बरेली : सीएए के विराेध में बेटियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राणा के बयान पर मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने निशाना साधा है। मुनव्वर राणा ने बयान दिया था कि उन पर ऐसी बागी बेटियों को पैदा करने का मुकदमा दर्ज हो। मशहूर शायर के इस बयान पर फरहत नकवी ने कहा कि उनकी बेटियों सहित वह कहां थे, जब मुस्लिम महिलाओं पर तीन तलाक के जरिए अत्याचार हो रहा था। तब उन्हें देश की बाकी बेटियों की याद क्यों नहीं आई?

दंश झेलने वाली भी कौम की बेटियां थी : फरहत ने कहा कि अपनी बेटियों पर एफआइआर दर्ज होने पर मुनव्वर राना बढ़-चढ़कर बात कर रहे हैं। खुद पर आई तो आज उन्हें पूरे देश की बेटियां याद आने लगी हैं। उनके हक और समर्थन की बात करने लगे, लेकिन मैं यह पूछना चाहूंगी कि जिस समय मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक का दंश झेल रही थी, वह भी कौम की बेटियां थीं। उनके लिए क्यों नहीं वह कुछ बोले?

ट्वीट किया बयान, मिल रहा लोगों का समर्थन : मुस्लिम महिलाओं के परिवार बिखर गए। उन्हें घरों से निकाल दिया गया। दो वक्त की रोटी के लिए ठोकरें खानी पड़ी थीं। उस समय मुनव्वर राना को इन बेटियों की फिक्र नहीं हुई। फरहत ने ट्वीट कर बयान जारी किया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन दिया है।

तारीफ कर, बोली, प्रधानमंत्री  ने समझा महिलाओं का दर्द : फरहत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ भी की। कहा कि वर्षों से तीन तलाक की प्रताडऩा झेल रहीं मुस्लिम महिलाओं का दर्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा और तीन तलाक पर कानून बनाया।