नमक हाथ में ले नमक विरोधी कानून का भंग किया था महात्मा गांधी ने आज

12 मार्च का इतिहास

हम हर बार सुनते हैं की हमारा इतिहास बहुत पुराना हैं, लेकिन हमें हमारे देश और दुनिया के इतिहास की पूरी जानकारी नहीं इसलिए हम यहाँ हमारा एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं जो आपको पुरे देश और दुनिया की इतिहास की और आज के इतिहास की जानकारी मिल सके ताकि आपका ज्ञान और बढ़ सके। तो चलिए दोस्तों आज जानते हैं 12 मार्च के इतिहास की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे, उन लोगों के जन्मदिन के बारेमें जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया साथ ही उन मशहूर लोगों के बारेंमे जो इस दुनिया से चले गए।

12 March History

 ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में 1365 में विश्वविद्यालय की स्थापना।
  • यहूदियों को 1496 में सीरिया से बाहर निकाला गया।
  • अटलांटिक महासागर में स्थित बरमुडा द्वीप 1609 में अंग्रेजों का उपनिवेश बना।
  • बंगाल के अंतिम स्वतंत्र अफगान शासक उस्मान खान की लोहानी के नेकुजयाल के युद्ध में हारने के बाद गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण 1612 में मौत हो गयी।
  • ब्रिटेन ने 1664 में न्यूजर्सी को नीदरलैंड से अपने कब्जे में लेकर उपनगर घोषित किया।
  • अमेरिका में 1755 में भाप के पहले इंजन का इस्तेेमाल खदान से पानी निकालने के लिए किया गया।
  • भारत के तत्कालीन वायसराय लार्ड मेयो के हत्यारे शेर अली को 1872 में फाँसी दी गयी।
  • ब्रिटेन में मुख्य लाइन पर 1904 में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चली।
  • महात्‍मा गांधी को यूरोप के बने सामान को खरीदने और ब्रिटिश शासन की मशीनों के साथ काम करने के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन के लिए 1922 में अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया था।
  • डेनमार्क ने 1926 में एकतरफा निरस्त्रीकरण शुरू किया।
  • कैलिफोर्निया में बने सेंट फ्रांसिस डैम के 1928 में टूट जाने से आई बाढ़ के कारण 600 लोग मारे गए।
  • महात्मा गांधी ने 1930 में साबरमती आश्रम से दांडी मार्च की शुरुआत की ।दांडी मार्च जिसे नमक मार्चदांडी सत्याग्रह के रूप में भी जाना जाता है जो इसवीसन 1930 में महात्मा गांधी के द्वारा अंग्रेज सरकार के नमक के ऊपर कर लगाने के कानून के विरुद्ध किया गया सविनय कानून भंग कार्यक्रम था। ये ऐतिहासिक सत्याग्रह कार्यक्रम गाँधीजी समेत ७८ लोगों के ने अहमदाबाद साबरमती आश्रम से समुद्रतटीय गाँव दांडी तक पैदल यात्रा करके १२ मार्च १९३० को नमक हाथ में लेकर नमक विरोधी कानून का भंग किया  था। भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के समय नमक उत्पादन और विक्रय के ऊपर बड़ी मात्रा में कर लगा दिया था और नमक जीवन जरूरी चीज होने के कारण भारतवासियों को इस कानून से मुक्त करने और अपना अधिकार दिलवाने हेतु ये सविनय अवज्ञा का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कानून भंग करने के बाद सत्याग्रहियों ने अंग्रेजों की लाठियाँ खाई थी परंतु पीछे नहीं मुड़े थे। सबको लाठी पड़ती थी एक गांधी को छोड़कर क्योंकि  जवाहर लाल नेहरू उस वक़्त के केजरीवाल थे अगर गांधी को कुछ हो जाता तो उनका पीएम का सपना चकनाचूर हो जाता 1930 को गाँधी जी ने इस आंदोलन का चालू किया। इस आंदोलन में लोगें ने गाँधी के साथ पैदल यात्रा की और जो नमक पर कर लगाया था, उसका विरोध किया । इस आंदोलन में कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जैसे-राजगोपालचारी,नेहरू आदि। ये आंदोलन पूरे एक साल चला और 1931 को गांधी-इर्विन समझौते से खत्म हो गया। 5 अप्रैल 1930 को महात्मा गांधी ने अपने समर्थकों के साथ नमक कानून तोड़ने के लिए दांडी पहुंचे थेImage result for दांडी कूच दिवस जिसके बाद 24 दिन तक चली इस यात्रा को समाप्त कर दिया गया था. बता दें, यह नमक की लड़ाई थी जिसके लिए उन्होंने एक ऐतिहासिक मार्च निकाला था. इस मार्च की शुरुआत 12 मार्च, 1930 में हुई थी. इस मार्च को ‘दांडी मार्च’ और ‘नमक सत्याग्रह’ के नाम से भी जाना जाता है.ऐसे शुरू हुआ था दांडी मार्चबापू ने मार्च1930 में अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से 24 दिन की यात्रा शुरू की थी. यह यात्रा समुद्र के किनारे बसे शहर दांडी के लिए थी जहां जा कर बापू ने औपनिवेशिक भारत में नमक बनाने के लिए अंग्रेजों के एकछत्र अधिकार वाला कानून तोड़ा और नमक बनाया था.

