चिन्मयानंद ब्लैकमेलिंग केस: पीड़िता को बड़ी राहत,कोर्ट ने गिरफ़्तारी पर लगाई रोक

चिन्मयानंद ब्लैकमेलिंग केस: पीड़िता को बड़ी राहत, कोर्ट ने गिरफ़्तारी पर लगाई रोकस्वामी चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में पीड़िता को बड़ी राहत
अब कोर्ट में पीड़िता की अंतरिम जमानत पर 26 सितंबर को सुनवाई होगी. कोर्ट ने एसआईटी को भी साक्ष्य को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
शाहजहांपुर. यौन शोषण के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmyanand) से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले (Extortion Case) में कोर्ट ने पीड़ित छात्रा को बड़ी राहत देते हुए फिलहाल उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. पीड़िता ने शाहजहांपुर (Shahjahanpur) के एडीजे फर्स्ट कोर्ट (ADJ First Court) में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका दाखिल की थी. अब कोर्ट में पीड़िता की अंतरिम जमानत पर 26 सितंबर को सुनवाई होगी. कोर्ट ने एसआईटी को भी साक्ष्य को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
इससे पहले स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने पीड़ित छात्रा को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की. इसी मामले में एसआईटी ने गिरफ्तार दो आरोपी विक्रम और सचिन को रिमांड पर लिया है. एसआईटी दोनों को राजस्थान ले जाने की तैयारी में है. पता चला है कि एसआईटी दोनों से राजस्थान में फेंके गए मोबाइल को लेकर भी पूछताछ करेगी. बता दें कि एसआईटी रंगदारी के मामले में संजय सिंह, विक्रम सिंह और सचिन सेंगर को जेल भेज चुकी है. थाना कोतवाली क्षेत्र में चिन्मयानंद के वकील ने पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करवाया था.शाहजहांपुर में स्वामी चिन्मयानंद के कॉलेज से एलएलएम की पढ़ाई कर रही छात्रा की अग्रिम जमानत की अर्जी पर अब 26 सितंबर को होगी सुनवाई। जिला जज ने इस प्रकरण में रंगदारी मामले की जांच कर रही एसआइटी से सम्बंधित अभिलेख तलब किए हैं। अब इसमें 26 को सुनवाई होगी। एसआइटी फिलहाल छात्रा को लेकर उसके घर जाने की तैयारी में है।
इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म तथा यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को रंगदारी मांगने के मामले में आज कोर्ट में आने के बाद रही एसआइटी ने हिरासत में लिया। छात्रा ने शाहजहाुंपर जिला जज की कोर्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दाखिल की। छात्रा को एसआइटी ने सुरक्षा में अपनी गाड़ी में बैठाया था।
स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपया की रंगदारी मांगने के मामले में अपने तीन दोस्तों के साथ नामजद छात्रा ने गिरफ्तारी से बचने की खातिर जिला जज की कोर्ट में अर्जी लगाई थी। एसआइटी ने छात्रा को कोर्ट से ही गिरफ्त में लिया था। स्वामी चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपी विक्रम व सचिन को एसआइटी ने रिमांड पर ले लिया है। छात्रा और उसके तीन साथियों पर स्वामी चिन्मयानंद की ओर से रंगदारी वसूलने के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
छात्रा की तरफ से इससे पहले सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका दाखिल की गई थी। हाई कोर्ट ने उसको स्वीकार न करते हुए सक्षम कोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था।
चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह की ओर से पीडि़ता और उसके तीन दोस्तों के खिलाफ मोबाइल फोन के जरिये पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराया गया था। उसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर वह लड़की अपने तीन दोस्तों के साथ रंगदारी को लेकर बातचीत करती देखी गयी थी। इस मामले में लड़की के आरोपी दोस्तों संजय, विक्रम तथा सचिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसआइटी की रिमांड पर छात्रा के दोस्त
जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद मांगने के मांगने के दो आरोपी विक्रम और सचिन को स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) ने रिमांड पर लिया है। एसआईटी दोनों को जेल से ले जाकर पूछताछ करेगी। एसआईटी दोनों से राजस्थान में फेंके गए मोबाइल को लेकर भी पूछताछ करेगी। एसआईटी रंगदारी के मामले में संजय सिंह, विक्रम सिंह और सचिन सेंगर को जेल भेज चुकी है। यहां के थाना कोतवाली क्षेत्र में चिन्मयानंद के वकील ने पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करवाया था।
यौन शोषण और रंगदारी मामले की जांच कर रही एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा के मुताबिक इस चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के मामले में पीडि़त छात्रा की भी संलिप्तता मिली है। साक्ष्य मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद पीडि़त छात्रा ने सोमवार को गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर अर्जी दी थी। जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए निचली अदालत में अर्जी लगाने को कहा।
