सहारनपुर, । जहरीली शराब से होने वाली मौत का सिलसिला दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। तीन थाना क्षेत्रों के 17 गांव में मौत की संख्या बढ़कर शनिवार आधी रात तक 81 हो गई। इससे प्रभावित 90 से ज्यादा मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। जिला प्रशासन ने 46 का पोस्टमार्टम कराया है, हालांकि प्रशासन जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 36 बता रहा है। पुलिस की तरफ से तीन एफआइआर दर्ज कर करीब 39 की गिरफ्तारी की गईं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौतों के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी बाराबंकी, हरदोई, आजमगढ़, कानपुर में हो चुकी हैं, जिसकी जांच में साजिश सामने आई थी। इस बार की घटना भी उसी तरह की है। ऐसे में साजिश करने वाले लोग बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि साजिश में समाजवादी पार्टी की भूमिका संदिग्ध है।

कड़ी कार्रवाई होगी

गोरखपुर में एनेक्सी भवन का लोकार्पण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को सतर्कता बरतने के साथ-साथ कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हरिद्वार के एक गांव में भोज के दौरान कच्ची शराब परोसी गई थी, जिसमें सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर के निवासी शामिल हुए थे। उसकी वजह से ही सहारनपुर और अन्य जिलों में मौतें हुई हैं। इसे लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। हम इस मामले की तह तक जाएंगे।

मृतक परिवारों के प्रति गहरी संवेदना 

बीते वर्ष आजमगढ़ में हुई घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसमें समाजवादी पार्टी का एक नेता लिप्त पाया गया था। हरदोई में भी सपा का एक प्रत्याशी इसे लेकर गिरफ्तार हुआ था। कानपुर और बाराबंकी में भी सपा के नेता दोषी पाए गए थे। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मृतक परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदना है। उन्होंने पीडि़त परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात कही।

आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह ने कहा कि कच्‍ची शराब के कारोबारियों और उनको संरक्षण देने वालों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। दोषी अधिकारी व कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे। अवैध व कच्‍ची शराब के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। कुशीनगर व सहारनपुर में हुई घटना चूक का परिणाम है। गोरखपुर में नवनिर्मित एनेक्सी भवन के उद्घाटन समारोह में आए आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से  कहा कि मुख्य सचिव, आबकारी आयुक्त और प्रमुख सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सभी जिलों के पुलिस कप्तान और आबकारी अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर कच्‍ची और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दे चुके हैं। इसके बाद भी लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

आबकारी मंत्री ने दावा किया कि पिछले दो साल से कच्‍ची और अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापेमारी कर भट्टियोंं को तोडऩे के साथ ही गिरफ्तारियां हो रही हैं। आजमगढ़ और कानपुर देहात में घटना के आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और आजीवन कारावास की सजा वाली धाराओं में कार्रवाई की गई थी। सभी आरोपित अभी जेल में हैं।

शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान 

जहरीली शराब ने सहारनपुर के थाना देवबंद, नागल व गागलहेड़ी क्षेत्र में कोहराम मचा दिया। सहारनपुर से मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए 18 ग्रामीणों ने रात दम तोड़ा तो जिला प्रशासन सहम गया। रविवार तक होने वाली मौत में गांव उमाही में 14, सलेमपुर में नौ, ताजपुर में पांच, कोलकी में 14, शरबतपुर में तीन, बढ़ेडी गुर्जर में चार, खजूरी अकबरपुर में दो, पठेड़ में एक, बडोला में तीन, गागलहेड़ी में एक, गांव कमाली में एक, देवबंद के गांव नाफेपुर में दो, शिवपुर में चार, खेड़ामुगल में चार, डांकोवाली में एक, बिलासपुर में एक, नितानंदपुरी में एक, गड़ोरा में एक, मोहिद्दिनपुर में एक  और तल्हेड़ी खुर्द में एक की मौत हो चुकी है। पुलिस द्वारा शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान में करीब 400 लीटर लाहन व अवैध शराब जब्त कर 39 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

सामूहिक चिताएं देख दहले दिल

गांव खेड़ामुगल में चार, गांव उमाही में नौ तथा सलेमपुर में पांच लोगों के शवों का सामूहिक चिता जलाकर अंतिम संस्कार किया गया। यह मंजर देख वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई। गांव कोलकी में शवों का अलग-अलग दाह संस्कार किया गया। जिलाधिकारी आलोक पांडे ने बताया कि अब तक 46 ग्रामीणों की मौत हुई है। सभी का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनमें से 36 लोगों की मौत शराब से होना डाक्टर द्वारा बताया जा रहा है। अन्य ग्रामीणों की मौत विभिन्न रोगों से होना बताया गया है। पुलिस व आबकारी टीम की संयुक्त कार्रवाई चल रही है।

यह है मामला

हरिद्वार के थाना झबरेड़ा के गांव बालूपुर में ज्ञान सिंह के बड़े भाई की तेरहवीं में गुरुवार रात शराब परोसी गई थी। इसी के पीने से अब तक 81लोगों की मौत और 90 से ज्यादा के उपचाराधीन होने की बात कही जा रही है। सहारनपुर के ही एक ग्र्रामीण पिंटू द्वारा शराब लाना बताया जा रहा है। उसकी भी शराब पीने से मौत हो गई।

डीएम-एसएसपी पर लगे रासुका

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री से जिलाधिकारी, एसएसपी व सीओ के खिलाफ रासुका की कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी तो सोमवार से वह कलक्ट्रेट में धरने पर बैठेंगे।

जहरीली शराब प्रकरण सरकार की विफलता : मसूद

जहरीली शराब से हुई मौतों ने राजनैतिक गलियारे में भी हलचल पैदा कर दी है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में पहुंचे कांग्र्रेस नेता इमरान मसूद ने सहारनपुर प्रकरण को सरकार की विफलता बताया। कांग्र्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने मर्चरी पहुंचकर भी मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। दावा किया कि मौत का आंकड़ा 85 पार कर चुका है। पीडि़तों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। लिहाजा सरकार को चाहिए कि उनके जीवन-यापन, बच्चों की पढ़ाई व परिवार के खर्च का इंतजाम करे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से 50 लाख व बीमारों को 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।