘लैंसेट’ में छपे इस शोध के अनुसार कोरोना वायरस 39 दिन तक जिंदा रह सकता है.अमेरिका के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेशं (सीडीसीपी) ने दावा किया है कि कोरोना वायरस किसी सामान्य व्यक्ति के शरीर में कुछ दिन तक ही रहता है. लेकिन अगर ये घातक रूप धारण कर ले तो मरीज के शरीर में 39 दिन तक रह सकता है.
चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित और मर चुके लोगों को रिकॉर्ड पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ये घातक रूप धारण कर ले तो कोई भी एंटीवायरल दवा इस पर असर नहीं कर पाती है.
20 दिन तो वायरस का असर रहता ही है
वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस किसी भी संक्रमित व्यक्ति के शरीर में कम से कम 8 दिन तक रहता ही है. लेकिन जो लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं उनमें औसतन ये वायरस लगभग 20 दिन तक रहता ही है.
उल्लेखनीय है कि अभी भी कोरोना वायरस होने पर लोगों को सिर्फ 14 दिन के लिए ही अलग रहने की हिदायत दी जा रही है. लेकिन वैज्ञानिकों का नया खुलासा लोगों को घर में रहने के दिनों में बढ़ोतरी भी कर सकता है. हालांकि वैज्ञानिक अभी किसी भी मरीज को 30 दिन तक क्वारंटाइन की सिफारिश नहीं कर रहे हैं.
देश के 30 राज्यों में लागू हुआ लॉकडाउन
इस बीच भारत में खबर है कि देश के 30 राज्यों में लॉकडाउन लागू करने का फैसला लिया गया है. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का ऐलान, कल से 3 दिनों के लिए पूरा उत्तर प्रदेश लॉकडाउन पीएम मोदी आज रात आठ बजे देश को संबोधित करेंगे
कोरोना वायरस पर WHO के अधिकारी ने दिया बड़ा बयान, लॉकडाउन को एकमात्र उपाय समझना नाकाफी

माइक रेयान, सीनियर इमरजेंसी एक्सपर्टी (फाइल फोटो)
कोरोना वायरस से 3,81 लाख लोग संक्रमित हो चुके है.
अगर आप समझ रहे हैं कि कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचाव के लिए लॉकडाउन सही कदम है तो आप गलत भी हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कहकर सबको चौंका दिया है कि शहरों और देशों को सिर्फ लॉकडाउन करके ही कोरोना वायरस से बचाने वाला उपाय नाकाफी है. उन्होने जो तर्क दिया है वो हम सभी को सोचने पर मजूबर कर सकता है.
लॉकडाउन क्यों नहीं है नाकाफी
WHO के सीनियर इमरजेंसी एक्सपर्ट माइक रेयान (Mike Ryan) का कहना है कि सरकारों द्वारा सिर्फ लॉकडाउन करके कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने का प्रयास करने से कुछ नहीं होने वाला.उनका कहना है कि लॉकडाउन के बाद जब सभी शहरों को राज्यों को खोल दिया जाएगा तो इससे आम जनता की भीड़ अचानक से सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ पड़ेगी.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेयान का कहना है कि अगर सही और कड़े कदम नहीं लिए गए तो कोरोना वायरस एक ब्रेक के बाद ज्यादा आक्रामकता से लोगों पर हमला कर सकता है.
3.81 लाख से ज्यादा लोग है प्रभावित
जॉन हॉपकिंस की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से 3,81 लाख लोग संक्रमित हो चुके है. इनमें से 16,559 लोग अब तक दम तोड़ चुके हैं. लेकिन इसके साथ ही एक अच्छी बात ये है कि अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद 1.01 लाख लोग ठीक भी हो चुके हैं।
दुनिया के ज्यादातर देशों ने कर रखा है लॉकडाउन
जानकारों का कहना है कि दुनिया के ज्यादातर कोरोना संक्रमित देशों ने लॉकडाउन कर दिया है. इटली, ईरान, अमेरिका और तमाम यूरोपीय देशों ने आम लोगों को घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *