संसद तीन अप्रैल तक चलना दुष्यंत की कोरोना जांच पर निर्भर

कनिका कपूर की एक गलती से संसद तक पहुंचा कोरोना, सजा कितनों को मिलेगी?
कनिका कपूर की एक गलती से संसद तक पहुंचा कोरोना, सजा कितनों को मिलेगी?
खतरा, सावधानी और उम्मीद. इन तीन बातों के बीच हम और आप कोरोना वायरस से बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन ये लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब आप संक्रमण के चेन ब्रेकर (Chain-Breaker) बनेंगे.कनिका कपूर ने यही नहीं किया.कनिका कपूर की वजह से लखनऊ,कानपुर, नोएडा से लेकर दिल्ली में संसद तक सबकी चिंता बढ़ गई है.ये समय पिकनिक और पार्टी करने का नहीं है.ये समय है संयम और संकल्प का.कोरोना वायरस का खतरा आपका जीवन रीसेट कर रहा है.जो इसे मान नहीं रहे,जो इससे टकरा रहे हैं,वे खुद को ही नहीं,अपने परिवार,अपने आसपास के लोगों और पूरे समाज को खतरे में डाल रहे हैं.कोरोना वायरस के प्रलय काल में अगर आप पिकनिक और पार्टी करेंगे, तो वही होगा जो बॉलीवुड की सिंगर कनिका कपूर के मामले से हुआ है. जिससे कोरोना वायरस का खतरा संसद तक पहुंच गया है.
इस समय दुनिया की हालत कुछ ऐसी है.हमारी पृथ्वी यानी पूरी दुनिया पर एक तरह से क्लोज्ड का टैग लग गया है. यानी पूरी दुनिया बंद हो गई है.हमारे यहां भी यही हालात बन रहे हैं.आज की सबसे बड़ी ख़बर यही है कि कल रात 12 बजे से परसों रात 12 बजे तक देश में कोई ट्रेन नहीं चलेगी.आज ही महाराष्ट्र में मुंबई,पुणे,नागपुर सहित 4 शहरों को बंद करने का ऑर्डर दिया गया.सिर्फ बैंक,मेडिकल स्टोर और राशन स्टोर जैसी ज़रूरी सेवाएं ही चलेंगी.दिल्ली में भी सभी शॉपिंग मॉल्स को बंद कर दिया गया है.ये सब इसलिए क्योंकि कोरोना वायरस पर उस चेन को तोड़ने की बड़ी चुनौती है जिसकी वजह से ये संक्रमण खतरनाक है.इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग की बात पूरी दुनिया में की जा रही है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होगा तो कोरोना वायरस की चेन हमारे जीवन के लिए जंजीर बन जाएगी.
भारत में कोरोना वायरस के संकट काल में आज की तीन बड़ी बातें हैं:
पहली बात खतरे की- जो कनिका कपूर जैसे लोगों की लापरवाही से बढ़ता है.
दूसरी बात सावधानी की- जिसमें जनता कर्फ्यू और शट डाउन जैसे कदम जरूरी हैं.
तीसरी बात उम्मीद की-क्योंकि चीन में पिछले दो दिनों से कोरोना वायरस का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है.
कोरोना वायरस संक्रमण के चेन ब्रेकर बनें
खतरा, सावधानी और उम्मीद.इन तीन बातों के बीच हम और आप कोरोना वायरस से बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन ये लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब आप संक्रमण के चेन ब्रेकर (Chain-Breaker) बनेंगे.कनिका कपूर ने यही नहीं किया.कनिका कपूर की वजह से लखनऊ, कानपुर, नोएडा से लेकर दिल्ली में संसद तक सबकी चिंता बढ़ गई है.11 दिन पहले लंदन से लौटीं कनिका कपूर कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई.यही बात सामने आई है कि उन्होंने सावधानी नहीं बरती,खुद को अलग नहीं रखा.लखनऊ में 3 से 4 पार्टियां कीं.कानपुर भी गईं और करीब 300 से 400 लोगों के संपर्क में आईं.लखनऊ में कनिका कपूर जिस पार्टी में थीं, वो नेताओं की पार्टी थी.उसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,उनके बेटे और सांसद दुष्यंत सिंह और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह भी थे.कई और नेताओं की पत्नी, बेटे, बेटियां भी इसमें शामिल थे.
