52 सांसद ही भाजपा से लड़ने के लिए काफी:राहुल

 पार्टी सांसदों को दिया संघर्ष का मंत्र

 निर्वाचित लोकसभा सांसदों की पहली बैठक में कहा कि कांग्रेस के 52 सांसद ही भाजपा से इंच-इंच लड़ने के लिए काफी हैं।

नई दिल्‍ली,।  पार्टी की करारी हार के बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी  पहली बार शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्टी के लोकसभा सदस्‍यों को संघर्ष का मंत्र देते हुए कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों की पहली बैठक में कहा कि हर व्यक्ति को याद रखना चाहिए कि यह लड़ाई संविधान बचाने के लिए है। कांग्रेस के 52 सांसद ही भाजपा से इंच-इंच लड़ने के लिए काफी हैं।

कांग्रेस लोकसभा में नहीं करेगी नेता प्रतिपक्ष का दावा, फैसला मोदी सरकार पर ही छोड़ा

कांग्रेस लोकसभा में नहीं करेगी नेता प्रतिपक्ष का दावा, फैसला मोदी सरकार पर ही छोड़ा

कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि चूंकि हमारे पास लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए पर्याप्‍त संख्‍या बल नहीं है इसलिए हम नेता प्रतिपक्ष के लिए दावा नहीं करेंगे।

 कांग्रेस लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दावा नहीं करेगी। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सिंह सुरजेवाला  ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए 10 फीसद यानी 54 सदस्‍यों की जरूरत होती है। चूंकि हमारे पास इसके लिए पर्याप्‍त संख्‍या बल नहीं है, इसलिए हम नेता प्रतिपक्ष के लिए दावा नहीं करेंगे। हमारी ओर से यह दायित्‍व अब सरकार के पास है कि वे किसी पार्टी को प्रमुख विपक्ष का दर्जा देते हैं या नहीं…

उल्‍लेखनीय है कि 543 सदस्‍यों वाली लोकसभा में कांग्रेस के 52 सांसद हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए 54 सदस्‍यों की जरूरत होती है। इस हिसाब से देखें तो कांग्रेस के पास इस पद के लिए दो सांसदों की कमी है। भाजपा ने इस लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में प्रचंड जीत दर्ज की है। भाजपा को 303 सीटें हासिल हुई हैं।

बता दें कि कांग्रेस के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों की शुक्रवार को पहली बैठक हुई जिसमें सोनिया गांधी  को चौथी बार कांग्रेस संसदीय दल  का नेता चुना गया। सोनिया गांधी साल 2014 से ही इस पद की जिम्‍मेदारी संभाल रही हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब राहुल गांधी  कह चुके हैं कि वह अब पार्टी अध्‍यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहते हैं।

बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी के नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्‍यों को संघर्ष का मंत्र देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को याद रखना चाहिए कि यह लड़ाई संविधान बचाने के लिए है। हम 52 सांसदों को एकजुट होकर न्‍याय की लड़ाई लड़नी है। भले ही हमारी संख्‍या 52 ही क्‍यों न हो हम भाजपा से इंच-इंच की लड़ाई लड़ सकते हैं। हमारी लड़ाई जाति, धर्म, लिंग, रंगभेद से परे है। यह देश के हर उस नागरिक के लिए है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यकीन रखता है।

बता दें कि कांग्रेस के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों  की पहली बैठक में सोनिया गांधी को चौथी बार कांग्रेस संसदीय दल  का नेता चुना गया। सोनिया गांधी साल 2014 से ही इस पद की जिम्‍मेदारी संभाल रही हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब राहुल गांधी  कह चुके हैं कि वह अब पार्टी अध्‍यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहते हैं।

सोनिया गांधी को चुना गया कांग्रेस संसदीय दल का नेता, मनमोहन सिंह ने दिया प्रस्‍ताव…

सोनिया गांधी को चुना गया कांग्रेस संसदीय दल का नेता, मनमोहन सिंह ने दिया प्रस्‍ताव... कांग्रेस के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों की पहली बैठक में सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है।

 कांग्रेस के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों  की पहली बैठक में शुक्रवार को सोनिया गांधी को चौथी बार कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया। सोनिया गांधी साल 2014 से ही इस पद की जिम्‍मेदारी संभाल रही हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब राहुल गांधी  कह चुके हैं कि वह अब पार्टी अध्‍यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहते हैं। दोबारा कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कांग्रेस को मतदान करने वाले लोगों का धन्यवाद किया।

कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर के बताया कि सोनिया गांधी को सर्वसम्‍मति से पार्टी संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। इस मौके पर सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन  12.13 करोड़ मतदाताओं को धन्‍यवाद देते हैं जिन्‍होंने इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी में विश्‍वास जताया है। बता दें कि 17वीं लोकसभा  का पहला सत्र 17 जून से शुरू हो रहा है जो 26 जुलाई तक चलेगा। नई सरकार पांच जुलाई को अपना बजट पेश करेगी।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसदीय दल के नेता के लिए सोनिया गांधी के नाम का प्रस्‍ताव किया जिसे सर्वसम्‍मति से स्‍वीकृत कर लिया गया। बता दें कि 543 सदस्‍यों वाली लोकसभा में कांग्रेस के 52 सांसद हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए 55 सदस्‍यों की जरूरत होती है। इस हिसाब से देखें तो कांग्रेस के पास इस पद के लिए तीन सांसदों की कमी है। बैठक में सोनिया और राहुल गांधी के साथ पार्टी के सभी 52 लोकसभा सांसद मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस महासचिवों के साथ राज्‍यसभा सदस्‍यों ने भी भाग लिया।

गौर करने वाली बात यह है कि बीते 25 मई को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद यह पहली आधिकारिक बैठक थी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्‍सा लिया। बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफे की पेशकश की थी और कहा था कि बेहतर होगा कि पार्टी गांधी परिवार से इतर किसी कांग्रेस अध्‍यक्ष का चुनाव करे। हालांकि, पार्टी पदाधिकारियों ने उनके इस्‍तीफे की पेशकश को खारिज कर दिया था।

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के चौथी बार कांग्रेस संसदीय दल (Congress Parliamentary Party) का नेता चुने जाने पर राहुल गांधी ने उन्‍हें बधाई दी। कांग्रेस अध्‍यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस आपके  (Sonia Gandhi) के नेतृत्‍व में मजबूत और प्रभावशाली विपक्ष की भूमिका निभाएगी। पार्टी देश के संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगी। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के 52 सांसद ही भाजपा से इंच-इंच लड़ने के लिए काफी हैं।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने नवनिर्वाचित सांसदों को न्याय और संविधान के लिए संघर्ष की सीख देते हुए कहा कि हम 52 सांसदों को एकजुट होकर न्‍याय की लड़ाई लड़नी है। भले ही हमारी संख्‍या 52 ही क्‍यों न हो हम भाजपा से इंच-इंच की लड़ाई लड़ सकते हैं। हमारी लड़ाई जाति, धर्म, लिंग, रंगभेद से परे है। यह देश के हर उस नागरिक के लिए है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यकीन रखता है।

कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने ट्वीट कर के बताया कि सोनिया गांधी को सर्वसम्‍मति से पार्टी संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। इस मौके पर सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन  12.13 करोड़ मतदाताओं को धन्‍यवाद देते हैं जिन्‍होंने इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी में विश्‍वास जताया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव में परिश्रम करने वाले पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। बता दें कि 17वीं लोकसभा (17th Lok Sabha) का पहला सत्र 17 जून से शुरू हो रहा है जो 26 जुलाई तक चलेगा। नई सरकार पांच जुलाई को अपना बजट पेश करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *