उच्चतम न्यायालय जो फैसला दे, सब उसे कबूल करें: सांसद हाजी फजलुर्रहमान

अयोध्या फैसले को लेकर सहारनपुर में तैयारियां शुरू
सभी समुदाय प्रत्येक दशा में अमन व शांति बनाये रखें:मण्डलायुक्त
साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाडने वालों के खिलाफ लगेगी सख्त धाराएं: जिलाधिकारी
सहारनपुर। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने भारी संख्या में उपस्थित मुस्लिम समुदाय व वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या का फैसला बहुत पुराना मामला है। इससे बडा मुकदमा आज तक नही चला। उन्होने कहा कि यह एक संगीन मामला है। उन्होने उपस्थित लोगो का आवाहन करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का दिया फैसला किसी के हक में आये तो शुक्र अदा करें, और यदि किसी के खिलाफ आये तो सब्र करें। फैसला आने पर कोई बद्तमीजी न करे। न ही किसी को इसकी इजाजत दी जायेगी। उन्होनेे कहा कि यह इम्तहान का वक्त है। सहारनपुर के सभी समाज के लोग एक साथ रहते चले आ रहे है, आगे भी मिलकर रहेंगे। जनपद की संस्कृति व तहजीब कायम रहनी चाहिए। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने भी अपील की है कि फैसला आने पर भाई-चारा बनाये रखें। उन्होने यह भी कहा कि कुछ सिरफिरे लोग किसी भी समाज के हो सकते है। आखिरी मंजिल हमारी सुप्रीम कोर्ट है। जो फैसला उच्चतम न्यायालय देगा हम सब उसे कबूल करेंगे। उन्होनेे उदाहरण देते हुए कहा कि सारे जंहा से अच्छा, हिन्दुस्तां हमारा। हम बुलबुलें है इसकी, यह गुलिस्तां हमारा। उन्होने कहा कि आज भी हमारा हिन्दुस्तान पूरी दुनिया में सबसे अच्छा है।
सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के आने वाले निर्णय को लेकर जनमंच में आज जिला प्रशासन ने सभी मुस्लिम समुदाय व अन्य समुदाय के वर्गों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की । इस मौके पर शांति समिति के सदस्यगणों के अलावा वरिष्ठ अधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे। इस मौके पर मण्डलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि जनमंच में शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक गांव व समाज के हित के लिये आयोजित की गयी है। उन्होने पीस कमैटी में शिरकत करने आये सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के अयोध्या फैसले के आने वाले निर्णय को लेकर किसी भी तरह की कोई समस्या किसी गांव, मोहल्ले या समाज में न आने पाये। सभी समुदाय के लोग प्रत्येक दशा में अमन व शांति बनाये रखें। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना पर तुरन्त थानाध्यक्षों के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों को भी दें। जनपद सहारनपुर की शांति में किसी भी तरह का कोई भी विघ्न न आने पाये।
पुलिस उप महानिरीक्षक उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि निर्णय को लेकर गलत मैसेज डालने वालों पर कार्यवाही होगी। सोशल मीडिया के अलावा छोटे से छोटे ग्रुपों पर भी निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया में आने वाले मैसेजों चाहे वह हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू में हो अथवा किसी भाषा में डाली जा रही हो, सभी पर नजर रखी जा रही है। निर्णय आने पर चैराहों पर जश्न न मनाया जाये। न ही कोई विजय जुलूस निकाला जाये। कोई भी व्यक्ति किसी के पक्ष में आपत्तिजनक पोस्टर, बैनर किसी की दीवार, मन्दिर-मस्जिद में न लगाये। सभी समुदाय के लोग उच्चतम न्यायालय के फैसले का सर झुकाकर सम्मान करे। उन्होने सभी वर्गों के लोगो से आवाहन किया कि जनपद में किसी भी दशा में साम्प्रदायिक सौहार्द न बिगडने पाये।
जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने अपने उदबोधन में कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का सभी सम्मान करें। फैसले के संबंध में कोई भी व्यक्ति टिप्पणी न करे, ना करने को किसी को उकसाये, यदि कोई व्यक्ति टिप्पणी करे तो उसे ऐसा करने से रोके। सोशल मीडिया पर फैसले से संबंधित या इस प्रकरण के संबंध में कोई प्रचार-प्रसार न करे। ग्राम, मौहल्लों में जो प्रधान/पार्षद/जिला पंचायत सदस्य/क्षेत्र पंचायत सदस्य/मुख्य व्यक्ति है, वे ग्राम/मौहल्ले/नुक्कड के दुकानदार अथवा निवासियों को भी अवगत करा दें कि यदि कोई ऐसा व्यक्ति इस संबंध में गलत टिप्पणी करता है अथवा कोई अफवाह फैलाता है तो उसकी सूचना तत्काल उन्हे, थाने को दें। प्रधान/पार्षद/जिला पंचायत सदस्य/क्षेत्र पंचायत सदस्य/मुख्य व्यक्ति अपने क्षेत्र के थानेदार के मोबाइल व कार्यालय नंबर/उप जिला मजिस्ट्रेट/सीओ/पुलिस कन्ट्रोल रूम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/जिला मजिस्ट्रेट के दूरभाष नंबर भी अपने पास सुरक्षित रखें ताकि कोई भी छोटी से छोटी घटना का प्रारम्भिक स्तर पर ही निस्तारण हो सकें। थाना पुलिस क्षेत्र के ऐसी असामाजिक तत्व जो फैसला आने पर कानून एवं शांति-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हों,को