दोपहर तक 16 नये केस, उत्तराखंड में कोरोना रोगी हुए 495

उत्तराखंड में आज आए 16 नए कोरोना के मरीज, रामनगर में कोरोना पॉजिटिव युवक की मौत
देहरादून,। गुरुवार को देहरादून में 16 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसमें देहरादून में छह,हरिद्वार में आठ और टिहरी में दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नैनीताल जिले के रामनगर में कोरोना पॉजिटिव आए कैंसर पीड़ित एक युवक की मौत हो गई। वहीं,देहरादून में निरंजनपुर मंडी के तीन और आढ़ती की कोरोना रिपोर्ट पाजीटिव आई है। इनकी निजी लैब में जांच कराई गई थी। वहीं,श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती रूद्रप्रयाग निवासी युवक की भी रिपोर्ट पाजीटिव आई है। वहीं,हरिद्वार जिले के कलियर में क्वारंटाइन किए गए सात प्रवासियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इनमें पांच रुद्रप्रयाग के और दो चमोली के हैं। संक्रमितों में रुद्रप्रयाग की एक 65 वर्षीय महिला भी शामिल है। इनमें से पांच प्रवासियों की ट्रैवल हिस्ट्री मुंबई की है। ये 21 मई को मुंबई से लौटे थे। उधर,ऋषिकेश के बैराज कॉलोनी क्षेत्र में कोरोना संक्रमित एक और मामला सामने आया है। बैराज कॉलोनी डी ब्लॉक निवासी एक 30 वर्षीय महिला में कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे महिला को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इन्हें मिलाकर संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 495 पहुंच गई है। इनमें से 81 मरीज स्वस्थ होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। तीन मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं,जबकि कोरोना संक्रमित चार मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

रामनगर में कोरोना पॉजिटिव की मौत

कोरोना पॉजिटिव आए कैंसर पीड़ित एक युवक की मौत हो गई। इससे स्वास्थ्य महकमें व प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। मोहल्ला दुर्गापूरी निवासी मनीष मनराल (32 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय हीरा सिंह मनराल काफी समय से कैंसर रोग से ग्रस्त था। उसके लीवर व बड़ी आंत में कैंसर हुआ था। वह 29 जनवरी से राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती था। इलाज में कोई सुधार नहीं होने पर हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने पीड़ित को घर ले जाने के लिए कहा। 25 मई को पीड़ित को रामनगर उनके घर लाया गया। इस पर उन्हें होम कवारंटाइन कर दिया गया। रामनगर सयुंक्त चिकित्सालय के चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना का प्राइवेट लैब में टेस्ट करने को कहा। 26 मई को उनके सेंपल भेजे गए थे। गुरुवार सुबह कैंसर पीड़ित ने दम तोड़ दिया। इसके बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव भी आ गई। इसकी सूचना चिकित्सकों व पुलिस प्रशासन को दी गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी लेनी शुरू कर दी है। युवक का दो साल पहले ही विवाह हुआ था।

ऋषिकेश के बैराज कॉलोनी क्षेत्र में आया कोरोना संक्रमित का पांचवां मामला

ऋषिकेश के बैराज कॉलोनी क्षेत्र में कोरोना संक्रमित पांचवां मामला सामने आया है। बैराज कॉलोनी डी ब्लॉक निवासी एक 30 वर्षीय महिला में कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश कुमार थपलियाल ने बताया कि पूर्व में ए ब्लॉक बैराज कॉलोनी निवासी दंपत्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। एक रोज इनकी डेढ़ वर्षीय पुत्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यह तीनों लोग 13 मई को दिल्ली से आए थे।

इस दंपती के प्रथम संपर्क वाले लोगों को क्वॉरंटाइन किया गया था। डी ब्लॉक बैराज कॉलोनी निवासी एक 30 वर्षीय महिला इस परिवार के संपर्क में थी। 23 मई को इस महिला में कोरोना वायरस के लक्षण विकसित हुए। सैंपल जांच को भेजते हुए महिला को कोरेंटिन सेंटर भेजा गया था।आज इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डी ब्लॉक में बीते बुधवार को एक और महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। सीमा डेंटल कॉलेज में क्‍वारंटीन कर रखे गए रुद्रप्रयाग निवासी 36 वर्षीय एक अन्य जन के सैंपल की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।

बीते रोज टिहरी जनपद में कोरोना के सर्वाधिक 22 नए मामले सामने आए हैं। इनमें एक दिल्ली व अन्य लोग महाराष्ट्र से 19 मई को लौटे हैं। पौड़ी में भी 13 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें एक व्यक्ति नोएडा से और 12 महाराष्ट्र से वापस लौटे हुए हैं। ऊधमसिंहनगर में 20 मई को महाराष्ट्र से लौटे सात और पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

देहरादून जनपद में भी दो और पॉजिटिव केस आए हैं। इनमें सत्‍तोवाली घाटी निवासी 37 वर्षीय एक महिला को सांस में तकलीफ व शुगर की समस्या के चलते 25 मई को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। ऋषिकेश में एक डेढ़ वर्षीय बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बैराज कॉलोनी निवासी बच्चे के माता-पिता में पहले ही कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। दंपती 13 मई को बच्चे के साथ दिल्ली से लौटा था। जनपद नैनीताल में भी तीन नए मामले सामने आए हैं। इनमें बेतालघाट की एक युवती 25 मई को गुरुग्राम से लौटी है। जबकि रामनगर निवासी दो युवक मुम्बई व दिल्ली से लौटे हैं। अल्मोड़ा में 10 मई को गुरुग्राम से लौटने के बाद पहले होम क्वारंटाइन और फिर संस्थागत क्वारंटाइन दंपती समेत छह नए मरीज मिले हैं, चार अन्य महाराष्ट्र से लौटे हैं। पिथौरागढ़ में तीन पॉजिटिव केस मिले, इनमें एक अहमदाबाद और दो दिल्ली से लौटे हैं।

