छठ दुर्घटनाओं में बिहार-उप्र में 14 श्रद्धालुओं की मौत

समस्तीपुर में छठ के दौरान हादसा (फोटो- ANI)
उगते सूर्य को अर्घ्य देने दिल्ली-एनसीआर के सैकड़ों घाटों पर पहुंचे हजारों श्रद्धालु
दिल्ली में बने सैकड़ों घाटों पर लोग रात से ही जमा थे और तय समय 6:35 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य दिया।
रविवार सुबह उगते सूर्य के दर्शन के साथ छठ व्रतधारियों ने सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी कठिन व्रत समाप्त किया। दिल्ली में सुबह में 6 बजकर 35 मिनट पर सूर्य के दर्शन देने के साथ अर्घ्य देना शुरू हो गया।
दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई है।
दिल्ली के कालिंदी कुंज स्थित यमुना नदी में प्रदूषण के कारण बने झाग के बीच श्रद्धालु छठ पूजा करने के लिए मजबूर हुए
आजमगढ़ में छठ पर्व के दौरान अगल-अलग घटनाओं में 3 लोगों की मौत नदी में डूबने के कारण,
छठ के दौरान बिहार के दो अलग-अलग जिलों में नाबालिग समेत 5 की मौत
नई दिल्ली, । दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में मनाया जा रहा चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ रविवार को समाप्त हो गया। इससे पहले रविवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचे दिल्ली-एनसीआर में बने सैकड़ों घाटों पर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखा। वहीं, लोक आस्था के महापर्व छठ के चौथे दिन रविवार सुबह यमुनापार के अलग-अलग हिस्सों में यमुना व कॉलोनी में बने अस्थायी घाटों पर जाकर व्रतियों ने सूर्य देव को दूसरा अर्घ्‍य दिया और छठी मैया की पूजा के साथ यह पर्व संपन्न हो गया। आम से लेकर खास तक सभी ने छठ पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया।इससे पहले लोक आस्था के महापर्व छठ की छटा से यमुनापार शनिवार भी सराबोर रहा। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सिर पर सूप और टाेकरी में प्रसाद के साथ आगे बढ़ते घर के युवा और पीछे-पीछे छठी मैया के गीत गाती हुई आगे बढ़ती महिलाएं, यह अद्भुत नाजारा यमुनापार के छठ घाटों पर देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में छठ व्रतियों ने भगवान भास्कर और छठी मैया की पूजा की और शाम काे अस्ताचलगामी सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। इसके साथ ही छठी मैया से मनोकामनाएं मांगी। हालांकि स्मॉग के चलते सूर्य के दीदार न होने पर व्रती थोड़े मायूस दिखे। पूजा के दौरान हल्की बारिश ने घाटों पर माहौल सुहावना कर दिया
लोगों में छठ को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। शनिवार सुबह से लोग घाटों पर पहुंचने शुरू हो गए थे, शाम होते-हाेते घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसेलाब उमड़ गया। सोनिया विहार, वजीराबाद, उस्मानपुर, गीता कॉलोनी, किशनकुंज, डीएनडी, बैंक कॉलोनी, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी घाट पर लोगों को छठ का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुहागिनों ने एक दूसरे की मांग में सिंदूर भरा और छठ की बधाई दी। सूर्य को अर्घ्य देने से पहले महिलाओं ने घाट पर पूरे विधि विधान के साथ पूजा की। अर्घ्य देने के बाद घाटों में प्रवाहित किए दीपों का विहंगम दृश्य देखते ही बना।
दंडवत प्रणाम करते हुए घाट पर पहुंचे कई व्रती
घाटों पर बड़ी संख्या में व्रतधारी दंडवत प्रणाम करते हुए पहुंचे। घाटों पर ऐसे व्रतियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए सिविल डिफेंस के वालंटियर घाट के प्रवेश से ही उनके आगे आगे दूसरे लोगों को हटाते हुए चले। दंडवत प्रणाम करने वालों ने अपने व अपने परिवार के लिए छठी मैया से मन्नते मांगी या जिनकी मन्नते पूरी हो गई थी वह दंडवत प्रणाम करते हुए घाट पर पहुंचे।
छठ घाटों पर दिखा सेल्फी का उत्साह
घाटों पर लोगों में सेल्फी की दिवानगी देखने को मिली, बड़े से लेकर छोटे तक इस पल को अपने फोन में कैद करने में लगे रहे। लोगों के बीच सेल्फी लेने की होड़ सी लगी रही। बहुत से युवा यमुना नदी के पानी के अंदर जाकर फोटो खींचते हुए दिखाई दिए। कई लोगों ने हाथों हाथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर किए, तो कुछ ने लाइव वीडियो चलाया।

