सोम दोपहर 17 नये कोरोना केसों में पहली बार दून से कोई नहीं,प्रदेश में 1836

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के 17 नए मामले, 1836 हुई संक्रमितों की संख्या
देहरादून,। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को प्रदेशभर में कोरोना वायरस के 17 नए मामले सामने आए हैं,जिनमें तीन नैनीताल,तीन पौड़ी गढ़वाल,तीन रुद्रप्रयाग,तीन टिहरी गढ़वाल,दो बागेश्वर, दो पिथौरागढ़ और एक मामला अल्मोड़ा में सामने आया है। इसके साथ ही 24 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं।अब 668 केस एक्टिव हैं,जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके साथ ही कोरोना संक्रमित नौ लोग राज्य से बाहर जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को मिली जांच रिपोर्ट में 1021 नेगेटिव आईं,जबकि 17 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। प्रदेश में अब तक 38643 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है,जबकि कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1836 तक पहुंच गया है। 1135 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। वहीं, 24 लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को 1229 सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही 4686 की रिपोर्ट का इंतजार है। देहरादून में कोरोना के सबसे अधिक 475 मामले सामने आए हैं। नैनीताल में संक्रमितों का आंकड़ा 338 तक पहुंच गया है।
बगैर अनुमति या पास के पिछले दिनों उत्तराखंड लौटे प्रवासियों पर दर्ज मुकदमे लिए जाएंगे वापस। ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में गोरखपुर से लौटे दंपति को होम क्वारंटाइन किया गया था, लेकिन दंपती बाहर घूमते हुए मिले। शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। देहरादून की आशा रोड़ी चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाहरी राज्यों से आ रहे प्रवासियों की थर्मल स्कीनिंग की। साथ ही उनके नाम-पते भी दर्ज किए गए।
पिथौरागढ़ जिले में मिले दो और कोरोना पॉजिटिव
पिथौरागढ़ में दो लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। एक संक्रमित मरीज मुंबई और दूसरा दिल्ली से लौटा था,जिसके बाद इन दोनों को संस्थागत क्वारंटाइन कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग दोनों की ट्रेवल हिस्ट्री जुटा रहा है। जिले में अब संक्रमितों का आंकड़ा 53 पहुंच गया है,जिनमें से 28 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके है।
क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन बिताकर घर पहुंचे युवक की मौत
दिल्ली से आकर क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन बिताकर घर पहुंचे पुरोला के एक युवक की मौत हो गई। पुरोला के डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल के लिए रेफर किया था। अस्पताल पंहुचने से पहले ही युवक की मौत हो गई। युवक का शव कोराना जांच के लिए सैंपल लेने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
जानकारी के अनुसार पुरोला(उत्तरकाशी) निवासी 28 वर्षीय युवक लगभग 21 दिन पहले दिल्ली से घर लौटा था। युवक को 14 दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। संस्थागत क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद युवक को होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई थी।

क्वारंटाइन में दो और लोगों की मौत

क्वारंटाइन में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्वारंटाइन दो और लोगों की रविवार को मौत हो गई। चमोली और हरिद्वार जिले में यह घटनाएं हुईं। इन्हें मिला उत्तराखंड में अब तक 15 लोग क्वारंटाइन में मर चुके हैं।
चमोली जिले के देवाल विकासखंड के ल्वाणी गांव के पंचायत घर में बने क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए 80 वर्षीय वृद्ध की रविवार सुबह मौत हो गई। वह अपने बेटे,बहू,पोते और एक अन्य रिश्तेदार के साथ 12 जून को गुड़गांव( हरियाणा) से घर आए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें होम क्वारंटाइन भेजा था,लेकिन गांव वालों की राय पर वृद्ध और उनके साथ लौटे परिवार के छह सदस्य सावधानीवश ग्राम सभा के क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे थे। शनिवार रात बुजुर्ग की तबीयत खराब हुई। मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर केके सिंह ने बताया कि रविवार को सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाक्टर सैजाद अली टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। डाक्टर अली ने बताया आने वाले दिन वह स्वस्थ थे, वृद्ध की मौत बीमारी से हुई है। पूरे परिवार में कोरोना के लक्षण नहीं हैं। इन सभी की दुबारा उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। कोरोना सैंपल लेने की व्यवस्था न होने और परिवार के अन्य लोगों में कोरोना के लक्षण न होने के चलते शव का अंतिम संस्कार करने की अनुमति स्वजनों को दे दी गई।
दूसरी घटना हरिद्वार में सामने आई। मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सरोज नैथानी ने बताया कि काशीपुरा मोहल्ला निवासी महिला 11 जून को ससुराल से मां, नानी और भाई के साथ दिल्ली से लौटी थी और होम क्वारंटाइन थी। तबीयत खराब होने पर महिला ने ही मायके पक्ष को दिल्ली बुलाया था। शुक्रवार को स्वजन उसे जिला अस्पताल के फ्लू क्लीनिक लेकर पहुंचे, वहां डाक्टरों ने उन्हें जांच के लिए रुकने को कहा पर वह उसे निजी सिटी अस्पताल लेकर चले गए।
वहां से स्वजन उन्हें घर ले गए। रविवार सुबह महिला ने दम तोड़ दिया, इसके बाद स्वजनों ने उसका दाह संस्कार भी करा दिया, स्वास्थ्य विभाग को पड़ोस के लोगों से घटना का पता चला। सीएमओ डॉ सरोज नैथानी ने बताया कि निजी अस्पताल की तरफ से महकमे को इसकी सूचना नहीं दी गई। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही दिल्ली से आए युवती के पति समेत पांच स्वजनों की कोरोना जांच के सैंपल लिए गए हैं।

प्रशासन ने किया मृतक का अंतिम संस्कार

बालावाला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में युवक के आत्महत्या करने के बाद रविवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने रायपुर स्थित श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। बीते शुक्रवार को रानी दुर्गावती वार्ड, जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी साकेत बालावाला स्थित एक क्वारंटाइन सेंटर में फंदे से लटका मिला था। युवक की मौत के बारे में क्वारंटाइन सेंटर में तैनात नोडल अफसर और पुलिस को तब पता लगा, जब पड़ोस के कमरे में रह रहे एक परिवार ने कमरे से बदबू आने की शिकायत की।
पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो देखा कि युवक पंखे से लटका हुआ था। शव दो-तीन दिन पुराना था। घटना की सूचना प्रशासन ने युवक के स्वजनों को दी। प्रशासन उनके आने का इंतजार कर रहा था, मगर वह देहरादून नहीं पहुंच सके। ऐसे में रविवार शाम करीब पांच बजे शव को रायपुर स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। जहां पीपीई किट पहनकर पुलिसकर्मियों और नायब तहसील ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि मृतक के स्वजनों को सूचित किया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। ऐसे में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

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