केंद्र ने 21,246 करोड़ के अतिरिक्त खर्च को संसद से मांगी इजाजत

नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने मार्च 2020 में खत्म हो रहे वित्त वर्ष में 21,246.16 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के लिए गुरुवार को संसद से अनुमति मांगी। इस अतिरिक्त व्यय में से 8,820 करोड़ रुपये की रकम नवगठित केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए मांगी गई है। सीतारमण ने वर्ष 2019-20 की पूरक अनुदान मांगों का पहला बैच संसद के दोनों सदनों में पेश किया और कहा कि कुल व्यय में लगभग 19,000 करोड़ रुपये का नकद होगा।
सरकार ने 14वें वित्त आयोग की तरफ से राज्य के लिए तय की गई रकम के बदले जम्मू कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के लिए 8,820.62 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा है। इसके अलावा वह रिकैपिटलाइजेशन बॉन्ड के जरिए 4,557 करोड़ रुपये की रकम IDBI बैंक में लगाएगी जबकि 2,500 करोड़ रुपये से सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों को पूंजी मुहैया कराएगी। जुलाई में पेश यूनियन बजट 2020 में सरकार का कुल खर्च 27.86 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया था जिसमें सरकारी कंपनियों का खर्च शामिल नहीं था।
फाइनेंस मिनिस्टर ने सशस्त्र बलों को वेतन-भत्तों के भुगतान के लिए 1,500 करोड़ रुपये की रकम अतिरिक्त व्यय के तौर पर मांगी है जबकि रक्षा विभाग के व्यय के लिए 666 करोड़ रुपये मांगे हैं। अनुपूरक मांग में पुलिस के वेतन और राशन व्यय के लिए 3387.46 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल की गई है। गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस का कनेक्शन मुहैया कराने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मांगा गया है।
कॉरपोरेट टैक्स रेट में भारी कटौती किए जाने और आर्थिक सुस्ती के बीच जीएसटी कलेक्शन में ग्रोथ निराशाजनक रहने से इस साल गवर्नमेंट फाइनेंसिंग पर बड़ा दबाव बना है। जून क्वॉर्टर में इकनॉमिक ग्रोथ 5% रह गई जो 2015 के बाद सबसे कम सालाना ग्रोथ थी। इसके साथ ही सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ और घटने का अनुमान दिया गया है। अगर ऐसा होता है तो यह 2012 के बाद पहली बार होगा कि इंडियन जीडीपी ग्रोथ लगातार छह क्वॉर्टर में सबसे कम होगी। यह हाल तब है जब सरकार ने इकनॉमी में नई जान डालने के लिए कॉरपोरेट टैक्स रेट में कम करने सहित राहत के कई उपाय किए हैं।

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