बिहार:छठ महापर्व के दौरान अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की मौत, कई घायल
एक तरफ बिहार-झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में लोक आस्था और विश्वास के महापर्व छठ (Chhath) को लेकर धूम है. तो वहीं, दूसरे तरफ बिहार में कई जगहों पर 11 लोगों की हादसे में मौत के कारण मातम छा गया.समस्तीपुर में छठ पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में दो महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. जबकि दो अन्य गंभीर से घायल हो गए हैं. घायलों का इलाज अभी अस्पताल में चल रहा है.
वहीं, हसनपुर में छठ पूजा के दौरान भी एक बड़ा हादसा हो गया. यहां मंदिर की दीवार गिरने से दर्जनों श्रद्धालु घायल हो गए.
जानकारी के मुताबिक, अभी कई लोगों के मलबे में दबे होने की संभावना. घटना हसनपुर थाना क्षेत्र के बड़गांव गांव स्थित पुरानी काली मंदिर की दीवार टूटने के कारण हुआ.खगड़िया के बेलदौड़ थाना क्षेत्र के रूक्मिनिया गांव में सुबह में अर्घ्य देने के दोरान एक 8 वर्षीय बच्चे की डूबने से मोत हो गई है.
स्थानीय लोगों के प्रयास से शव को निकाला गया है.शव मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है. मृतक बच्चे का नाम ओम प्रकाश बताया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक लड़का पानी में उतरकर अर्घ्य दे रहा था कि तभी उसका पेर फिसल गया और वो गहरे पानी में चला गया. हालांकि, ग्रामीण के द्वारा बच्चे को पानी से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक बच्चे की मोत हो गई थी.हीं, खगडिया में एक दूसरे हादसे में छठ पूजा के दोरान एक लड़की पानी में डूबी गई. स्थानीय लोगों के द्वारा शव को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया. घटना मोरकाही थाना क्षेत्र के रसोका गांव के बागमती नदी के रसोका घाट की है.
इसके अलावा बाढ़ के बख्तियारपुर में वार्ड संख्या 9 निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार की गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई. इसके बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के प्रयास से राहुल को गंगा नदी से बाहर निकाला गया.
वहीं, घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया. एक अन्य मामले में औरंगाबाद की सुर्यनगरी देव में छठ के मौके पर अर्घ्य के बाद बेकाबू हुई भीड़ से दबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई.
मृतकों में पटना के बिहटा का एक 6 वर्षीय बालक तथा दुसरा भोजपुर के सहार की डेढ़ साल की बच्ची शामिल है. जबकि कई लोग हादसे में घायल भी हो गए.
हादसा देव प्रखंड मुख्यालय स्थित सुर्यकुंड के पास की है. घटना के बाद पूरे मेला क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. इसके बाद में प्रशासन ने माहौल को शांत कराया.
वहीं, सहरसा छठ घाट पर स्नान करने के दौरान डूबने से एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. तेज बहाव की चपेट में आने से मृतक का शव अब तक नही हुआ बरामद है.
इसके अलावा सहरसा में ही छठ घाट पर पटाखा फोड़ने के दौरान 12 साल का बालक गंभीर रूप से झुलस गया. घायल बालक को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि घटना नौहट्टा प्रखंड के धरहरा गांव की है.

प्रतीकात्मक चित्र
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में छठ पर्व के दौरान अगल-अलग घटनाओं में 3 लोगों की मौत नदी में डूबने के कारण हो गई. पहली घटना देवगांव के सलेमपुर गांव की है जहां पोखर में तमाम श्रद्धालु स्नान कर रहे थे तभी उसी दौरान एक युवक डूब गया. जबकि दूसरी घटना जीयनपुर के बेरमा गांव की हैं. युवक तमसा नदी के किनारे सुबह अर्घ देने के दौरान स्नान करते समय नदी की तेज धारा में बह गया. परिजनों के मुताबिक वह प्राइवेट कंपनी में काम करता था और छठ के लिए अपने घर आया था.
तीसरी घटना सिधारी के हथिया गांव में घटी. घटना उस वक्त घटी जब एक नाव पर सवार होकर चार लोग छठ पूजा देखने के लिए जा रहे थे. इसी दौरान नाव अनियंत्रित हो कर पलट गई. नाव सवार सभी चारों लोग डूबने लगे. मौके पर मौजूद गोताखोरों ने मिलकर तीन युवकों को बाहर निकाला लिया.हालांकि, गोताखोर एक युवक को बचाने में नाकाम रहे और डूबने के कारण उसकी मौत हो गई. मृतक का नाम गिरीश बताया जा रहा है. उसकी उम्र लगभग 14 साल है.
बता दें कि बिहार में भी छठ पूजा के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई. समस्तीपुर में जहां तीन लोगों की मौत हो गई वहीं औरंगाबाद के देव में भगदड़ मचने के कारण 2 बच्चों की मौत हो गई.

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