प्रधानमंत्री का बयान सेना और चीन को बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री का बयान बड़ा संदेश,लेकिन चीनी सेना गलवान घाटी से हिलेगी नहींः बिक्रम सिंह
पूर्व थलसेना अध्यक्ष बिक्रम सिंह ने एक से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री का बयान देश और सेना का हौसला बढ़ाने वाला है.प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को ये संदेश दिया है कि हम भाईचारे से मसले का हल चाहते हैं,लेकिन कोई देश की अखंडता पर हाथ डालेगा तो हम फोर्स का इस्तेमाल करने से नहीं चूकेंगे.
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पूर्व सेना अध्यक्ष ने एक खास बातचीत में कहा- चीनी सेना किसी मकसद से घाटी में आई है
गलवान घाटी में चीन की हिमाकत के बाद भारत ने उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है. इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ कह दिया है कि सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल (रिटायर) बिक्रम सिंह ने देश और सेना के लिए बड़ा संदेश बताया है.
वहीं,गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की दो जगहों पर भारी संख्या में मौजूदगी पर पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि चीनी फौजी किसी मकसद से आए हैं,वो पीछे नहीं हटेंगे, इसलिए हमें चौकन्ना रहना होगा.दरअसल,जहां चीनी सेना बैठी है वहां उसकी करीब 200 गाड़ियां देखी गई हैं,जबकि 40 से 50 गाड़ियां तो एक ब्रिगेड के पास होती हैं.

मिलिट्री और डिप्लोमेटिक लेवल पर बातचीत चलती रहेगी

भारत-चीन विवाद पर एक बातचीत में बिक्रम सिंह ने कहा कि इस मसले पर मिलिट्री और डिप्लोमेटिक लेवल पर बातचीत चलती रहेगी,लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का जो बयान आया है,उससे सेना अब और अलर्ट हो जाएगी.हमारी आर्मी नेशनल पावर बन चुकी है.जवान और लीडरशीप आले दर्जे का है,लेकिन चीन की आर्मी में ऐसा नहीं है.उनकी लीडरशीप कमजोर लेवल की है,लेकिन हमें अभी से चौकन्ना रहना है क्योंकि चीन की पाकिस्तान के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप है.ऐसे में पाकिस्तान सियाचिन,एलओसी पर कोई नापाक हरकत कर सकता है,इसलिए हमें थोड़ा अलर्ट रहना होगा .साथ-साथ साइबर सिक्योरिटी पर भी पैनी नजर रखनी होगी.

प्रधानमंत्री का बयान सेना के लिए होता है महत्वपूर्ण

बिक्रम सिंह ने कहा कि आज का प्रधानमंत्री का बयान देश और सेना का हौसला बढ़ाने वाला है. प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को ये संदेश दिया है कि हम भाईचारे से मसले का हल चाहते हैं,लेकिन कोई देश की अखंडता पर हाथ डालेगा तो हम फोर्स का इस्तेमाल करने से नहीं चूकेंगे.
उन्होंने कहा कि जो मिलिट्री स्ट्रैटजी है वो प्रधानमंत्री,रक्षा मंत्री या कैबिनेट मिनिस्टर्स के स्टेटमेंट्स के हिसाब से भी चलती है.अगर कोई आदेश प्रधानमंत्री की ओर से आता है या मीडिया में बयान आता है,वो मिलिट्री स्ट्रैटजी में शामिल किया जाता है.
पूर्व थलसेना अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में साफ होता है कि अभी ऑप्शन ओपन हैं.यानी दरवाजे खुले हैं और डिप्लोमेसी के जरिए इससे निपटा जा सकता है. उन्होंने कहा कि जो ग्राउंड पर चल रहा है,उसका मुंहतोड़ जवाब हमारी सेना ने दे दिया है.ये जवाब आले दर्जे का है, लेकिन 20 जवानों को खोना दुखद है.https://m.aajtak.in/e-agenda-aaj-tak-2020/video/e-agenda-aaj-tak-suraksha-sabha-former-army-chief-bikram-singh-says-china-respects-countries-that-have-strong-army-1198166-2020-06-06

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