कोरोना पर अफवाह में दून में दूसरा वाट्सेपिया गिरफ्तार

देहरादून 22 मार्च।कल शनिवार को आपदा कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि व्हाट्सएप ग्रुप पर कोई व्यक्ति दिलाराम चौक स्थित एक मेडिकल शॉप के मालिक की लड़की अमेरिका से 07 मार्च को घर आने तथा उसमें कोरोना वायरस के लक्षण पॉजिटिव पाए जाने व उसकी शॉप पर न जाने की सलाह देने संबंधी एक मैसेज तेजी से वायरल कर रहा है,जिससे लोगों में भय है। इस सूचना पर पुलिस ने वायरल हो रहे मैसेज के बारे में जानकारी की गई तो उक्त मैसेज 22 ओल्ड सर्वे रोड निवासी राहुल कुमार (पुत्र एस0के0 आर्यन) ने अपनी कॉलोनी के ग्रुप में भेजा था । राहुल कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसे उक्त मैसेज प्रखर गुप्ता (पुत्र प्रवीण गुप्ता निवासी 2 बी कालिदास रोड, थाना कोतवाली नगर देहरादून) ने भेजा था तथा उसने कथित रूप से सुरक्षा को यह मैसेज कॉलोनी वालों को प्रेषित किया था। इसके बाद प्रखर गुप्ता से जानकारी की गई तो मैसेज प्रखर गुप्ता ने जनरेट किया गया प्रकाश में आया। मेडिकल स्टोर के मालिक से जानकारी की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि उनकी पुत्री 19 मार्च को अमेरिका से वापस आई थी, जिसे घर पर ही कोरेनटाइन किया गया है। प्रखर गुप्ता को आज शांति एवं कानून व्यवस्था के दृष्टिगत गलत जानकारी प्रसारित कर लोगो में भय का माहौल बनाने पर अंतर्गत धारा 151 सीआरपीसी में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। *राज्य पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार सतर्क दृष्टि रखी हुई है तथा झूठी सूचना प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी।*
कोरोना के बारे में अफवाह फैलाने पर खानी पड़ी जेल की हवा,15 अन्य से भी पूछताछ
कोरोना वायरस के मद्देनजर बाजार और सब्जी मंडी बंद होने की अफवाह फैलाने के आरोप में कैंट कोतवाली पुलिस ने डेयरी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शांतिभंग के तहत कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया है। कोरोना के मद्देनजर अफवाह फैलाने के आरोप में प्रदेश में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस ने करीब 15 अन्य लोगों से भी पूछताछ की है।
देहरादून डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि देश के विभिन्न स्थानों पर कोरोना वायरस के मामले प्रकाश में आने के बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि डाकरा क्षेत्र में लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप पर सब्जी मंडी और बाजार 10 दिनों के लिए बंद होने का मैसेज वायरल हो रहा है। जांच में सामने आया कि कौलागढ़ रोड स्थित दूध की डेरी चलाने वाली देवआशीष पुत्र वेद प्रकाश (निवासी आमबाग गढ़ी कैंट) ने मोबाइल और अन्य माध्यमों से विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में यह मैसेज भेजा है। पुलिस ने आरोपित देवाशीष से पूछताछ की। कोतवाली कैंट प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि आरोपित पर शांतिभंग में कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया गया है।आरोपित के विरुद्ध धारा 505-बी में एनसीआर पंजीकृत की गई है। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जमानत पर छोड़ा गया। डीआईजी जोशी ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
हो सकती है दो साल की सजा
सोशल साइटों पर अफवाह को बढ़ाने वालों के खिलाफ महामारी एक्ट के साथ ही आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई होती है। राज्य सरकार ने महामारी एक्ट में छह महीने तक सजा का प्रावधान किया गया है। वहीं आईटी एक्ट में दो वर्ष तक सजा हो सकती है। अधिवक्ता संजीव शर्मा ने बताया कि सोशल साइटों पर अफवाह फैलाने पर आईपीसी की धारा 507 और 45 आईटी एक्ट में भी कार्रवाई हो सकती है। धारा 507 में दो वर्ष की सजा और 45 आईटी एक्ट में 25 हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
पुलिस ने कार्रवाई से दिया कड़ा संदेश
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर हुई पहली कार्रवाई से पुलिस प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर कार्रवाई कर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दो महिलाओं से भी पूछताछ की है। कोरोना वायरस को लेकर बाजार,मंडी और खाद्यान्न की दुकानें बंद होने की अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी थी। इस आदेश के बाद डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने साइबर सेल प्रभारी नरेश राठौड़ को सोशल मीडिया की हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए। इस बीच भी कैंट कोतवाली क्षेत्र के आमबाग निवासी देवाशीष के मोबाइल से अफवाह को लेकर मैसेज भेजने की बात सामने आई थी। मामला डीआईजी अरुण मोहन जोशी के संज्ञान में आने पर उन्होंने कोतवाली प्रभारी संजय मिश्रा को इस मामले में समय रहते कार्रवाई करने को निर्देशित किया ,जिस पर कैंट कोतवाली प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सूचना के 10 घंटे में आरोपित को ट्रेस कर लिया। पुलिस ने 10 से 15 व्हाट्सएप ग्रुप मैसेज चेक किए,जिसमें मैसेज आगे भेजने की बात सामने आई। इससे आरोपित तक पहुंचना काफी चुनौती भरा रहा। पुलिस ने दो महिलाओं से भी इस संबंध में पूछताछ की। इसके बाद पुलिस आरोपित तक पहुंच पाई।
जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जा रहीं:मुख्य सचिव
कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। सरकार ने लोगों से जरूरी सेवाओं की आपूर्ति को लेकर चल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने गुरुवार को कहा कि राज्य में दैनिक जरूरत के समान खाद्यान, तेल, सब्जियों, फल, पेट्रोल, डीजल आदि की आपूर्ति को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलने को रोकने के लिए लोगों की भीड़ भाड़ कम करने के लिए मॉल आदि बंद करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन दैनिक जरूरत के समान की आपूर्ति को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि लोग अपने घरों पर रहें और भीड़ भाड़ से बचें। लोगों से दूरी बनाकर मिलें और साफ सफाई आदि का विशेष ध्यान रखें। इधर सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने कहा कि खाद्यान और दवाओं को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाड़ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारियों को अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटने को कहा गया है। उन्होंने सेनेटाइजर, मास्क आदि की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्य औषधि नियंत्रक को इस मामले में सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
अफवाह फैलाने वालों की तलाश शुरू
कोरोना वायरस के मद्देनजर सब्जी मंडियां बंद होने की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जो भी लोग चिह्नित होंगे,उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने साफ कर दिया है कि कोई भी सब्जी मंडी,खाद्य सामग्री से जुड़ी दुकानें बंद नहीं की जा रही हैं। पहले की तरह फल सब्जी,खाद्यान्न सामग्री की सप्लाई सुचारू रहेगी। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी,कृषि उत्पादन मंडी समिति देहरादून,विकासनगर आदि क्षेत्र को लेकर कहा कि उप जिलाधिकारी का दायित्य होगा कि यहां से काम सुचारू चलता रहे। साथ ही अधिकारी रोजाना इस बात की निगरानी रखेगे कि दैनिक उपभोग की वस्तुओ की कालाबाजारी न हो सके।
कोरोना की लड़ाई के खिलाफ जनता कर्फ्यू की अवधि भी 31 मार्च तक बढ़ी,जरूरी सेवाएं रहेंगी खुली
राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर उत्तराखंड में 31 मार्च तक लॉक डाउन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान राज्य के बाहर और भीतर परिवहन निगम और प्राइवेट सेवाएं नहीं चलेंगी।
कोरोना: राज्य में नहीं मिला कोई नया मरीज, 11 सैंपल जांच के लिए भेजे
रविवार को भी राज्य में कोरोना का कोई नया मरीज नही मिला। इससे सरकार के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
जनता कर्फ्यू में परेशान हुए मुसाफिर, कई शहरों में फंसे रहे यात्री
जनता कर्फ्यू में यातायात सुविधाएं बंद होने से दूसरे प्रदेश और जिलों से आए यात्रियों को भी मुश्किलों का सामना करना पडा।ऋषिकेश में यूपी से आए लोगों को वापस भेजने के लिए रोडवेज ने एक अतिरिक्त बस का इंतजाम किया गया।
Corona: सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी नहीं रखी तो होगी सख्त कार्रवाई
कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार और गलत जानकारियां प्रसारित करने वालो से सरकार सख्ती से निपटेगी। सोशल मीडिया पर नज़र रखने के लिए सरकार के कुछ नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं।
कोरोना वायरस : उत्तराखंड घूमने आए 1174 लोगों को नहीं मिली इंट्री, वापस लौटाया
हरिद्वार पुलिस ने बाहरी राज्यों से घूमने आने वाले यात्रियों के राज्य में प्रवेश पर रोक लगा दी है। नारसन बॉर्डर पर शनिवार को पुलिस ने 314 वाहनों में सवार ऐसे 1174 लोगों को राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया गया। अब सीमायें सील कर सिर्फ प्रदेश की आईडी वालों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
कोरोना: अब अस्पतालों में आने-जाने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर
विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कोरोना के संदिग्ध मरीजों पर अब 24 घंटे नजर रखी जा रही है। देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के आईटी पार्क स्थित इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को इसका जिम्मा सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने प्रदेश वापस आने वाले से की अपील,कहा-14 दिनों तक बनाएं सामाजिक दूरी
उत्तराखंड से बाहर रहने वाले जो भी नागरिक अपने गांव या शहर वापिस आ रहे हैं उनसे आग्रह है कि अपने घर जाकर अपने को परिवार के सभी लोगों से 14 दिन तक अलग रहें। सामाजिक दूरी बनाए रखें और संक्रमण के किसी भी संकेत पर 104 नंबर पर सूचना दें।
हरिद्वार की सीमाएं पुलिस ने की सील,ID देख कर मिल रहा प्रवेश
हरिद्वार पुलिस ने घूमने आने वाले यात्रियों के लिए जिले की सीमाएं सील कर दी गई है। बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को वापस भेजा जा रहा है। उत्तराखंड की आईडी पर ही प्रवेश मिल रहा है।
महिला के कोरोना पॉजीटिव के बाद होटल लॉक डाउन,22 कर्मी होटल में कोरंटाइन
राजपुर रोड स्थित होटल फोर प्वाइंट में ठहरी महिला यात्री में कोरोना की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने होटल को लॉक डाउन कर दिया है।होटल के 22 कर्मचारियों को होटल में ही कोरंटाइन किया गया है।

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