क्वारंटाइन सैंटर में युवक ने लगाई फांसी,एम्स में दो और मौतें

एम्स में कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत, क्वारंटाइन सेंटर में युवक ने लगाई फांसी
देहरादून,। उत्तराखंड में कोरोना वायरस का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को कोरोना के 13 नए मामले सामने आए हैं, जबकि एम्स में भर्ती दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। मृतक युवती गाजियाबाद की रहने वाली थी, जो पेनक्रियाज का उपचार कराने सोमवार को एम्स आई थी। बता दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के अबतक 1658 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले देहरादून और फिर नैनीताल में सामने आए हैं। हालांकि, इनमें से 888 लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं। वहीं, देहरादून जिले के बालावाला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में मध्यप्रदेश से लौटे एक युवक ने फांसी लगा ली।

कोरोना संक्रमित युवती और वृद्ध की मौत

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में एक और कोविड पॉजिटिव युवती की मौत हो गई। एम्स प्रशासन के मुताबिक गोविंदपुरम गाजियाबाद(उत्तरप्रदेश) से 25 वर्षीय युवती पेनक्रियाज का उपचार कराने सोमवार को एम्स आई थी। यहां मरीज का सैंपल लिया गया। गुरुवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उसे कोविड वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इनके पति को सीमा डेंटल कॉलेज में क्वारंटाइन किया गया है। वहीं, 56 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज की भी मौत हो गई। बीती पांच जून को इस व्यक्ति की तीमारदार बेटी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। एम्स प्रशासन के मुताबिक मुंबई में चालक का काम करने वाला ये जन मूल रूप से लखवाड़ घनसाली टिहरी गढ़वाल के निवासी है। 25 मई को वो अपनी पत्नी, बेटी और मां के साथ मुंबई से लौटे थे।
इन सभी को मुनिकीरेती के तपोवन स्थित एक होटल में क्वारंटाइन किया गया था। 28 मई को इस व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हुई और कफ की शिकायत हुई थी। एक जून को उन्हें एम्स की ओपीडी में लाया गया। इनका कोविड सैंपल भी लिया गया, जिसके बाद इन्हें एम्स में भर्ती करते हुए वेंटिलेटर के सपोर्ट में रखा गया। इनकी कोविड रिपोर्ट में कुछ भी साफ नहीं हुआ। चार जून को इनका फिर सैंपल जांच के लिए भेजा गया। छह जून को इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद इन्हें आइसीयू में भर्ती कर दिया गया। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरिश मोहन थपलियाल ने बताया कि इन्हें फेफड़ों के साथ हार्ट की भी समस्या हुई। इनकी हालत निरंतर बिगड़ती गई। गुरुवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया। एम्स की ओर से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।

क्वारंटाइन सेंटर में युवक ने लगाई फांसी

देहरादून के बालावाला स्थित सरदार भगवान दास मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में एक 19 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। रायपुर थाने के एसओ अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि युवक रात को मध्यप्रदेश के जबलपुर से लौटा था हरिद्वार के ज्वालापुर का रहने वाला था। शुक्रवार सुबह हॉस्टल से सूचना मिली की युवक ने फांसी लगा दी है। मामले की जांच की जा रही है। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

रुद्रप्रयाग में सात लोगों में कोरोना की पुष्टि

रुद्रप्रयाग में सात लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जिनमें चार दिल्ली और तीन महाराष्ट्र से वापस लौटे हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 42 हो गई है। सभी संस्थागत क्वारंटाइन थे। स्वास्थ्य विभाग सभी को आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट कर रहा है।

हरिद्वार में कोरोना के पांच नए मामले

हरिद्वार जिले के रुड़की और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को कोरोना वायरस के पांच नए मामले सामने आए हैं। इनमें रामनगर, मिलाप नगर, चावमंडी के अलावा भगवानपुर और लंढौरा में कोरोना वायरस का एक-एक मामला शामिल है।

मुंबई से लौटे जन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव

मुंबई से लौटे गुमानीवाला ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 55 वर्षीय यह व्यक्ति गली नंबर 8 गुमानीवाला ऋषिकेश का रहने वाला है। नौ जून को वह मुंबई से लौटा था। इसी दिन वो एम्स की ओपीडी में आया था। सैंपल लेने के बाद इस व्यक्ति को होम क्वारंटाइन कर दिया गया। गुरुवार देर रात उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ विभाग की और पुलिस इस व्यक्ति के संपर्क वाले लोगों की जांच कर रही है।

