सेवादल शिविर में बांटी सावरकर पर आपत्तिजनक बुकलेट

कांग्रेस सेवादल की बैठक में बांटी गई बुकलेट और उसमें सावरकर के बारे में लिखी टिप्पणियां।
गुरुवार को कांग्रेस के संगठन सेवादल ने भोपाल में हुए राष्ट्रीय शिविर में विवादित बुकलेट बांटी गई
बुकलेट में लैरी कॉलिंस और डोमिनिक लैपिएरे की किताब के हवाले से सावरकर के बारे में विवादित टिप्पणियां छापी गईं
नई दिल्ली. कांग्रेस सेवादल के शिविर में विनायक दामोदर सावरकर विवादित बुकलेट बांटे जाने पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस कब तक सावरकर को अपमानित करती रहेगी, उसे देशभक्त नागरिकों को इसका जवाब देना होगा। भोपाल में कांग्रेस सेवादल के शिविर में गुरुवार को ‘वीर सावरकर, कितने वीर’ शीर्षक से एक बुकलेट बांटी गई थी। इसमें सावरकर और आरएसएस के बारे में विवादित टिप्पणियां भी लिखी गईं।
बुकलेट में लिखा- सावरकर ने हिटलर की तारीफ की
बुकलेट में लिखा गया- ”जब नेताजी सुभाषचंद्र बोस द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान विदेशी सहायता सुनिश्चित कर रहे थे, तब सावरकर ने अंग्रेजों को पूर्ण सैन्य सहयोग की पेशकश की। उन्होंने हिटलर की तारीफ भी की।” वहीं, लैरी कॉलिंस और डोमिनिक लैपिएरे की किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ (पेज नंबर 423) के हवाले से कहा गया कि सावरकर अपने समर्थकों को अल्पसंख्यक महिलाओं से दुष्कर्म के लिए उकसाते थे। इसमें सावरकर और गोडसे के बीच समलैंगिक संबंध होने का भी जिक्र है।
भाजपा ने कहा- यह सही राजनीति नहीं
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बाद, भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ तीखे बयान दिए…
पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव ने कहा कि कांग्रेस देश में गलत संस्कृति का सूत्रपात कर रही है। कांग्रेस को सोचना चाहिए कि नेहरू परिवार को लेकर तमाम कहानियां प्रचलित हैं। अगर इन्हें कोई राजनीतिक दल किताब में छपवा कर प्रचारित करे, तो क्या यह सही राजनीति होगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को देश की परिपाटी का ध्यान नहीं है।
भाजपा महासचिव अनिल जैन ने कहा कि कांग्रेस के लिए गांधी परिवार के अलावा कोई पूजनीय नहीं है। सरदार पटेल, लालबहादुर शास्त्री, राजेन्द्र प्रसाद किसी को भी कांग्रेस ने प्रतिष्ठा नहीं दी।
भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस जिन्ना को अपना आदर्श मानती है और इसलिए सावरकर की आलोचना करती है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब कांग्रेस जिन्ना की अच्छाइयों पर पुस्तक प्रकाशित करवाएगी।
हिंदू महासभा ने नकारा
कांग्रेस की बुकलेट में सावरकर पर लगाए गए आरोपों को अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी विवादित बयान दिया। सावरकर हिंदू महासभा के अध्यक्ष रहे थे।
शिवसेना की दो टूक- सावरकर महान थे,हैं और रहेंगे, महाराष्ट्र में न आएगी किताब
भारतीय जनता पार्टी, विनायक सावरकर के परपोते ने इस पर सवाल उठाए और निशाना साधा. अब शिवेसना सांसद संजय राउत ने कहा है कि वीर सावरकर एक महान व्यक्ति थे और एक महान व्यक्ति बने रहेंगे. एक वर्ग उनके खिलाफ बात करता रहता है, यह उनके दिमाग में गंदगी को दिखाता है.
सावरकर पर सवाल उठाने वालों को शिवसेना का जवाब
सावरकर के मुद्दे पर शिवसेना हमलावरसंजय राउत बोले- सावरकर महान थे और रहेंगेमहाराष्ट्र में नहीं आएगी सेवादल की किताब
कांग्रेस सेवादल के द्वारा विनायक सावरकर पर टिप्पणी करने वाली छापी गई किताब पर विवाद बढ़ गया है. भारतीय जनता पार्टी, विनायक सावरकर के परपोते ने इस पर सवाल उठाए और निशाना साधा. अब शिवेसना सांसद संजय राउत ने कहा है कि वीर सावरकर एक महान व्यक्ति थे और एक महान व्यक्ति बने रहेंगे. एक वर्ग उनके खिलाफ बात करता रहता है, यह उनके दिमाग में गंदगी को दिखाता है.
विनायक सावरकर पर टिप्पणी करने वालों पर करारा हमला करते हुए संजय राउत ने कहा, ‘जो लोग सावरकर जी के बारे में ऐसा बोल रहे हैं उनके दिमाग की जांच की जानी चाहिए. फिर चाहे वो महाराष्ट्र हो या देश का कोई हिस्सा हर कोई सावरकर जी पर गर्व करता है. जो लोग इस तरह की बातें करते हैं, उनका दिमाग गंदगी से भरा है’
संजय राउत बोले कि शिवसेना का स्टैंड पूरी तरह से साफ है वीर सावरकर महान थे, हैं और रहेंगे. उन्होंने कहा कि जो भी किताब छपी है वो मध्य प्रदेश की गंदगी है, ये कभी भी महाराष्ट्र में नहीं आएगी. ये गैर-कानूनी है, हमें कोई सावरकर के बारे में ना सिखाए तो ठीक है.
किताब के कंटेंट पर था बवाल
बता दें कि मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस सेवादल ने विनायक सावरकर को लेकर एक किताब छापी है, जिसमें कुछ ऐसी टिप्पणियां की गई हैं जिनपर बवाल हो गया है. इस किताब में दावा किया गया है कि विनायक सावरकर और नाथूराम गोडसे में समलैंगिक संबंध थे. तभी से इसपर विवाद हो रहा है.
शुक्रवार को ही बीजेपी नेता आशीष शेल्लार ने ट्वीट कर अपील की थी कि उद्धव ठाकरे को इस किताब की निंदा करनी चाहिए और ऐलान करना चाहिए कि महाराष्ट्र में ये किताब नहीं आएगी. बीजेपी नेता के अलावा विनायक सावरकर के परपोते रंजीत सावरकर ने भी इस किताब की निंदा की थी.

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