अब वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह सेल्फ आइसोलेशन में चले गए हैं. लेकिन कोरोना वायरस की बड़ी चुनौती यही है कि एक के बाद एक संक्रमण की चेन बन जाती है.सांसद दुष्यंत सिंह तो संसद की कार्यवाही में हिस्सा भी ले रहे थे और राष्ट्रपति से भी मिलकर आए थे.एक ग्रुप फोटो में राष्ट्रपति के ठीक पीछे दुष्यंत सिंह खड़े दिखाई दे रहे हैं.इसलिए सबकी चिंता और बढ़ गई है.दुष्यंत सिंह से मिलने वाले नेताओं में दीपेंद्र हुड्डा,अनुप्रिया पटेल,डेरेक ओ ब्रायन ने भी खुद को आइसोलेश्न में रख लिया है.
टाइम बम की तरह होता है कोरोना पीड़ित
एक कोरोना पीड़ित कैसे टाइम बम की तरह होता है ये कनिका कपूर के मामले से आपको पता चल रहा होगा. कनिका जिस पार्टी में थी,उसमें शामिल यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह भी आइसोलेशन में चले गए हैं.जय प्रताप सिंह कल ही नोएडा भी आए थे.उनके कार्यक्रमों में गौतमबुद्ध नगर के तीनों विधायक,ज़िलाधिकारी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी शामिल थे. यानी अब इन सभी पर संक्रमण का खतरा है.
9 मार्च को कनिका कपूर लंदन से मुंबई आई थीं.एक दिन वो मुंबई में ही रुकीं.11 मार्च को वो लखनऊ पहुंचीं. लखनऊ में उनके माता-पिता रहते हैं.लखनऊ में 13,14 और 15 मार्च को कनिका ने लगातार तीन दिन पार्टी की. 15 मार्च की पार्टी पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी के घर पर थी.इसी पार्टी में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उनके पुत्र दुष्यंत सिंह और दूसरे कई नेता भी थे.दुष्यंत सिंह राजस्थान के झालावाड़ से सांसद हैं.18 मार्च को यानी तीन दिन बाद कनिका कपूर में कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण दिखाई दिए.19 मार्च को उनका सैंपल लिया गया,जिसके बाद आज पता चला कि वो कोरोना पॉजिटिव हैं.
अब उनको लखनऊ में आइसोलेशन में रखा गया है.लेकिन अगर उन्होंने पहले सावधानी बरती होती, जिम्मेदारी दिखाई होती,तो ये नौबत नहीं आती.दूसरे लोगों पर खतरा ना आता.अब उनकी उन पार्टियों के वीडियो आ रहे हैं.तस्वीरें आ रही हैं.जो पार्टियां इन्होंने लंदन से लौटकर पिछले 11 दिन में की थीं. इसे देखकर आप सभी को गुस्सा भी आएगा कि सब जानते हुए भी लोग कैसी लापरवाही करते हैं. पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खतरे को समझ रही है.कोरोना वायरस के खतरे से लड़ रही है.फिर भी हमारी सोसाइटी के पढ़े-लिखे लोग इसे अनदेखा करते हैं.
कोरोना संदिग्ध के तौर पर खुद आइसोलेशन में रखने वाले यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ने 19 मार्च को ग्रेटर नोएडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल पत्रकारों पर भी संक्रमण का संदेह हो सकता है.इससे आपको समझना चाहिए कि हम पत्रकारों का काम इस संकट काल में कितना कठिन है.
एयरपोर्ट की स्क्रीनिंग से बचकर निकल गई थीं कनिका कपूर
कनिका कपूर पर यही आरोप है कि वो एयरपोर्ट की स्क्रीनिंग से बचकर निकल गई थीं.हालांकि उन्होंने इस आरोप का खंडन किया लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि जानकारी छुपाए जाने पर कनिका पर केस दर्ज किया जाएगा. कनिका कपूर का मामला दक्षिण कोरिया के एक मामले की तरह ही है.दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस 31वां मरीज ऐसा था जिसने 4 हज़ार 800 लोगों को संक्रमित किया था.समय रहते इस संक्रमित व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई थी.ये आम लोगों के बीच घूमता-फिरता रहा. इससे पहले के 30 मरीजों की समय पर पहचान हो जाने से दक्षिण कोरिया में हालात काबू में दिख रहे थे.लेकिन जैसे ही 31वें मरीज का केस सामने आया,दक्षिण कोरिया में अचानक से मामले बढ़ गए.
भारत में 30 जनवरी को सामने आया था कोरोना वायरस का पहला मामला
सोशल डिस्टेंसिंग से कैसे कोरोना को रोका जा सकता है.ये आप इस वायरल वीडियो से समझ सकते हैं.कनिका कपूर जैसे कोरोना कैरियर से ही हमें बचना है.हमें कनिका कपूर नहीं बनना है.इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग की बात पर बहुत ज़ोर दिया जा रहा है. आप खुद को अलग रखें.भीड़ से दूर रखें. तो खुद को भी बचाएंगे और बाकी लोगों को भी बचाएंगे.भारत में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या बढ़कर 223 हो गई है.पिछले 24 घंटों में 50 नए मामले सामने आ चुके हैं.भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था और इसके ठीक एक दिन बाद यानी 31 जनवरी को इटली में इस वायरस का पहला मामला सामने आया था .
