पकड़ में आई अनुराग कश्यप की ओछी चतुराई

टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थक अनुराग कश्यप पर बीजेपी ने आरोप लगाया है कि भीख नहीं मिली तो देने लगे सरकार विरोधी बयान

नई दिल्ली. देश में होने वाली घटनाएं जाने-अनजाने कई लोगों के मुखौटे हटा देती हैं. बॉलीवुड निर्देशक अनुराग कश्यप का चेहरा भी बेनकाब हो गया है. और उसके पीछे का कारण समझ में आया तो लगा कि बड़े बोल बोलने वाले कई लोग दरअसल कितने छोटे होते हैं.

अनुराग कश्यप पर भाजपा का आरोप 

भारतीय जनता पार्टी ने सिने-जगत के तथाकथित बड़े निर्देशक अनुराग कश्यप की कलई खोल दी है. भाजपा का आरोप है कि अनुराग कश्यप द्वारा मांगी गई बड़ी रकम की भीख न मिलने पर उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

फिल्म-निर्माण के लिये पैसे वसूलने का चस्का 

आरोप के अनुसार अनुराग ने अपनी फिल्म ‘मसान’ के लिए तात्कालीन उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से दो करोड़ मांगे थे. पैसे मिल जाने के बाद उन्होंने फिल्म तो बना ली लेकिन उसके बाद उन्हें पैसे मांगने का चस्का सा लग गया है. इस बार अपनी फ़िल्में ‘सांड की आँख’ और ‘मुक्केबाज़’ के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के वर्तमान भाजपाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी पैसे की मांग कर डाली जिसके पूरे न होने पर वे अब अपनी भड़ास बीजेपी और उनकी सरकारों पर निकाल रहे हैं.

बीजेपी यूपी प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया और एक लेटर भी शेयर किया है.

पिटी हुई फिल्मों के लिए सरकारी भीख ना मिली तो अनुराग कश्यप कुंठित हो गाली गलौज पर उतर आए,कुछ सरकारें इनकी फ्लॉप फिल्मों पर भी करोड़ों देती थीं,यश भारती के पेंशन की शहद भी चटाती थीं,योगी जी ने मुफ्त की पेंशन बंद कर पैसा गरीबों,विधवाओं,किसानों में बांट दिया,यही चिढ़ है इनकी.

शलभ मणि त्रिपाठी, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी

यूपी बीजेपी के नेता अनुराग कश्यप के ट्विटर पर लिखे जा रहे शब्दों को उत्तर प्रदेश में उनके फिल्मों के लिए मांगी गई सब्सिडी से जोड़कर देख रहे हैं. बता दें कि अनुराग ट्विटर पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बोलते हुए काफी हमलावर हो जाते हैं और कई बार उन्होंने अपने ट्वीट्स में बीजेपी नेताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया है. लेटर्स की तस्वीरें वायरल होने के बाद अब अनुराग ने भी इसका जवाब दिया है.

क्या है अनुराग कश्यप का जवाब?

अनुराग का कहना है कि बीजेपी उन्हें हर साल बुलाती है लेकिन वो नहीं जाते हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि पिछले साल ही उन्हें तीन बार बुलाया गया था लेकिन वो नहीं गए. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से कुछ लेटर्स की तस्वीरें ट्वीट कीं और लिखा, “भक्तों के लिए – हर बार बुलाते हैं. तीन बार पिछले साल. नहीं गया क्योंकि पहली बार में दिख गया था क्यों बुलाते हैं. इतना आत्मसम्मान अभी ज़िंदा है. चिट्ठियों की कॉपी मेरे पास भी है.”

भाजपा प्रवक्ता ने खोली पोल 

भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने अनुराग कश्यप की इस तुच्छ हरकत की पोल खोल डाली है. उन्होंने बताया कि यही कारण है कि अनुराग अब दिन-रात मोदी सरकार को कोसने लग गए हैं.बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि अनुराग कश्यप के ‘मोदी द्वेष’ की वजह का अब पर्दाफाश हो गया है. इस खुलासे से बॉलीवुड के इस डायरेक्टर की ओछी सोच का पता तो चला ही है  ये भी पता चल गया है कि इस तरह पैसा इकठ्ठा करके बनाते हैं अनुराग कश्यप अपनी फ़िल्में. प्रवक्ता के खुलासे के सर्मथन मे भाजपा ने तीन पत्र जारी हुए हैं जो कि सदस्य सचिव, सूचना और संपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के हैं.

योगी सरकार ने नहीं दिए पैसे तो मोदी के खिलाफ बोलने लगे अनुराग: BJP

पहले पत्र में साफ-साफ लिखा है कि अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) के 11 दिसंबर 2014 के पत्र के जवाब में सूचना संपर्क विभाग, यूपी ने 1 मार्च 2015 को 2 करोड़ की राशि निर्गत कराने की अनुशंषा करती है. पत्र में लिखा गया है कि ‘मसान’ फिल्म का निर्माण पर कुल लागत 8 करोड़ आया और फिल्म की 97 फीसदी शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुआ है. इसलिए सूचना विभाग यूपी सरकार की फिल्म नीति के तहत लागत का 25 फीसदी जारी राशि जारी करता है.

‘सांड़ की आंख’ फिल्म के संदर्भ में अनुराग कश्यप  (Anurag Kashyap) के अनुदान वाले पत्र का जवाब देते हुए सूचना और संपर्क विभाग, यूपी ने 28 सितंबर 2018 को साफ साफ लिखा कि आपके अनुरोध को फिल्म नीति के तहत नहीं पाया गया है. ठीक ऐसा ही एक और पत्र सूचना विभाग ने फिल्म ‘मुक्केबाज’ के संदर्भ में 13 दिसंबर 2019 को अनुराग कश्यप को लिखा और सब्सिडी देने में असमर्थता जताई. जाहिर है इन पत्रों के माध्यम से भाजपा ने फिल्मकार अनुराग कश्यप पर निशाना साधा है. गौरतलब है कि नागरिकता कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) पर अनुराग कश्यप मोदी सरकार (Modi Government) के खिलाफ मुखर रहे हैं.

फिल्ममेकर्स को कैसे मिलती है सरकारी सब्सिडी?

उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंदी फिल्मों के प्रमोशन के लिए फिल्म बंधु निगम बनाया है जो उत्तर प्रदेश में फिल्माए गए फिल्मों या उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए विषय पर बनाई गई फिल्मों पर दो करोड़ तक की सब्सिडी देता है. इसी नियम के तहत 2016 में अनुराग कश्यप को फिल्म “मसान” के लिए अनुदान मिल चुका है. लेकिन योगी सरकार में दो फिल्मों के लिए मांगे गए सब्सिडी में उन्हें कोई पैसा नहीं मिला.

बता दें कि नागरिकता कानून और एनआरसी के मुद्दे पर अनुराग कश्यप मोदी सरकार के खिलाफ लगातार मुखर रहे हैं, और सरकार की नीतियों की आलोचना करते आए हैं.

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