ममता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो पत्रकार शफीकुल इस्लाम समेत तीन बंदी, विरोध

पश्चिम बंगाल: भ्रष्टाचार पर ममता सरकार की पोल खोलने वाले पत्रकार शफीकुल इस्लाम समेत 3 गिरफ्तार
“इन लोगों के साथ बड़े अपराध जैसे मर्डर, रेप, या डकैती करने पर ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। बल्कि केवल सरकार के ख़िलाफ़ न्यूज चलाने पर ऐसा बर्ताव हुआ है। जिस प्रकार पुलिस ने इनके घरों को घेरा। दरवाजों को तोड़ा और इनके छोटे बच्चों के साथ इन्हें थाने लेकर गई। वो सब ये बताता है कि हमारा लोकतंत्र और संविधान बीमार हो गया है।”
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर पिछले महीने की 29 तारीख को आरामबाग टीवी के मालिक व पत्रकार शेख शफीकुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया था। उनके साथ इस दौरान उनकी पत्नी अलीमा खातून और चैनल में काम करने वाले पत्रकार सूरज अली खान भी गिरफ्तार हुए थे।
आरामबाग टीवी राज्य सरकार के निशाने पर पहले से था। दरअसल,चैनल ने ममता बनर्जी सरकार के कई सभाओं को दिए डोनेशन पर सवाल उठाए थे। चैनल का दावा था कि कोरोना महामारी के बीच सरकार ने जिन विभिन्न क्लबों को पैसा देने का दावा किया है,वो वास्तविकता में अस्तित्व में ही नहीं है। इस खुलासे के बाद शफीकुल के ख़िलाफ़ कई एफआईआर दर्ज हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में चैनल के मालिक के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 420,468,469,471,500,505, 120b,में मामला दर्ज किया था। हालाँकि शफीकुल ने दो मामलों में कोलकाता हाईकोर्ट से बेल ले ली थी। लेकिन, अब हाल में पुलिस ने उन्हें जबरन वसूली पर रिपोर्ट दिखाने के मामले में गिरफ्तार किया। चैनल के मालिक पर ये कार्रवाई ट्रकों से घूस लेते हुए पुलिस की वीडियो चलाए जाने के बाद हुई।

कथित तौर पर उन पर किसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने किसी से 30,000 रुपए की माँग करते हुए उसको धमकी दी थी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वह अवैध रूप से पेड़ काटने पर उसके खिलाफ़ रिपोर्ट चला देंगे। व्यक्ति ने दावा किया कि पत्रकार सूरज ने इन पैसों की माँग की थी। वो भी बिना ये जाने की पेड़ पंचायत के निर्देशों पर काटे गए।
इस शिकायत के कुछ घंटे बाद ही शफीकुल, उनकी पत्नी और सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया। जहाँ उन्हें बेल लेने का मौका भी नहीं मिला।
इस बात की जानकारी बंगाल गवर्नर जगदीप धनकड़ ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी थी। उन्होंने गिरफ्तारी से संबंधित ट्वीट करते हुए कहा था कि शफीकुल को इसलिए गिरफ्तार किया क्योंकि उन्होंने जनता के पैसों के गलत इस्तेमाल पर ममता सरकार का खुलासा किया था।
उन्होंने एडिटर गिल्ड,प्रेस क्लब और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स को टैग करते हुए इस मामले पर स्टैंड लेने की अपील की थी। उन्होंने आगे लिखा था,“अगर पत्रकार खामोश है,तो लोकतंत्र भी मौन हो जायेगा ।”

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Governor West Bengal Jagdeep Dhankhar
·
Jun 29
Safiqul Islam arrest(Arambagh TV) for expose of govt in distributing public money to non-existent clubs raises fundamental issue of freedom of media
@MamataOfficial

Time to stand up
@IndEditorsGuild

@PressClubOfI1

@NUJIndiaOrg

If journalists are silenced, so is democracy.
Replies
Rakesh
@RakeshDutta80
·
Jun 29
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@jdhankhar1

@MamataOfficial
and 3 others
Democracy is in danger when reporter is arrested for publishing true news.
Arindam Ghosh
@Arindam81117169
·
Jun 29
Replying to
@jdhankhar1

@MamataOfficial
and 3 others
কাকা এগুলো চোখে পড়ে না?সারাদিন আমাদের ট্যাক্সের পয়সায় খাবে আর বাংলার বদনাম করবে।
Sanjeet Mukherjee
@smukherjee161
·
Jun 29
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@jdhankhar1

@MamataOfficial
and 3 others
Citizens of West Bengal must hit the streets to overthrow the thug government of Mamata.
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Sanjay Mishra
@sanjayswadesh
·
9h
Vikas Dubey arrested and not one voice in his support.

Sharjeel Imam arrested, one whole wing supported him.

Difference
Norbert Eclairs
@NorbertElekesTE
·
Jul 8
Meanwhile, J Sai Deepak destroying Owaisi 😂

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Rahul Roushan
@rahulroushan

हालाँकि,इस खबर पर अब तक राष्ट्रीय मीडिया ने मौन धारण किए रखा। लेकिन समाज के जागरूक नागरिकों ने इन लोगों की रिहाई की माँग शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अशोक के गांगुली,राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अर्धेंदु सेन, फिल्म निर्माता बुद्धदेव दासगुप्ता,अपर्णा सेन,तरुण मजूमदार और अन्य ने एक बयान जारी कर तीनों लोगों की रिहाई की माँग की है।
बयान में कहा गया,“इन लोगों के साथ बड़े अपराध जैसे मर्डर,रेप या डकैती करने पर ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। बल्कि केवल सरकार के ख़िलाफ़ न्यूज चलाने पर ऐसा बर्ताव हुआ है। जिस प्रकार पुलिस ने इनके घर घेरे। दरवाजे तोड़े और छोटे बच्चों के साथ इन्हें थाने लेकर गई। वो सब ये बताता है कि हमारा लोकतंत्र और संविधान बीमार हो गया है।”
गौरतलब है कि 29 जून के बाद से आरामबाग टीवी के यूट्यूब चैनल पर कोई भी नई रिपोर्ट नहीं पोस्ट हुई है। 29 जून को कुछ वीडियो पोस्ट हुई थी जिसमें दर्शाया जा रहा था कि पुलिस और कुछ लोगों ने शफीकुल के घर को सादे कपड़ों में घेर रखा है। उनमें से कुछ शफीकुल के घर की खिड़कियां तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि एक अन्य वीडियो में देखा गया था कि कुछ लोग उसके घर में छत से घुसने की कोशिश कर रहे थे।


बता दें कि इससे पहले शफीकुल ने एक वीडियो में कहा था कि उनके वेब चैनल को बंद कराने का षड्यंत्र है। लेकिन वे इन सबके आगे नहीं झुकेंगे और अदालत में डटकर सभी चीजों का सामना करेंगे। शफीकुल इस्लाम ने एक वीडियो में यह भी कहा था कि हो सकता है कल को उनकी गिरफ्तारी हो , बेरहमी से पिटाई की जाए। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि दर्शक उनका समर्थन करेंगे।

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