दोपहर तक नये 23 कोरोना पॉजिटिव में 15 चंपावत से

राज्य में सोमवार को कोरोना के 23 नए मरीज मिले। जिसमें से 15 चम्पावत और आठ हरिद्वार जिले के मरीज है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि सोमवार को लैब से कुल 753 सैंपल की रिपोर्ट आई जिसमें से 23 पॉजिटिव जबकि 730 सैंपल नेगेटिव आए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों से कुल 993 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जिसमें से सबसे अधिक 335 सैंपल टिहरी जिले के 214 हरिद्वार, 99 यूएस नगर के सैंपल हैं।
जबकि चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों से से सोमवार को कोई भी सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा गया। इधर राज्य में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने की वजह से संक्रमण दर में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
सोमवार को राज्य में कोरोना मरीजों के पॉजिटिव आने की दर चार प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। प्रवासियों की वापसी से पहले राज्य में यह दर एक प्रतिशत से भी कम थी।
जबकि मरीजों के दोगुना होने की दर भी साढ़े पांच दिन रह गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अभी कुल 36 हजार के करीब लोगों को फैसिलिटी क्वारंटाइन में रखा गया है।
इधर राज्य में कोरोना मरीजों के साथ ही कंटेनमेंट जोन में भी इजाफा हो रहा है। सोमवार को राज्य में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 38 पहुंच गई है।
एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए भर्ती एक कोरोना पॉजिटिव युवक की रविवार देर रात मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार युवक की मौत का कारण कोरोना नहीं है।बुलेटिन के अनुसार अस्पताल ने युवक की मौत का कारण सीवर सेप्सिस और सेप्टिक शॉक माना है। राज्य में अभी तक छह कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है लेकिन इसमें से चार की मौत का करण दूसरी बीमारियां मानी गई हैं। जबकि दो की मौत के कारणों का अभी निर्धारण किया जाना बाकी है।
राज्य में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। शुरू में मरीजों के पॉजिटिव मिलने की रफ्तार बेहद धीमी थी। लेकिन 15 मई के बाद से मरीजों की संख्या में उछाल आया है।

24 मई के बाद से तो राज्य में मरीजों की संख्या अप्रत्याशित तेजी से बढ़ रही है। रविवार को राज्य में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 802 पहुंच गई है।

कोरोना का पहला मरीज राज्य में 15 मार्च को आया था। स्पेन से लौटे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के एक ट्रेनी आईएफएस की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

उसके बाद से राज्य में मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। शुरू में विदेश से लौटे नागरिकों में कोरोना वायरस पाया गया था। विदेश से आए केवल सात लोग ही राज्य में पॉजिटिव आए और विदेशियों से राज्य में संक्रमण फैलने से रोकने में स्वास्थ्य विभाग कामयाब रहा।

उसके बाद जमातियों की वजह से राज्य में मरीजों की संख्या बढ़ी लेकिन सरकार ने कड़े कदम उठाकर जमातियों में कोरोना संक्रमण को भी काबू कर लिया। राज्य में पहला मरीज मिलने के दो महीने बाद तक हालात सामान्य ही चल रहे थे लेकिन प्रवासियों की वापसी के बाद से मरीजों की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है।

राज्य में अभी तक पॉजिटिव पाए गए कुल कोरोना मरीजों में से 80 प्रतिशत से अधिक प्रवासी हैं। प्रवासियों की राज्य में वापसी की प्रक्रिया चार मई से शुरू हो गई थी।

15 मई आते आते प्रवासियों की वापसी बढ़ी और उसके साथ ही मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। एक ही दिन में बड़ी संख्या में मरीजों के आने से 24 मई के बाद से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह के दौरान राज्य में छह सौ के करीब मिले हैं। राज्य में अभी तक पॉजिटिव पाए गए प्रवासियों में सबसे बड़ी संख्या महाराष्ट्र से आए लोगों की है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार पॉजिटिव पाए गए प्रवासियों में से 70 प्रतिशत से अधिक मरीज महाराष्ट्र से लौटे प्रवासी हैं।
पहाड़ में भी तेजी से फैला संक्रमण
राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिले पहला मरीज मिलने के दो महीने बाद तक ग्रीन जोन में थे। लेकिन 24 मई के बाद पर्वतीय जिलों में मरीजों के पॉजिटिव आने से तस्वीर बदल गई और सभी जिले ऑरेंज श्रेणी में आ गए। अब मैदान के साथ ही पहाड़ के जिलों में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। जिससे सरकार की चुनौती बढ़ रही है।
सोमवार को दोपहर दो बजे तक राज्य में कोरोना संक्रमण के आठ नए मामले सामने आए। 200 मरीज ठीक हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इन मामलों की पुष्टि की है।
आज मिले नए आठ मामले हरिद्वार जिले में मिले हैं। ये सभी मुबंई से वापस लौटे हैं। रविवार को प्रदेश में 173 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे जिनमें से एक सैंपल की रिपोर्ट को दो बार काउंट किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, रविवार को सैंपल जांच रिपोर्ट में 1063 निगेटिव मिले थे। जबकि 11 जिलों में 173 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। देहरादून में 49 संक्रमित मरीज मिले। इनमें 22 लोग संक्रमित मरीज के संपर्क में आए हैं। 17 दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती हैं, एक आढ़ती निरंजनपुर मंडी और पांच संक्रमित मुंबई और चार दिल्ली से आए हैं।
चार बजे तक ही बाजार खोलने के पक्ष में अधिकतर व्यापारी
एक जून से भले ही देशभर में कंटेनमेंट जोन के अलावा सभी जगह पाबंदियां हटाने की घोषणा हो चुकी है, लेकिन दून के व्यापारी अभी भी बाजारों को सुबह सात से चार बजे तक खोलने के पक्ष में ही हैं। व्यापारी इस संबंध में जिला प्रशासन और सरकार के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं। अब जिला प्रशासन के आदेश का इंतजार है। व्यापारी सोमवार को इस संबंध में बैठक कर आगे का निर्णय लेंगे।
देश में पिछले 68 दिनों से लॉकडाउन है। एक मई से तमाम पाबंदियां हटाने की घोषणा केंद्र सरकार ने की है। हालांकि कई अधिकार प्रदेश सरकार को दिए हैं। दून में जिला प्रशासन ने बाजारों को खोलने की अवधि सुबह सात से शाम सात बजे तक कर दी है। व्यापारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित कर हालातों का हवाला देकर बाजारों का समय शाम चार बजे तक ही करने को कहा है।
इस संबंध में जिला प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। व्यापारियों का कहना है कि वह जिला प्रशासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। सोमवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि अधिकतर व्यापारी बाजारों का समय बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है।
नहीं खोलेंगे तिब्बती मार्केट
देहरादून जिला प्रशासन ने मॉल के साथ ही तिब्बती मार्केट को भी सोमवार से खोलने की इजाजत दे दी है, लेकिन वर्तमान हालतों को देखते हुए तिब्बती मार्केट एसोसिएशन ने अगले कुछ हफ्तों तक मार्केट को बंद रखने का ही फैसला लिया है।एसोसिएशन का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से वह काफी नुकसान झेल चुके हैं, कुछ दिन और वह नुकसान झेलने को तैयार हैं।एसोसिएशन जल्द मीटिंग कर मार्केट खोलने को लेकर फैसला लेगी। लॉकडाउन के बाद से ही मॉल के साथ ही तिब्बती मार्केट भी बंद हैं। दुकानों को जगह कम होने के कारण और एक दूसरे से दुकानें चिपकी होने के कारण यहां सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना और करवाना मुसीबत भरा है।

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