आढ़ती और मुनीम के संपर्क में आए 54 लोग क्वारंटाइन

सेवला कलां निवासी आढ़ती और एमडीडीए कॉलोनी के मुनीम के संपर्क में 54 लोग संस्थागत क्वारंटाइन किए गए हैं। इन दो लोगों में एक दिन पहले कोरोना की पुष्टि हुई थी। पर मंगलवार देर रात तक भी संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन नहीं किया जा सका था।

बताया गया कि क्वारंटाइन करने वाली टीम पूरे दिन इंतजार करती रही, लेकिन अफसरों में समन्वय की कमी के चलते क्वारंटाइन सेंटरों में कमरों एवं गाड़ी की व्यवस्था नहीं हो सकी। जिस पर जिलाधिकारी ने भी नाराजगी जताई। जिसके बाद सिस्टम सक्रिय हुआ और इन्हें क्वारंटाइन किया गया।

दूध बेचने वाले की पत्नी निकली कोरोना संक्रमित

सत्तोवाली घाटी निवासी महिला में कोरोना की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य महकमे के लिए नई चुनौती पैदा हो गई है। महिला गृहिणी है और उसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं है। बताया गया कि उसका पति दूध बेचता है। पूरी आशंका है कि वही किसी संक्रमित के संपर्क में आया है। महिला में कोरोना की पुष्टि होने के बाद उसके पांच बच्चों और पति समेत सात लोगों को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती कराया गया है। सभी के सैंपल लेकर के जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा परिवार के संपर्क में आए नेहरू कॉलोनी के डेयरी संचालक, महिला के पति के साथ के दूधिया व एक निजी चिकित्सक समेत सात को क्वारंटाइन किया गया है।

कोरोना के जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर दिनेश चौहान ने बताया कि सत्तोवाली घाटी निवासी महिला श्वास और शुगर की समस्या के चलते दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हुई थी। पूछताछ में उसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं निकली है। इस बात का अंदेशा है कि दूध बेचने वाला उसका पति किसी संक्रमित के संपर्क में आया होगा। पति समेत सात लोगों को भी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इसके अलावा संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

ऋषिकेश निवासी महिला दून में भर्ती

ऋषिकेश के बैराज कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय महिला को दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। पिछले तीन दिन में एम्स ऋषिकेश से पांच मरीज यहां रेफर किए गए हैं। अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि महिला का विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है।
50 से अधिक आयु वालों के निरंजनपुर मंडी में प्रवेश बंद
स्वास्थ्य सुरक्षा और कोरोना संक्रमण की रोकथाम को मंडी परिसर में अब 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंडी समिति और आढ़तियों की बैठक में यह निर्णय लिया।…
स्वास्थ्य सुरक्षा और कोरोना संक्रमण की रोकथाम को मंडी परिसर में अब 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंडी समिति और आढ़तियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंडी अध्यक्ष ने आढ़तियों से शारीरिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने की अपील कर उन्हें सेनिटाइजेशन किट प्रदान की।
निरंजनपुर मंडी को कोरोना मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। इसमें आढ़तियों और वेंडर को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यह बातें मंगलवार को आयोजित बैठक में मंडी अध्य्क्ष राजेश शर्मा ने आढ़तियों से कहीं। उन्होंने कहा कि विगत तीन दिनों से मंडी में सेनिटाइजेशन किया जा रहा था। बताया कि मंडी के आढ़तियों, पल्लेदार, किसान लोडर चालकों को सेनिटाइजेशन किट उपलब्ध कराई जा रही है।

मंडी सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि मंडी में कोरोना के मामले आने के बाद तमाम एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बुजुर्गो कोरोना संक्रमण अधिक घातक साबित हो रहा है। ऐसे में 50 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को मंडी में प्रवेश न देने का निर्णय लिया गया है।
मंडी में प्रवेश पास के आधार पर ही दिए जा रहे हैं और बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही अग्रिम आदेशों तक मंडी में आमजन का प्रवेश वर्जित ही रहेगा। इसके अलावा नवीन मंडी डी-1 से डी-22 तक पूरे ब्लॉक को सील ही रखा जाएगा।
संस्थागत क्वारंटाइन लोग चुन सकेंगे पेड क्वारंटाइन
बाहर से आए जिन लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर पर प्रशासन के खर्चे पर रखा गया है। अगर वह चाहें तो निजी खर्च पर होटलों में पेड क्वारंटाइन का विकल्प चुन सकते हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय संस्थागत क्वारंटाइन सेंटरों में 1171 लोग रह रहे हैं।
इनमें से जो भी कोई पेड क्वारंटाइन में रहना चाहेगा, उसे उसके मुताबिक के होटल में क्वारंटाइन करा दिया जाएगा। इसी तरह फ्लाइट से आने वाला कोई व्यक्ति एयरपोर्ट पर यह कहता है कि उसके पास पेड क्वारंटाइन के लिए पैसे नहीं हैं तो ऐसे लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में भेज दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित व्यक्ति की आर्थिक स्थिति का पूरी जानकारी हासिल की जाएगी। वहीं, क्वारंटाइन सेंटर में जिन भी लोगों को रखा जा रहा है, इन सभी के कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे।

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