करीब 4 हफ्तों के बाद इटली वहीं खड़ा था,जहां आज भारत खड़ा है.फरवरी के आखिर हफ्ते तक इटली में सिर्फ 229 मामले सामने आए थे लेकिन पिछले तीन हफ्तों में इटली में 41 हज़ार से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और तीन हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है .अमेरिका में 12 मार्च तक कोरोना वायरस के सिर्फ 1500 मामले सामने आए थे और पिछले 8 दिनों ये आंकड़ा 10 हजार से ऊपर जा चुका है.
ये आंकड़े हम आपको डराने को नहीं दिखा रहे बल्कि सिर्फ ये समझाने के लिए दिखा रहे हैं कि आपको इस वायरस को लेकर ज्यादा सजग और सतर्क रहना है.इन सभी देशों में वायरस के फैलने की शुरुआत किसी एक व्यक्ति से हुई थी और देखते ही देखते स्थितियां नियंत्रण से बाहर हो गई. यानी किसी एक व्यक्ति की नासमझी पूरे देश को संकट में डाल सकती है.कनिका कपूर ने भी ठीक ऐसी ही नामसमझी की है.अब आप सोचिए कि ये सैंकड़ों लोग अगर कनिका कपूर के साथ पार्टी में शामिल न हुए होते,इन लोगों ने संयम और संकल्प का परिचय दिया होता तो शायद इतना हड़कंप नहीं मचता और एक राज्य के इतने सारे शहर बंद के करीब न पहुंचते.
कनिका कपूर के साथ पार्टी में सैंकड़ों लोग शामिल हुए थे, उन सैंकड़ों लोगों के परिवारों में हज़ारों लोग रहते होंगे और ये हज़ारों लोग भी किसी ना किसी सोसाइटी,बिल्डिंग या कॉलनी का हिस्सा होंगे.ये हज़ारों लोग सैंकड़ों दुकानों पर गए होंगे,इन लोगों ने कई लोंगों से हाथ मिलाया होगा,वस्तुओं का आदान-प्रदान किया होगा या साथ में बैठकर खाना खाया होगा.आज इसी वजह से पूरा लखनऊ संकट में आ गया है.
अमेरिका के एक बड़े वैज्ञानिक डॉक्टर Anthony Fauci (एंथनी फाउची) का मानना है कि कोरोना वायरस का एक मरीज़ कम से कम दो लोगों को संक्रमित करता है.एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण की इस दर को RO यानी R Naught कहा जाता है.डॉक्टर फाउची के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित दो लोग अपने आसपास करीब 5 लोगों को संक्रमित कर सकते हैं.ये पांच लोग करीब 12 लोगों को संक्रमित करने में सक्षम हैं और इस तरह से ये आंकड़ा बढ़ता रहता है .
छोटी सी लापरवाही से हजारों लोगों का जीवन दांव पर
कनिका कपूर के मामले में भी ऐसा ही होने का डर है. आपकी छोटी सी लापरवाही कैसे सैंकड़ो हज़ारों लोगों के जीवन को बर्बाद कर सकती है..ये समझने के लिए आपको आज एक वीडियो देखना चाहिए.ये वीडियो कोरोना वायरस को लेकर आपकी सोच हमेशा के लिए बदल देगा.आप समझ गए होंगे कि वायरस से बचने का सबसे आसान उपाय है कम से कम लोगों से मिलना.इसके अलावा जिन्हें संक्रमण है उनकी कॉन्टैक्स ट्रेसिंग (contact tracing) करना, यानी संपर्क में आने वाले सभी लोगों का पता लगाना और ऐसे लोगों को दूसरों से अलग थलग यानी क्वारंटाइन (Quarantine) करना भी कारगर उपाय है.लेकिन भारत जैसे देश में हज़ारों लोगों को क्वारंटाइन करना चुनौती भरा काम हो सकता है,इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.
