करतारपुर कॉरिडोर देगा भारत को जख्म: पाकिस्तानी मंत्री

अब तक पाकिस्तान सरकार यह दावा कर रही थी कि कॉरिडोर खोलना प्रधानमंत्री इमरान खान की सोच है.
इस्लामाबाद: इमरान खान (Imran Khan) के करीबी और पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद (Sheikh Rasheed Ahmad) ने शनिवार को कबूल लिया है कि करतारपुर कॉरिडोर (kartarpur corridor) सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के दिमाग की उपज थी. कॉरिडोर के इस जख्म को हिंदुस्तान हमेशा याद रखेगा. जबकि इससे उलट पाकिस्तान सरकार अब तक यह दावा कर रही थी कि कॉरिडोर खोलना प्रधानमंत्री इमरान खान की सोच है.
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, ”जनरल बाजवा ने करतारपुर कॉरिडोर का ऐसा जख्म लगाया कि हिंदुस्तान हमेशा इसे याद रखेगा. इस प्रोजेक्ट के जरिए सिखों के अंदर पाकिस्तान के लिए खुशदिली और मोहब्बत पैदा की गई.”
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही आगाह कर चुके हैं कि करतारपुर कॉरिडोर के पीछे पाकिस्तान का एक छिपा हुआ एजेंडा है.
शेख रशीद के बयान पर कैप्टन का पलटवार, कहा- पाक ने नापाक इरादे किए उजागर
पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद के करतारपुर कॉरिडोर को वाले बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. कैप्टन ने कहा कि ये बयान देकर पाकिस्तान ने अपने नापाक इरादों को उजागर किया है.
दरअसल, पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद ने शनिवार को दावा किया कि ऐतिहासिक करतारपुर गलियारा शुरु करने का विचार सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का था, और यह बात भारत को हमेशा आहत करती रहेगी. इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेल मंत्री शेख राशिद समेत पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देकर पाकिस्तान ने अपने नापाक इरादों को सबके सामने उजागर कर दिया है.
सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व पर भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए 9 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर गलियारे का उद्घाटन किया था. गलियारे के उद्घाटन के दौरान इमरान खान ने एक जनसभा को संबोधित करते हुये कहा था, ‘‘मुझे इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि यह स्थल इतना महत्त्व रखता है. मुझे एक साल पहले पता चला. मुझे खुशी है कि हम आपके लिए ऐसा कर सके.
जनसभा में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू सहित 12,000 से अधिक लोग मौजूद थे. पाकिस्तानी सरकार ने दावा किया है कि करतारपुर कॉरिडोर प्रधानमंत्री इमरान खान की पहल थी.
हालांकि, पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद जो कि प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाते हैं, ने शनिवार को सरकार के दावे के विपरीत कहा कि गलियारे की शुरुआत का विचार सेना प्रमुख जनरल बाजवा था और यह दावा किया कि यह भारत को हमेशा आहत करेगा.
पाकिस्तान में अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा जैसे कई देशों से पहुंचे अलगाववादियों और खालिस्तानी तत्वों की मौजूदगी तथा भारत से करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं से उनकी संभावित मुलाकात भारत के लिए चिंता का विषय है. खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) जैसे सिख कट्टरपंथी संगठनों की उनके विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने की योजना है.
सिख रेफरेंडम 2020
भारत ने इस पर चिंता जताई है कि पाकिस्तान में कई गुरुद्वारों का इस्तेमाल खालिस्तान-समर्थक विचारों को बढ़ावा देने में किया जा रहा है और कथित सिख रेफरेंडम 2020 से संबंधित पैंपलेट्स के वितरित किए जाने से संबंधित जानकारी साझा की है. एसएफजे के प्रमुख अवतार सिंह पन्नू और गुरपटवंत सिंह पन्नू हैं, जो पृथक खालिस्तान राज्य की मांग करते हैं.
पाकिस्तान द्वारा खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ), बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई), खालिस्तान कमांडो फोर्स (केजेडएफ) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) जैसे अन्य प्रतिबंधित संगठनों को पुनर्जीवित किए जाने को लेकर भारत चिंतित है. जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को पांच अगस्त को खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी संगठन भारत में हथियारों की तस्करी में संलिप्त पाए गए.
पाकिस्तान से हथियार तस्करी
खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान से ड्रोन्स के माध्यम से हथियार भारत भेजे जाने से भी चिंतित हैं. भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तान से हथियार तस्करी कर लाने वाले दो ड्रोन्स हाल ही में पकड़े गए थे.
भारत ने जताई चिंता
आतंकवादी हाफिज सईद के सहयोगी और कुख्यात अलगाववादी गोपाल सिंह चावला के करतारपुर साहिब कॉरिडोर की 10 सदस्यीय समिति का सदस्य बनाए जाने पर भी भारत ने पाकिस्तान के समक्ष अपनी चिंता जाहिर की है.
आपत्तिजनक वीडियो
एक नवंबर को जारी करतारपुर पर पाकिस्तान के आधिकारिक वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरांवाले समेत खालिस्तानी आतंकवादी और भारत-विरोधी तत्व दिखे थे. साल 1984 में ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान उसका सैन्य सहयोगी शाबेग सिंह मारा गया था. वीडियो में प्रतिबंधित ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ संगठन के पोस्टर भी दिखे थे. भारत ने इस वीडियो में दिखे आपत्तिजनक लोगों को लेकर आपत्ति जताई थी. करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) को लेकर पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक प्रमोशनल वीडियो में खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर दिखने का भारत सरकार ने संज्ञान लिया है. सूत्रों के हवाले से खबर है, ‘भारत सरकार का मानना है कि पाकिस्तान के करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के पीछे मकसद कुछ और ही, पाकिस्तान इस बहाने खालिस्तान और अलगाववाद को हवा देना चाहता है.’ सरकार के सूत्रों ने बताया है, ‘हमने भिंडरवाले का पोस्टर उपयोग करने के मामले को संज्ञान में लिया है. पाकिस्तान की सरकार जो कुछ भी कर रही है उसके पीछे पाक आर्मी है.’
सरकार का कहना है,’सुरक्षा को लेकर हमारे पूरे इंतजाम है जिससे कॉरिडोर के चलते कोई सुरक्षा पर आंच नहीं आएगी.
‘भारतीय बम’ पर एक पोस्टर
करतारपुर में दरबार साहिब गुरुद्वारा के निकट ‘भारतीय बम’ पर एक पोस्टर की मौजूदगी से भी भारत की भौंहें तनी हैं. दावा किया गया है कि वह बम भारतीय वायुसेना ने 1971 के युद्ध के दौरान तीर्थस्थल पर गिराया था. पोस्टर में उर्दू, गुरुमुखी और अंग्रेजी में लिखा है, “वाहे गुरु जी का चमत्कार.” बम को सिखों के लिए पवित्र खंडा से सजे एक छोटे खंबे के ऊपर शीशे के अंदर रखा गया है.

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