37 नये कोरोना केसों में 20 दून से,प्रदेश में अब 2984

उत्‍तराखंड में गुरुवार को आए कोरोना के 37 नए मामले, 88 लोग हुए डिस्‍चार्ज
देहरादून,।उत्तराखंड में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। अच्छी बात यह है कि इसी रफ्तार से मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। ताजा मामले में भी गुरुवार को शाम सात बजे तक प्रदेश में कोरोना के 37 नए मामले आए तो इससे ज्यादा 88 ठीक हुए। मगर चिंता की बात यह है कि अब स्थानीय स्तर पर बिना ट्रेवल हिस्ट्री वाले लोग भी पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश में कोरोना के 2984 मामले आ चुके हैं। इनमें 80.60 फीसद यानी 2405 स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 510 मरीज प्रदेश के विभिन्न कोविड केयर सेंटर और अस्पतालों में भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं।

देहरादून में कोरोना संक्रमित वृद्ध की हुई मौत

दून मेडिकल कालेज अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कोरोना संक्रमित सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के एक 72 वर्षीय वृद्ध की गुरुवार को मौत हो गई। गाइडलाइन के मुताबिक पुलिस एवं प्रशासन की टीम शव सुपुर्द-ए-खाक करवा रही है। डिप्टी एमएस डाक्टर एनएस खत्री ने बताया कि वृद्ध को 28 जून को भर्ती कराया गया था। उनको फेफड़ों एवं दिल संबंधी कई बीमारियां थी। गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई है। परिजन की मदद से पुलिस,प्रशासन एवं अस्पताल की टीम वृद्ध का शव एक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक करवा रही है।

उधमसिंह नगर में 14 और कोरोना संक्रमित मिले

उधम सिंह नगर में 14 और लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। सभी लोगों को पंतनगर विश्वविद्यालय स्थित छात्रावास में क्वारंटाइन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग सभी की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रहा है।

पंतनगर क्वारंटाइन सेंटर से युवक भागा, तलाश

पंतनगर के टैगोर भवन में क्वारंटाइन किच्छा निवासी युवक फरार हो गया। इसका पता चलते ही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। साथ ही उसके खिलाफ लाकडाउन उल्लंघन और आपदा प्रबंधन अधिनियम में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक 24 जून को किच्छा के बंडिया निवासी संजय ,(पुत्र साधू राम) रामपुर से रुद्रपुर की ओर आया था। इस पर उसे बार्डर पर रोककर जांच की गई। इसके बाद उसे राधा स्वामी सत्संग भवन में बने राहत शिविर में पहुंचाया गया था, जहां से उसे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंतनगर में बने क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया था। यहां उसे टैगोर भवन में क्वारंटाइन किया गया था। बताया जा रहा है कि बुधवार रात वह क्वारंटाइन सेंटर से भाग गया। इसका पता चलते ही पंतनगर थाना प्रभारी अशोक कुमार पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और जानकारी ली। संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। क्वारंटाइन प्रभारी और सहायक सेनानायक आईआरबी डाक्टर जगदीश चंद्र ने बताया कि संजय के खिलाफ क्वारंटाइन सेंटर से भागने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम उसकी तलाश कर रही है,जल्द ही उसे ढूंढ लिया जाएगा।
देहरादून में भी 20 नए मामले आए हैं। इनमें चेन्नई, हरियाणा,राजस्थान,कर्नाटक,जबलपुर व पश्चिम बंगाल से लौटे सेना के आठ जवान भी शामिल हैं। यह सभी यहां क्वारंटाइन थे। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश के एक स्वास्थ्य कर्मी,वहां भर्ती दो मरीज और गाजियाबाद,मुंबई व अफगानिस्तान से लौटे एक-एक व्यक्ति की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
तीन मरीज पूर्व में संक्रमित पाए गए व्यक्तियों के संपर्क में आए थे। इसके अलावा तीन लोग ऐसे हैं,जिनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। अल्मोड़ा में दिल्ली-एनसीआर से लौटे पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं,हरिद्वार में संक्रमित मिले दो लोग चेन्नई और फरीदाबाद से लौटे हैं।
चंपावत में जिन दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है,उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। टिहरी में मुंबई से लौटे चार लोग संक्रमित मिले हैं। उत्तरकाशी में भी नौ नए मामले हैं। इनमें तीन दिल्ली,दो चंडीगढ़ और एक व्यक्ति गुरुग्राम से लौटा है। अन्य चार लोगों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। ऊधमसिंहनगर में भी दो केस पॉजिटिव हैं। इनमें एक व्यक्ति गाजियाबाद से लौटा है और दूसरा जन पूर्व में संक्रमित पाए गए व्यक्ति के संपर्क में आया था।
उत्तराखंड में एक लाख आबादी पर 528 जांच

उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जांच की रफ्तार बढ़ाना चुनौती बन रहा है। बीते तीन माह में इसको लेकर तमाम इंतजाम किए गए,लेकिन अब भी यह नाकाफी ही दिख रहे हैं।
वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करें तो अभी प्रति एक लाख आबादी पर 528 सैंपल की जांच की जा रही है। यह राष्ट्रीय औसत से 19 प्रतिशत कम है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख पर 653 सैंपल की जांच हो रही है। मैदानी जिलों में देहरादून में सबसे अधिक सैंपल की जांच हुई है। हरिद्वार काफी पीछे है।
पर्वतीय जिलों में चमोली और रूद्रप्रयाग में आबादी के हिसाब से जांच अधिक है। पौड़ी व पिथौरागढ़ इसमें काफी पीछे हैं। 30 जून तक के आंकड़े देखें तो देहरादून की तुलना में हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में 60 प्रतिशत कम सैंपल की जांच हुई है। हरिद्वार की आबादी देहरादून से अधिक है।
सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल के अनुसार लॉकडाउन के बाद से प्रदेश में सैंपल जांच बढ़ी है। जिन जनपदों में अभी तक सैंपल जांच में कमी है, उन में बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे कोरोना से जंग में स्थिति मजबूत होगी।
जिला—कुल जांच–जांच प्रति एक लाख जनसंख्या

देहरादून———-18505———-894

नैनीताल———–7359———-632

चमोली————-2465———-616

रूद्रप्रयाग———–1521———-616

टिहरी गढ़वाल—–3596———-570

बागेश्वर————1318———-497

उत्तरकाशी———1610———-478

अल्मोड़ा————2888———-455

चंपावत————-1098———-414

हरिद्वार————8725———-378

ऊधमसिंहनगर—–7477———-372

पौड़ी गढ़वाल——-2480———-354

पिथौरागढ़———–1701———-345

(30 जून तक के आंकड़ों पर)

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