फ़ोन चोरी रोकने के सरकारी इंतजाम की कामयाबी मुश्किल

जानकारी / फोन चोरी रोकने का सरकारी तंत्र हो सकता है बेअसर, IMEI नंबर की क्लोनिंग काफी आसान
केंद्र सरकार ने चोरी हुए और खोने वाले फोन को ट्रेस करने के लिए सरकारी वेबसाइट CEIR लॉन्च की है।
ब्लैक मार्कट में मामूली कीमत पर IMEI को आसानी से बदला जा सकता है
नई दिल्ली. केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मोबाइल चोरी या गुम हुए फोन को खोजने या ब्लॉक करने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) की वेबसाइट लॉन्च की है। 30 दिसंबर 2019 को लॉन्च इस वेबासइट https://ceir.gov.in पर एफआईआर की कॉपी के साथ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ दिल्ली मुंबई में उपलब्ध है। हालांकि मोबाइल हैंडसेट के जानकारों की मानें, तो सरकारी की यह पहल फोन चोरी रोकने में असफल साबित होगी, क्योंकि फोन के IMEI नंबर की क्लोनिंग काफी आसान है।
भारत में 5 करोड़ क्लोंड मौजूद
ईटी की खबर के मुताबिक भारत में करीब 4 से 5 फीसदी क्लोंड इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी मौजूद (IMEI) नंबर हैं। यानी कुल 90 करोड़ से ज्यादा सेलफोन में 5 करोड़ क्लोंड हैं। ऐसे में फोन को बिना ट्रैस किए विदेश भेजा जा सकता है। दरअसल रिफर्बिश्ड या सेकेंड हैंड मार्केट की वजह से क्लोनिंग का जंजाल तेजी से बढ़ा है। इन फोन में नकली IMEI डालने के साथ ही हार्डवेयर में बदलाव कर दिया जाता है।
IMEI बदलना काफी आसान
ब्लैक मार्कट में मामूली कीमत पर IMEI को आसानी से बदला जा सकता है और यहीं सरकारी तंत्र फेल हो जाता है। अधिकृत सेंटर के अलावा कहीं और से डिवाइस का PCBA (प्रिटेंड सर्किट बोर्ड असेंबली) बदलवाने पर IMEI नंबर बदल जाता है। यह काम स्थानीय दुकान से कराने पर काफी सस्ता पड़ता है। हालांकि प्रिवेंशन ऑफ टेंपरिंग ऑफ द आइडेंटिफिकेशन नंबर, रुल्स 2017 के मुताबिक IMEI क्लोनिंग दंड़नीय अपराध है, जिसके लिए जेल हो सकती है।
क्या हैं खामियां
चोरी का फोन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने पर चोर को पकड़ना मुश्किल होगा।
चोरी हुए डिवाइस को विदेशी विदेशी नेटवर्क पर चलाया जा सकता है, जिससे चोर को नहीं पकडा जा सकेगा।
क्या होता है IMEI
यह डिवाइस का यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है। जब कोई भी यूजर कॉल करता है तो कॉल रिकॉर्ड से फोन करने वाले का नंबर और हैंडसेट का आईएमईआई नंबर पता चल जाता है। हैंडसेट में दूसरा सिम लगाकर मोबाइल नंबर कभी भी बदला जा सकता है, लेकिन खास टूल की मदद से IMEI नंबर को बदलने की काबिलियत तकनीकी जानकार के पास ही होती है। अगर आपका मोबाइल फोन चोरी या गुम हो जाता है तो हेल्पलाइन नंबर 14422 के माध्यम से दूरसंचार विभाग (DoT) को सूचित करना होगा। पुलिस की शिकायत के बाद, DoT IMEI नंबर को ब्लैकलिस्ट कर देगा, जिसके परिणामस्वरूप हैंडसेट को आपके मोबाइल नेटवर्क तक पहुंचने से अवरुद्ध कर दिया जाएगा। उसके बाद फोन भविष्य में किसी काम का ही नहीं रह जाएगा।

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