मुद्रास्फीति दर घटकर 2.05 फीसदी पर आई, महंगाई से मिली राहत

प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 2.19 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था, पिछले साल जनवरी में देखा जाए तो खुदरा मुद्रास्फीति 5.07 प्रतिशत थी

मुद्रास्फीति दर घटकर 2.05 फीसदी पर आई, महंगाई से मिली राहत

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति के दिसंबर के आंकड़े को संशोधित कर 2.11 प्रतिशत कर दिया गया है. प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 2.19 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था. पिछले साल जनवरी में देखा जाए तो खुदरा मुद्रास्फीति 5.07 प्रतिशत थी.

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी में फल, सब्जी और अंडे के दाम लगातार कम हुए और इनके दाम में क्रमश: 4.18 प्रतिशत, 13.32 प्रतिशत तथा 2.44 प्रतिशत की कमी आई. ईंधन और लाइट श्रेणी में भी महंगाई दर इस साल जनवरी में घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गयी जो दिसंबर 2018 में 4.54 प्रतिशत थी. आलोच्य महीने में खाद्य महंगाई दर 2.17 प्रतिशत घट गई है. यह दिसंबर 2018 में 2.51 प्रतिशत घटी थी.

यस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री शुभद्रा राव ने कहा- जनवरी में 2.05 प्रतिशत खुदरा मुद्रास्फीति 19 महीने का न्यूनतम स्तर है. ईंधन के दाम में भी गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले, जून 2017 में खुदरा मुद्रास्फीति 1.46 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर थी. उन्होंने कहा कि इसके साथ मुख्य मुद्रास्फीति (कोर) के 5.36 प्रतिशत पर रहने से सीपीआई में सालाना आधार पर अगले पांच महीनों में 2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के बीच वृद्धि की संभावना है. इससे अप्रैल और उसके बाद नीतिगत दर में कटौती की संभावनी बढ़ गई है.

9 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंची खुदरा महंगाई दर

अंडा, सब्जी समेत खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से खुदरा महंगाई दर जनवरी में पिछले माह के मुकाबले घटकर 2.05 प्रतिशत पर आ गई

19 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंची खुदरा महंगाई दर

2019 के पहले महीने में ही खुदरा महंगाई दर 19 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. जनवरी महीने में खुदरा महंगाई दर में 2.05 फीसद हो गई है. पिछले साल दिसंबर महीने में खुदरा महंगाई दर पिछले 18 महीनों के सबसे निचले स्तर पर यानी 2.19 पर पहुंच गई थी.

अंडा, सब्जी समेत खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से खुदरा महंगाई दर जनवरी में पिछले माह के मुकाबले घटकर 2.05 प्रतिशत पर आ गई. दिसंबर 2018 के संशोधित आंकड़ों के अनुसार कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर उस माह 2.11 प्रतिशत थी जबकि प्रारंभिक आंकड़ों में इसे 2.19 प्रतिशत बताया गया था. जनवरी, 2018 में खुदरा महंगाई दर 5.07 प्रतिशत थी.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बताया कि ईंधन और लाइट श्रेणी में भी महंगाई दर इस साल जनवरी में घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गई. जो दिसंबर 2018 में 4.54 प्रतिशत थी. रिजर्व बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है. महंगाई दर में कमी के कारण केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की कमी कर के उसे 6.25 प्रतिशत पर ला दिया है.

आरबीआई ने मानसून सामान्य रहने जैसे अनुकूल कारकों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को कम कर 2.8 प्रतिशत कर दिया है.

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