पूर्व से ही सचेत कर दिया जाये। थाना पुलिस संबंधित उप जिलाधिकारी व सीओ व क्षेत्र के सम्भ्रान्त व्यक्तियों से निरन्तर समन्वय रखें। ग्राम/मौहल्ले में लगभग प्रत्येक विभाग के स्थानीय कर्मचारी तैनात होते है, जिनमें लेखपाल/ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम विकास अधिकारी/आंगनबाडी कार्यकत्री/सफाई कर्मचारी/चैाकीदार/आबकारी बीट सिपाही/थाना पुलिस बीट सिपाही है तथा अपने तैनाती ग्राम/क्षेत्र की उन्हें पूर्ण जानकारी होती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को ले गलत अफवाह फैलाने वाले व साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाडने वालों के खिलाफ इतनी धाराएं लगायी जायेंगी कि उनका बच्चा एवं खानदान आजीवन याद रखेगा। पूरा कैरियर चैपट हो जायेगा। निर्णय चाहे जो भी हो, जनपद में कंही पर भी किसी तरह की कोई समस्या न होे। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन का नैटवर्क बहुत बडा है। प्राईवेट गाडियों की भी तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा व्हाटसऐप, फेसबुक, ट्वीटर पर भी कडाई से नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया के एक-एक अक्षर को बारीकी से पढा जा रहा है।
शहर काजी नदीम अख्तर ने कहा कि हम सभी को उच्चतम न्यायालय पर पूरा भरोसा है। हमें अपने अमन में शांति का पैगाम देना हैै। आज भी मुल्क को किसी भी तरह से तन-मन-धन से जरूरत हो तो हम कुर्बान करने को तैयार है। हमारा शहर गंगा-यमुनी तहजीब का मिशाल है। उन्होने सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया का उदाहरण देते हुए जनपद में निर्णय आने के बाद भी भाईचारा, मेल-मिलाप, साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने पर जोर दिया। उन्होने कहा कि हर शहरी हिन्दुस्तानी को मुल्क की सबसे बडी अदालत पर पूरा भरोसा है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एस0बी0सिंह ने कहा कि यह निर्णय किसी भी दिन आ सकता है। जो भी निर्णय आये उसका तह दिल से स्वागत किया जाये। मामला बेहद संवेदनशील है। आपसी भाईचारे एवं सौहार्द से जुडा मामला है। जनपद सहारनपुर में साम्प्रदायिक सौहार्द का अच्छा इतिहास रहा है। उन्होने कहा कि कोई भी संगठन या समूह कोई ऐसी बात न करे जिससे कि साम्प्रदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पडे। खुराफाती तत्व व असामाजिक तत्व माहौल को बिगाडने न पाये। जनपद में धारा-144 लागू है। कोई भी व्यक्ति समूह या संगठन, कोई भी सभा, रैली, जुलूस बिना जिला प्रशासन के अनुमति के बगैर नही कर सकता। यह संवेदनशील समय है। फैसले को हृदय से स्वीकार करें। सोशल मीडिया पर इस फैसलें के संबंध में कोई मैसेज, ट्वीट या वीडियो न डाली जाये जिससे कि समाज में प्रतिकूल प्रभाव पडे। उन्होने कहा कि कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे जनपद में सैक्टर में विभाजित कर दिया गया है। किसी भी समुदाय के लोग न तो हर्ष सभाएं करें, न ही कोई आतिशबाजी या प्रदर्शन करें। मौन जुलूस निकालना भी प्रतिबंधित है। असामाजिक तत्व व घटिया किस्म के व्यक्ति जिनका अपराधिक इतिहास रहा है, ऐसे व्यक्ति जो एक्टिव हो सकते हो, सबको चिन्हित कर लिया गया है। इनके विरूद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर कार्यवाही होगी। उन्होने उपस्थित सभी लोगो का आवाहन किया कि वे उच्चतम न्यायालय के फैसलें को लेकर अपने पास-पडोस के लोगो को भी आगाह करें।
एस0पी0 देहात विद्यासागर मिश्र ने कहा कि आज की उपस्थिति देखकर ऐसा अहसास हो रहा है कि हम कानून एवं शांति व्यवस्था के प्रति कितने गंभीर है। उन्होेने कहा कि निर्णय को लेकर थाने व चैाकी स्तर पर शांति समिति के सदस्यगणों के साथ नियमित बैठक करना प्रारम्भ कर दिया गया है। उन्होेने चेतावनी भरे शब्दों मे कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड करने वालों के विरूद्ध इस अवधि में इतनी कठोर कार्यवाही की जायेगी कि वह आजीवन याद रखेगा। उन्होेने शांति समिति के सदस्यों से कहा कि आप जिला प्रशासन के आंख एवं कान है। आपको किसी भी स्तर पर आस-पास किसी प्रकार की हलचल या छोटी से छोटी घटना की जानकारी हो तो बताएं, कार्यवाही हेागी। सोशल मीडिया के माध्यम से गलत अफवाह फैलाने वालों व खुराफात करने वालों पर कार्यवाही होगी। उन्होने कहा कि किसी प्रकार की धार्मिक टिप्पणी भी न की जाए।
इस मौके पर विधायक संजय गर्ग, नगर अध्यक्ष भाजपा राजेश जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार प्रभु, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुश्री शेरी, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, एस0डी0एम0 सदर डिप्टी कलेक्टर दीप्ति देव, परियोजना निदेशक दुष्यन्त कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, वरिष्ठ समाजसेवी कोचर, वरिष्ठ समाजसेवी आरिफ खान, शीतल टंडन आदि के अलावा जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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