40 साल बाद सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश होगा भारत, लगातार बढ़ रही जनसंख्या

40 साल बाद (सन 2059 तक) सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश होगा भारत, लगातार बढ़ रही जनसंख्या,1.9 करोड़ मुस्लिम आबादी के साथ अभी इंडोनेशिया पहले पायदान पर है। 19.4 करोड़ आबादी के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक 40 साल बाद भारत नंबर एक पर आ जाएगा।
नई दिल्ली, । अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक चालीस साल बाद भारत सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश बन जाएगा। 2060 में भारत की मुस्लिम आबादी 33 करोड़ हो जाएगी, जो वर्तमान में अभी 19.4 करोड़ है। यानी दुनिया की कुल मुस्लिम आबादी में भारत का योगदान 11 फीसद होगा। वहीं पाकिस्तान 28.36 करोड़ मुस्लिम आबादी के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणामindia me muslim jansankhya kitni hai

2060 तक पाकिस्तान की कुल आबादी में 96.5 फीसद आबादी मुस्लिम होगी, जबकि दुनिया की कुल मुस्लिम आबादी में पाकिस्तान का योगदान 9.5 फीसद होगा। नाइजीरिया की मुस्लिम आबादी 28.31 करोड़ होगी और मुस्लिम आबादी वाले देशों की सूची में यह तीसरे स्थान पर आ जाएगा। वहीं इस सूची में चौथे स्थान पर इंडोनेशिया होगा जिसकी मुस्लिम आबादी 25.34 करोड़ होगी।

वर्तमान में स्थिति
अभी सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया है, जहां 22 करोड़ (2015 के आंकड़ों पर आधारित) मुसलमान रहते हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर भारत (19.4 करोड़) और तीसरे स्थान पर पाकिस्तान (18.4 करोड़ ) है। वहीं चौथे स्थान पर बांग्लादेश और पांचवें स्थान पर नाइजीरिया है।सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

इंडोनेशिया में हिन्दू संस्कृति का असर काफ़ी प्रभावशाली है. इंडोनेशिया अपनी साझी संस्कृति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. इंडोनेशिया के बाली द्वीप में हिंदू बहुसंख्यक हैं.भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते हज़ारों साल पुराने हैं. ईसा के जन्म से पहले से ही भारत के सौदागर और नाविक वहां जाते रहे हैं.सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम यही कारण है कि इंडोनेशिया और भारत में काफ़ी सारी सांस्कृतिक समानताएं देखने को मिलती हैं.प्राचीन काल से ही भारतीय सौदागर और नाविकों के आने-जाने के कारण इंडोनेशिया में न सिर्फ़ हिंदू धर्म बल्कि बौद्ध धर्म का भी गहरा प्रभाव नज़र आता है.इंडोनेशियाई भाषा, स्थापत्य, राजशाही और मिथकों पर भी इन धर्मों का असर है. सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणामउदाहरण के लिए इंडोनेशिया के पुराने साम्राज्यों के नाम श्रीविजया और गजाह मधा आदि हैं.यही नहीं, भाषा के मामले में भी कई समानताए हैं. उनकी भाषा को ‘बहासा इंदोनेसिया’ कहते हैं. उनकी भाषा पर संस्कृत का . उदाहरण के लिए मेघावती सुकार्णोपुत्री, जो कि इंडोनेशिया की पांचवीं राष्ट्रपति रही हैं.सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

गहरा सांस्कृतिक साम्य
इंडोनेशिया में अगर आप महाभारत और रामायण का ज़िक्र करेंगे तो वे कहेंगे कि ये तो हमारे ग्रंथ हैं.वहां के उत्सवों और झांकियों आदि में में इन ग्रंथों के पात्र कठपुतलियों के रूप में नज़र आ जाते हैं. जैसे कि वहां चमड़े की कठपुतलियों के शो में ऐसे ही कुछ विचित्र पौराणिक पात्र देखने को मिलते हैं. सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणामकहीं, कौरवों में से विचित्र हीरो निकल आता है तो कहीं हनुमान नज़र आ जाते हैं.उनके रामायण या महाभारत के कुछ प्रसंग भिन्न होते हैं, मगर कथानक वही रहता है.इंडोनेशिया के प्राचीन श्रीविजया और गजाह मधा जैसे साम्राज्यों में भारतीय संस्कृति की गहरी छाप है. मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि यह छाप अकेले हिंदू धर्म की नहीं है बल्कि बौद्ध धर्म की भी है.सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

इस्लाम भी भारत के रास्ते पहुंचा
इंडोनेशिया सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है. मगर यहां पर इस्लाम भी भारत के पूर्वी तट से होता हुआ पहुंचा है.यही कारण है कि इंडोनेशिया और दक्षिण एशिया, ख़ासकर भारत के इस्लाम में कुछ समय पहले तक समानता रही है.दोनों की जगहों का इस्लाम सूफ़ीवाद से प्रभावित उदार और मानवीय परंपराओं को मानने वाला रहा है. मगर पिछले कुछ समय से इंडोनेशिया में कट्टरपंथ बढ़ा है.सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

‘वृहत्तर भारत’

