मंगल शाम नये 134 केसों में ऊधममिंहनगर से 26,दून से 25 ;प्रदेश में 2535

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2535 पहुंची, अबतक 30 की मौत
प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 2,535 हो गई है. वहीं, अब तक 1602 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं.

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में मंगलवार को 134 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है. वहीं, अब तक उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2,535 पहुंच चुका है. जबकि, 1602 मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं.

लगातार संक्रमण के बढ़ते मामले ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.अभी भी प्रदेश में 933 एक्टिव केस हैं.वही, प्रदेश में 30 कोरोना संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है,लेकिन स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन मरीजों की मौत अन्य बीमारियों की वजह से हुई है.जिलेवार कोरोना संक्रमण के आंकड़े:-uttarakhand corona updateउत्तराखंड कोरोना अपडेट .

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या थमने का नाम ही नहीं ले रही। मंगलवार को प्रदेश में 134 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2500 के पार पहुंच गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, ऊधमसिंह नगर में 26 करोना संक्रमित मिले हैं। वहीं पौड़ी में 20,चमोली में चार,देहरादून में 25,टिहरी में 15,अल्मोड़ा में 14,नैनीताल में आठ,रुद्रप्रयाग में दो,हरिद्वार में नौ, उत्तर काशी में पांच,बागेश्वर में चार और चंपावत में दो कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए हैं।
इसे मिलाकर अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2535 पहुंच गई है। वहीं,प्रदेश में अब तक 1602 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि अभी भी 920 एक्टिव केस हैं। जबकि अब तक 30 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है ।
दून मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत
कोरोना पॉजिटिव एक मरीज की मंगलवार को दून अस्पताल में मौत हो गई। प्राइवेट अस्पताल में मरीज के हृदय का ऑपरेशन हुआ था। मरीज के हार्ट में स्टंट डाले गए थे। इसी दौरान कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने के बाद मरीज को दून अस्पताल पहुंचाया गया,जहां कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नई नागली माजरा, जिला सहारनपुर निवासी 55 वर्षीय मरीज को हृदय संबंधी समस्या के चलते टर्नर रोड स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सोमवार देर रात को मरीज की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत इसकी जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय और दून अस्पताल प्रबंधन को दी। रात करीब तीन बजे मरीज को प्राइवेट अस्पताल की एंबुलेंस से ही दून अस्पताल पहुंचाया गया। यहां मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया।
हालांकि कुछ ही देर में मरीज ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल चौकी और शहर कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। कोरोना के स्टेट कॉर्डिनेटर व दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डाक्टर एनएस खत्री ने बताया कि मरीज के परिजनों की जानकारी जुटाकर उन्हें भी आइसोलेट किया जा रहा है।
कोविड-19 पर आपदा प्रबंधन ने जारी की किताब
आपदा प्रबंधन विभाग ने कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने की अपील के साथ एक किताब प्रकाशित की है। इसमें कार्टून, ग्राफिक्स के जरिए संक्रमण की रोकथाम के उपाय और क्या करना है और क्या नहीं करना है की जानकारी दी गई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही लोग संक्रमण की भ्रांतियों का शिकार हो रहे हैं। कुछ दूूध, सब्जी आदि पर हाथ नहीं लगा रहे हैं तो कुछ को डर है कि हवा से कोरोना फैलता है। इसी तरह के कई मुद्दों पर आपदा प्रबंधन की यह किताब तथ्यपरक जानकारी देने की कोशिश है।
किताब की खासियत ये भी है कि इसमें चित्रों और कार्टून के जरिए संक्रमण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही लॉकडाउन में घर पर रहने, सोशल डिस्टेंस का पालन करने, मास्क सही तरीके से पहनने, हाथों को बार-बार साबुन से धोने, होम क्वारंटीन के नियम आदि की जानकारी भी कार्टून और स्थानीय भाषा में इसमें दी गई है। मसलन, घर पर ही रुकने की अपील कुछ इस तरह से है – रेल रुकी, जहाज रुकी, रुक ग्या सरया संसार, अब तू भी रुक जा रे उत्तराखंडी, न रुकी त भुगतलू सारा गढ़वाल।
टनकपुर सीमा से नेपाल ने हटाईं कोरोना संक्रमण की रोकथाम को बनी तीन अस्थायी पोस्टें
नेपाल ने टनकपुर सीमा पर अस्थायी रूप से स्थापित की गईं सशस्त्र पुलिस की तीन पोस्टों को हटा दिया है। बताया गया कि सशस्त्र पुलिस की ये तीनों पोस्टें कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सीमा सील होने के बाद नेपाल ने अस्थायी रूप से स्थापित कीं थीं। सीमा पर निगरानी रख रही भारतीय खुफिया एजेंसी ने भी इस बात की पुष्टि की है।
सीमा पार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक टनकपुर से लगी नेपाल सीमा के मटैना में स्थापित सशस्त्र पुलिस की दो अस्थायी पोस्टों को हटाकर वहां तैनात फोर्स को कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर बुला लिया गया है। नेपाल के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सशस्त्र पुलिस की ये तीनों पोस्टें कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अस्थायी रूप से स्थापित की गईं थीं।
इन पोस्टों का उद्देश्य भारत से लौट रहे प्रवासियों के गुपचुप तरीके से इस सीमा से नेपाल में प्रवेश को रोकना था। चूंकि अब भारत से नेपाल के प्रवासियों के लौटने की संख्या कम हो गई है तो इन पोस्टों का कोई औचित्य नहीं रह गया था। इधर, सीमा पर निगरानी रख रही एक खुफिया एजेंसी ने भी इस बात की पुष्टि की है।

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