सचिवालय में कोरोना संदिग्ध, अनुभाग सील

सचिवालय स्थित विश्वकर्मा बिल्डिंग में कोरोना संक्रमित के संपर्क के पाए जाने के बाद अनुभाग को सील कर दिया गया है। सचिवालय प्रशासन ने इस अनुभाग के सभी कार्मिकों का कोरोना टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। टेस्ट की रिपोर्ट आने तक की अवधि में सभी कर्मचारियों को सेल्फ क्वारंटाइन रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सचिवालय में कैबिनेट बैठक में शिरकत करने आए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सचिवालय में काफी अफरा-तफरी का माहौल मच गया था। अब एक और नया मामला सामने आया है। सचिवालय में तैनात एक सहायक समीक्षा अधिकारी का भाई कोरोना संक्रमित पाया गया है। यह सूचना मिलने के बाद सुबह सचिवालय में हड़कंप मच गया। एहतियातन अनुभाग अधिकारी ने सुबह ही अनुभाग बंद करा दिया। इसके बाद इसकी सूचना सचिवालय प्रशासन को दी गई।

शाम को सचिवालय प्रशासन ने इसे सील करा दिया और इस तल में सैनिटाइजेशन का कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रभारी सचिव सचिवालय प्रशासन भूपाल सिंह मनराल ने भी संबंधित अनुभाग के अनुभाग अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि सहायक समीक्षा अधिकारी के भाई के संक्रमित पाए जाने के दृष्टिगत अनुभाग के सभी कार्मिकों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट सोमवार 15 जून तक सचिवालय प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। रिपोर्ट आने तक अनुभाग के सभी कार्मिक सेल्फ क्वारंटाइन रहेंगे।

कोरोना संक्रमित 58 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम

दून के पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित 58 साल की महिला की मौत हो गई है। उन्हें श्वास संबंधी दिक्कत व अन्य कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं। पुलिस उनके शव को कोविड-19 गाइडलाइन के मुताबिक सुपुर्द-ए-खाक करा दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि महिला दून के चमनपुरी निवासी थीं। उन्हें छह जून को सांस संबंधी दिक्कत की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति के चलते उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। तीन दिन पूर्व उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वेंटीलेटर पर होने के चलते उन्हें कोविड-हॉस्पिटल में शिफ्ट नहीं किया जा सका। गुरुवार को उनकी मौत हो गई।

अस्पतालों के दर पर ठोकरें खाती रही महिला, मौत

स्वास्थ्य व्यवस्थाएं कोरोनाकाल में कैसे दम तोड़ रही हैं, इसका एक और मामला सामने आया है। वाकया दूरदराज का नहीं, बल्कि राजधानी दून का है। एक महिला यहां इलाज के लिए एक से दूसरे अस्पताल भटकती रही। आखिरकार वक्त पर इलाज न मिलने के कारण उसने दम तोड़ दिया। आश्चर्य इस बात का है कि सरकार जहां सुरक्षित मातृत्व का दम भरते नहीं थकती,महिला की दो दिन पहले डिलिवरी तक घर में हुई,जिस कारण उसके जुड़वा बच्चों ने भी दम तोड़ दिया था। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला ने अब मामले पर जांच बैठा दी है।
देहराखास की एक 24 वर्षीय महिला की देर शाम दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसीयू में मौत हो गई। बताया गया कि महिला को करीब चार बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। उसे तत्काल आइसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन उपचार के दौरान खून की कमी के चलते उसकी मौत हो गई। इससे पहले महिला कोरोनेशन,फिर गांधी अस्पताल और वहां से रेफर होकर दिन के साढ़े 11 बजे दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल आई थी। लेकिन कोरोना संदिग्ध नहीं होने पर यहां से चिकित्सकों ने उसे नॉन कोविड-हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद दो निजी अस्पतालों का चक्कर काट महिला वापस दून पहुंची। इस बीच उसकी स्थिति ज्यादा बिगड़ गई।
मौत के बाद महिला के शव को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उसे इलाज क्यों नहीं मिल पाया और किस स्तर पर चूक हुई, इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही बरतने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा। उधर स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है।

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