प्रसिद्ध फ़्रांसीसी विद्वान और इतिहासकार पॉल सीडीस ने कई वर्ष पहले किताब लिखी थी- द हिंदुआइज़्ड स्टेट्स ऑफ साउथईस्ट एशिया (अनुवादित नाम). इस किताब में उन्होंने श्रीविजया और यवद्वीप यानी जावा आदि का ज़िक्र किया था जो आज इंडोनेशिया के भाग हैंजब हम आधी सदी पहले स्कूल में पढ़ते थे, तब राजनीतिक समझदारी या पॉलिटिकल करेक्टनेस इतनी नहीं हुआ करती थी. इस सारे इलाक़े को वृहत्तर भारत या ग्रेटर इंडिया कहा जाता था.बाद में स्वाधीनता संग्राम के बाद जब ये देश आज़ाद हुए तो इनके स्वाभिमान को देखते हुए भारत ने इन्हें अपने सांस्कृतिक प्रभावक्षेत्र में कहना बंद कर दिया और यह जगह दक्षिणपूर्व एशिया के नाम से पहचानी जाने लगी.

इंडोनेशिया में इसलिए है हिंदू-बौद्ध संस्कृति का प्रभाव:

सातवीं सदी में व्यापार के कारण इंडोनेशिया में शक्तिशाली श्रीविजया साम्राज्य पनपा
इस साम्राज्य पर हिंदू और बौद्ध धर्म का भी प्रभाव था, जो व्यापारियों के कारण आया था
आठवीं और 10वीं सदी में जावा में कृषक बौद्ध सैलेंद्र और हिंदू मतारम वंश फले फूले.
इसी काल में जावा मे हिंदू-बौद्ध कला और स्थापत्य की पुनर्स्थापना हुई थी.
इस काल में बने कई स्मारक आज भी इंडोनेशिया में देखने को मिलते हैं
13वीं सदी के आख़िर में पूर्वी जावा में हिंदू मजापहित साम्राज्य की स्थापना हुई थी
गजाह मधा के अधीन इसके प्रभाव का विस्तार उस क्षेत्र में हुआ जो आज इंडोनेशिया है
समानता भी, भिन्नता भीसर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम
सदियों पहले हिंदू धर्म ही यहां नहीं पहुंचा था बल्कि बौद्ध धर्म भी इसके साथ-साथ या शायद इससे पहले इंडोनेशिया पहुंचा था.यही कारण है कि जावा द्वीप पर आपको प्रांबानन में हिंदू मंदिर भी मिलता है और बोरोबोदूर में संसार का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप भी मिलता है.ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ पड़ने वाला इंडोनेशिया का बाली द्वीप तो हिंदू बहुल है. बावजूद इसके यहां का हिदू धर्म भारत के हिंदू धर्म से काफ़ी अलग है.बाली के हिंदू धर्म का आज के हिंदुत्ववादी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. यह नहीं कहा जा सकता कि वहां पर भारत का सनातन धर्म या भक्ति परंपरा है. जैसे कि प्रसिद्ध इतिहासकार लोकेश चंद्र ने बताया है ,एशिया में रामायण के असंख्य संस्करण मिलते हैं. इसी तरह से वे भी भिन्न हैं.हिंदू धर्म की छाप इंडोनेशिया ही नहीं, कंबोडिया और थाइलैंड में भी मिलती है. लाओस में भी लोग नमस्कार करते हैं. मगर यह नहीं कहा जा सकता कि वहां के हिंदू भारत के हिंदुओं जैसे हैं.सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणामसर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

इंडोनेशिया के हिंदुओं की मान्यताएं और रीति-रिवाज भारतीय हिंदुओं से अलग हैं

इंडोनेशिया और भारत में सांस्कृतिक समानता बहुत है ,वे आपस में जुड़े भी हुए हैं, मगर दोनों के बीच हितों का टकराव भी रहा है.इंडोनेशिया भी एक समय वैसा बहुलवादी और समन्वयात्मक था, जैसा कभी भारत ख़ुद को कहता था. इंडोनेशिया का नारा भी विविधता में एकता वाला है. मगर हाल ही के वर्षों में इन पुराने सांस्कृतिक रिश्तों झटका लगा है.सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

ऐतिहासिक केंद्रों से दूर जाता इस्लाम धर्म
प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि इस्लाम धर्म अपने पारंपरिक और ऐतिहासिक केंद्रों से कैसे दूर जा रहा है। दुनिया के पांच सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश या तो दक्षिण एशिया या दक्षिणपूर्व एशिया में हैं या अफ्रीका में। जबकि मध्य-पूर्व देश इस सूची में नजर नहीं आते हैं।सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

आएगी गिरावट
वर्तमान में दुनिया के 10 सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में मुसलमानों की संख्या में 2060 तक थोड़ी सी गिरावट आएगी।सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

कम हो जाएगा फर्क
कुल मिलाकर, दुनिया में ईसाई आबादी 2.3 अरब है और मुस्लिम आबादी 1.8 अरब है। प्यू रिसर्च के अनुमान के मुताबिक 2060 तक यह फर्क कम हो जाएगा। 2060 तक दुनिया में 3 अरब ईसाई और करीब 3 अरब ही मुस्लिम आबादी होगी। इसकी एक वजह ये है कि ईसाइयों की तुलना में मुस्लिम आबादी युवा है और उनकी वृद्धि दर ज्यादा है।सर्वाधिक मुस्लिम आबादी का देश के लिए इमेज परिणाम

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