शाहजहांपुर के स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम की एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में मीडिया के सामने उसने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। चिन्मयानंद को इस मामले में हाल में गिरफ्तार कर लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट आदेश पर गठित प्रदेश सरकार की एसआईटी प्रकरण की जांच कर रही है।
बीती दस सितंबर को चिन्मयानंद के मालिश कराते हुए 16 वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए। उसके तुरंत बाद एक और वीडियो जारी हुआ था, जिसमें लॉ छात्रा, उसका दोस्त संजय सिंह और कुछ और लोग दिखे थे। यह सभी लोग कहीं जा रहे थे और गाड़ी में आगे बैठा शख्स छात्रा और संजय सिंह को रुपए मांगने को लेकर फटकार लगा रहा था। इस वीडियो में इन सभी की बात से बहुत कुछ ऐसा था, जिससे लग रहा था कि चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने में इन्हीं लोगों का हाथ है। जांच के तहत एसआईटी को यह वीडियो भी सौंपा गया था।
हाईकोर्ट ने सुनवाई करने से किया इन्कार
छात्रा की रंगदारी के मुकदमे में गिरफ्तारी न होने की अर्जी पर हाईकोर्ट के सुनवाई से इन्कार करने से उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, छात्रा की ओर से हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक के लिए अर्जी दी गई थी, लेकिन सोमवार को हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। उसको उचित कोर्ट में अपील करने की सलाह दी गई है, जिसके आधार पर वह अर्जी दाखिल कर सकती है, लेकिन उससे पहले एसआइटी उस पर शिकंजा कस सकती है। इस संबंध में छात्रा का पक्ष तो नहीं मिल सका, लेकिन अधिवक्ता ऋचा सक्सेना ने बताया कि वे लोग इस पर दोबारा अपील कर सकते हैं।
तीन आरोपित भेजे जा चुके हैं जेल
एसआइटी ने चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में छात्रा के दोस्त संजय सिंह, विक्रम सिंह उर्फ दुर्गेश व सचिन सेंगर को गिरफ्तार करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था। इस मामले में एसआइटी ने छात्रा को भी आरोपित बनाया है, जिससे उसकी भी गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई थीं। हालांकि छात्रा व उसके पिता एसआइटी की इस कार्रवाई को गलत बताते हुए प्रयागराज रवाना हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के सोमवार को हाईकोर्ट में दी थी अर्जी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
छात्रा की गिरफ्तारी के लिए दिया ज्ञापन
विश्व सनातन सेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीएम को संबोधित मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट विनीता सिंह को दिया था। जिसमें कहा गया कि चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने की आरोपित छात्रा की गिरफ्तारी तुरंत की जाए। इसके अलावा मांग की कि राजस्थान में छात्रा के साथ मिले नेताओं के नाम उजागर कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि छात्रा के दूसरे जिले में जाने पर रोक लगाई जाए। इस मौके पर सौरभ सिंह, संजय, विनोद मिश्र, गौरव सिंह, अमन मिश्रा और रमन आदि मौजूद रहे।
रंगदारी के आरोपितों पर लगाई जाए रासुका
सिख समाज सेवा समिति के संयोजक गुरप्रकाश सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने चिन्मयानंद प्रकरण की जांच एसआइटी के अलावा किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से भी कराने की मांग की है। गुरप्रकाश सिंह ने कहा कि अब तक जो भी तथ्य सामने आए हैं उनमें चिन्मयानंद के साथ साजिश की बात सामने आ रही है। उन्होंने मांग की है कि जो लोग साजिश में लिप्त पाए जाएं उन पर रासुका के तहत कार्रवाई हो।
रेप पीड़िता छात्रा पर चिन्मयानन्द से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है.
छात्रा की भी संलिप्तता मिली: एसआईटी
यौन शोषण और ब्‍लैकमेलिंग मामले की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा के मुताबिक, चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के मामले में पीड़ित छात्रा की भी संलिप्तता मिली है. साक्ष्य मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले पीड़ित छात्रा ने सोमवार को गिरफ़्तारी पर रोक लगाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दी थी. कोर्ट ने पीड़ि‍ता की याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत में अर्जी देने को कहा है.
रंगदारी का वीडियो हुआ था वायरल
बता दें कि बीते 10 सितंबर को चिन्मयानंद के मालिश कराते हुए 16 वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे. उसके तुरंत बाद एक और वीडियो जारी हुआ था, जिसमें लॉ छात्रा, उसका दोस्त संजय सिंह के साथ कुछ और लोग दिखे थे. ये सभी लोग कहीं जा रहे थे और गाड़ी में आगे बैठा शख्स छात्रा और संजय सिंह को रुपए मांगने को लेकर फटकार लगा रहा था. इस वीडियो में बहुत कुछ ऐसा था, जिससे लग रहा था कि चिन्मयानंद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने में इन्हीं लोगों का हाथ है. जांच के तहत एसआईटी को यह वीडियो भी सौंपा गया था.

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