चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

कानून की छात्रा को चिन्मयानंद से 5 करोड़ रु. रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया
छात्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका दाखिल की थी, जो खारिज हो गई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 20 सितंबर को चिन्मयानंद को अरेस्ट किया था
शाहजहांपुर. पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा को बुधवार को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कोर्ट ने पीड़िता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। छात्रा पर चिन्मयानंद से पांच करोड़ रु. की रंगदारी मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद छात्रा को मेडिकल के लिए ले जाया गया। उप्र के पुलिस प्रमुख ओपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
चिन्मयानंद के वकील महेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपित छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उनके वकील की तरफ से जमानत याचिका दायर की गई थी लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया है। यदि जमानत याचिका दोबारा दायर की जाती है उस पर दोपहर एक बजे सुनवाई होगी।
इससे पहले मंगलवार को पीड़ित छात्रा ने शाहजहांपुर में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत और बयान दोबारा दर्ज किए जाने के लिए याचिका दाखिल की थी। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कोर्ट ने 26 तारीख को सुनवाई की तारीख तय की थी
। बता दें कि एसआईटी ने बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे छात्रा को उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की पुष्टी छात्रा के पिता ने की थी, जिसके बाद छात्रा को मेडिकल के लिए ले जाया गया था। अस्पताल से छात्रा को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने छात्रा को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
आपको बता दें कि छात्रा पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद से फिरौती मांगने का आरोप था। फिरौती का एक वीडियो सामने आया था, जिसके बाद छात्रा और उसके तीन साथियों पर पुलिस ने फिरौती मांगने का केस दर्ज किया था।
पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में जेल में बंद सचिन उर्फ सोनू और विक्रम सिंह को मंगलवार को एसआईटी ने रिमांड पर लिया था। जेल से निकलने के बाद दोनों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया और इसके बाद एसआईटी दोनों को लेकर पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय लेकर पहुंची थी।
इससे पहले मंगलवार को चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा ने हाईकोर्ट से लौटकर एडीजे प्रथम न्यायालय में एसआईटी द्वारा की गई अब तक की जांच रिपोर्ट तलब करने और अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
छात्रा को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
छात्रा सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पहुंची थी। यहां उसने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने और बयान दोबारा दर्ज कराए जाने की याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यदि पीड़ित छात्रा इस संबंध में कोई राहत चाहती है, तो वह उचित पीठ (स्थानीय अदालत) के समक्ष नई याचिका दायर कर सकती है।
छात्रा के तीन दोस्त भी पुलिस रिमांड पर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 20 सितंबर को चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था। उसी दिन रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता के तीन दोस्तों विक्रम सिंह, संजय सिंह और सचिन सेंगर को भी एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद विक्रम और सचिन को रिमांड पर लिया गया। एसआईटी को 95 घंटे की रिमांड मिली है।
मामले में कब क्या हुआ?
23 अगस्त को पीड़ित छात्रा हॉस्टल से लापता हो गई थी। 24 अगस्त को छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने अपहरण, यौन शोषण का आरोप लगाया। 25 अगस्त को छात्रा के पिता ने चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण और धमकी देने का मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। 26 अगस्त को चिन्मयानंद के वकील ने अज्ञात के खिलाफ पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
30 अगस्त को छात्रा को उसके एक दोस्त के साथ पुलिस ने राजस्थान से बरामद किया। उसी दिन छात्रा को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। यौन शोषण के आरोपों को लेकर 12 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। 20 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ्तार कर लिया था।

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