संसद और राष्ट्रपति भवन तक मचा हड़कंप

अब आप समझ गए होगे कि कैसे शहर-शहर कनिका कपूर जैसे संक्रमित लोग घूम रहे हैं,ये लोग प्रशासन से अपनी जानकारियां भी छिपा रहे हैं और दूसरों की जान को खतरा बन रहे हैं. यानी ये लोग चलते फिरते टाइम बम हैं जो कभी भी सैंकड़ों लोगों की जान ले सकते हैं.अब आप सोचिए कनिका कपूर के संपर्क मे आए सैंकड़ों लोग अगर पार्टियों में नहीं जाते,राजनेताओं ने भी थोड़ी समझदारी दिखाई होती,खुद इन पार्टियों का हिस्सा बनने की बजाय अगर उन्होंने दूसरों को भी रोका होता तो शायद आज लखनऊ से लेकर देश की संसद और राष्ट्रपति भवन तक ऐसा हड़कंप नहीं मचता.
कल प्रधानमंत्री मोदी ने भी देश के लोगों से अपील की थी कि वो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.यानी बाहरी लोगों के संपर्क में ना आएं और संयम और शक्ति के बल पर इस वायरस को हराने में अपनी भूमिका निभाएं.अगर अब भी आपको लापरवाही से पैदा होने वाले खतरों का एहसास नहीं हुआ है तो आपको प्रधानमंत्री मोदी की ये अपील एक बार फिर सुननी चाहिए
संसद 3 अप्रैल तक चलेगी या नहीं? दुष्यंत सिंह की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें


कोरोना वायरस की शिकार हुईं बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की पार्टी में शिरकत करने के बाद संसद भवन में कई सांसदों के साथ दुष्यंत सिंह के उठने-बैठने से हड़कंप मचा है.
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) की शिकार हुईं बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर (Kanika Kapoor) की पार्टी में शिरकत करने के बाद संसद भवन में कई सांसदों के साथ दुष्यंत सिंह (Dushyant singh) के उठने-बैठने से हड़कंप मचा है.उनके संपर्क में आने के कारण अनुप्रिया पटेल,संजय सिंह,डेरेक ओ’ब्रायन सहित करीब आधे दर्जन सांसद ‘सेल्फ आइसोलेशन’ में जा चुके हैं.खुद दुष्यंत भी अब आइसोलेशन में हैं.ऐसे हालात में अब संसद के मौजूदा सत्र को स्थगित करने की मांग उठने लगी है.यह मांग उठाने वालों में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन सबसे आगे हैं.
सूत्रों का कहना है कि मां वसुंधरा राजे के साथ लखनऊ के होटल ताज में एक पार्टी के दौरान कनिका के संपर्क में आए सांसद दुष्यंत सिंह की कोरोना जांच की रिपोर्ट पर ही संसद सत्र का चलना निर्भर करेगा. अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो फिर संसद सत्र निर्धारित तीन अप्रैल तक चल सकती है, नहीं तो सत्र को समय से पहले खत्म किया जा सकता है, क्योंकि सांसदों को जाने-अनजाने में इसकी चपेट में आने का खतरा दिख रहा है।
दरअसल, लखनऊ में 15 मार्च को कनिका कपूर की पार्टी में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह शामिल हुए थे. शुक्रवार को कनिका कपूर के कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आने के बाद से वसुंधरा और दुष्यंत स्व-एकांतवास (सेल्फ आइसोलेशन) में चले गए हैं. खास बात यह कि 15 मार्च की इस पार्टी में शिरकत करने के अगले दिन 16 मार्च को दुष्यंत सिंह संसद भवन पहुंचे थे और उन्होंने कार्यवाही में हिस्सा लिया था.
96 सांसदों में हड़कंप मचा
वहीं 18 मार्च की सुबह राष्ट्रपति भवन में आयोजित ब्रेकफास्ट पार्टी में वह उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुल 96 सांसदों के साथ हिस्सा लिए थे. दुष्यंत के कनिका कपूर की पार्टी में जाने और फिर एहतियातन आइसोलेशन में चले जाने के बाद 96 सांसदों में हड़कंप मचा है. दुष्यंत ने संसद में स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में हिस्सा लेने के साथ कई अन्य सांसदों के साथ भी मेलमिलाप किया था. ऐसे में संपर्क में आए सांसदों को डर है कि कहीं कनिका की वजह से दुष्यंत संक्रमित हुए तो फिर वह भी चपेट में आ सकते हैं. ऐसे सांसद कोरोना का टेस्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं.
सूत्रों का कहना है कि दुष्यंत सिंह की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संदेह के घेरे में आए सांसदों को राहत मिल सकेगी. अगर दुष्यंत की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो फिर संसद सत्र को स्थगित किया जा सकता है. जिस तरह से कोरोना पॉजिटिव महिला की पार्टी से लौटे दुष्यंत सिंह संसद परिसर में तमाम लोगों के संपर्क में आए, उससे सांसद डरने लगे हैं. उन्हें लग रहा है कि संसद आना अब खतरे से खाली नहीं है.

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