    जानें दांडी मार्च जुड़े फैक्ट्स

    – महात्मा गांधी 24 दिन में 340 किलोमीटर चले स्वतंत्रता सेनानी दांडी पहुंचे और सवेरे 6:30 पर नमक कानून तोड़ा.

    – 8,000 भारतीयों को नमक सत्याग्रह के दौरान जेल में डाल दिया गया था.

    – सत्याग्रह आगे भी जारी रहा और एक साल बाद महात्मा गांधी की रिहाई के साथ खत्म हुआ.

    – गांधी जी ने नमक हाथ में लेकर कहा था कि इसके साथ मैं ब्रिटिश साम्राज्य की नींव को हिला रहा हूं.

    – इस आंदोलन ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और जेम्स बेवल जैसे दिग्गजों को प्ररित किया.

    – दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली आंदोलनों में ‘नमक सत्याग्रह’ भी शामिल है.

  • जर्मनी ने 1938 में ऑस्ट्रिया पर हमला किया।
  • ब्रिटिश सैनिकों ने 1942 में अंडमान द्वीप खाली किया।
  • भारत सरकार ने 1954 में साहित्य अकादमी का उद्घाटन किया।
  • सन 1958 में ब्रिटिश साम्राज्य दिवस का नाम ‘राष्ट्रमंडल दिवस’ किया गया।
  • अमेरिका के मजदूर संगठन टीमस्टर संघ के अध्यक्ष जेम्स होफा को 1964 में आठ साल कैद हुई।
  • अमेरिका में 1970 में मतदान की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष से घटा कर 18 वर्ष की गयी।
  • सन 1992 में मारिशस गणराज्य घोषित।
  • मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 300 लोग मारे गए और सैकड़ों से अधिक घायल हो गए।
  • 1999 में 20वी सदी के सबसे बेहतरीन वायलिन वादक यहूदी मनुहिन का निधन हो गया था।
  • सर्बिया के प्रधानमंत्री जोरान जिनजिब की 2003 में बेलग्रेड में हत्या।
  • ईराक में 2006 में सद्दाम हुसैन के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई प्रारम्भ।
  • जमैका में 2007 में 9वें विश्वकप क्रिकेट का उद्घाटन हुआ।
  • विश्व की सबसे लम्बी आयु की समझी जाने वाली महिला वारवा सेमेनिकोवा का 2008 में रूस में 117 वर्ष की आयु में निधन।

12 मार्च को जन्मे व्यक्ति

  • 1838 में एक ब्रिटिश रसायनज्ञ सर विलियम हेनरी पर्किन का जन्म।
  • 1913 में भारतीय राजनीतिज्ञ यशवंतराव चव्हाण का जन्म।
  • 1927 में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति रॉल अलफोन्सिन का जन्म।
  • 1984 में आज ही के दिन को बॉलीवुड सिंगर श्रेया घोषाल का जन्‍म हुआ।

12 मार्च को हुए निधन

  • ईसाई धर्म का सर्वोपरि नेता चुने जाने के पहले रोमन सिनेटर का सम्मान प्राप्त हुए पोप ग्रेगरी प्रथम का 604 AD. में निधन।
  • मध्यकालीन संत साहित्य के मर्मज्ञ समीक्षक क्षितिजमोहन सेन का 1960 में निधन।
  • प्रथम टर्बोनेट इंजन निर्माता हेन्स जोशिम पाबस्ट वान ओहेन का 1998 में निधन।

12 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

  • केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना दिवस
  • तिब्बती महिला विकास दिवस
  • दांडी कूच दिवस (1930)

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