32.39 करोड़ रु.के घपले में वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के घर सीबीआई रेड

वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति के एनजीओ पर विदेश चंदा विनियमन कानून यानी (FCRA) तोड़ने का आरोप है. इन आरोपों के चलते उनके एनजीओ का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया थाइंदिरा जय सिंह

दिल्ली:केंद्रीय जाँच एजेंसी यानी सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के दिल्ली और मुंबई स्थित घरों पर छापेमारी की है.बताया जा रहा है कि सीबीआई ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे इंदिरा जयसिंह के आवास पर पहुंचकर रेड मारी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों घरों पर रेड की जानकारी मिलते ही इंदिरा जयसिंह के वकील भी मौके के लिए रवाना हुए. जिन्होंने सीबीआई की इस रेड के बारे में पूरी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ली.इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को सुप्रीम कोर्ट ने भी मई में नोटिस जारी किया था. इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने FCRA उल्लंघन के आरोपों पर उनके एनजीओ और उन्हें नोटिस भेजा था.image

आरोप है कि इन्होंने दिल्ली स्थित एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव के लिए विदेशी चंदे के नियमों का उल्लंघन किया है. दिल्ली में सीबीआई ने 54-निज़ामुद्दीन ईस्ट स्थित आवास पर और सी-6 निज़ामुद्दीन ईस्ट में लॉयर्स कलेक्टिव के दफ़्तर पर छापेमारी की है.अधिकारियों ने इस रेड के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. आनंद ग्रोवर इंदिरा जयसिंह के पति हैं. इंदिरा जयसिंह भारत की एडिशनल सॉलिसटर जनरल रही हैं. कहा जा रहा है कि इनके एनजीओ ने फॉरन कंट्रिब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट का उल्लंघन किया है.

आनंद ग्रोवर

हालांकि लॉयर्स कलेक्टिव ने इन सारे आरोपों को ख़ारिज किया है. पिछले महीने सीबीआई ने ग्रोवर और उनके एनजीओ के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया था. ग्रोवर इस एनजीओ के निदेशक हैं और उनकी पत्नी इंदिरा जय सिंह ट्रस्टी और सचिव हैं.गृह मंत्रालय की शिकायत के बाद सीबीआई ने मुक़दमा दर्ज किया था. लॉयर्स कलेक्टिव पर 2006-07 और 2014-15 के बीच 32.39 करोड़ रुपए से ज़्यादा के विदेशी चंदे में अनियमितता के आरोप हैं.गृह मंत्रालय का कहना है कि इस एनजीओ का एफ़सीआरए रजिस्ट्रेशन 2016 में निलंबित कर दिया गया था क्योंकि मंत्रालय ने दावा किया था कि अनियमितता के आरोपों पर इनका जवाब संतोषजनक नहीं था.

इंदिरा जय सिंहइमेज कॉपीरइटTWITTER
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी(AAP) मुखिया अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई छापेमारी की आलोचना की है।केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा है, ‘ मैं वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के ऑफिस और घर पर सीबीआइ छापेमारी की निंदा करता हूं। कानून को अपना काम करते रहना चाहिए, लेकिन जो दिग्गज सारी ज़िन्दगी कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए संघर्ष करते रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई साफ-साफ बदले की कार्रवाई है।’

क्या है मामला ?
सुप्रीम कोर्ट ने मई में एनजीओ द्वारा विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) उल्लंघन के एक कथित मामले की जांच की स्थिति की मांग करने वाली याचिकाकर्ता वकील की वॉयस द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर और उनके एनजीओ वकीलों के सामूहिक वकील को नोटिस जारी किए थे।इस मामले में उनके एनजीओ में योगदान शामिल है, जब इंदिरा जयसिंह 2009 और 2014 के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल थीं, उस दौरान सीबीआई ने उनपर ये आरोप लगाया। एजेंसी के अनुसार, उस समय उसकी विदेश यात्राओं का खर्च गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना एनजीओ से था।हालांकि लॉयर्स कलेक्टिव का कहना है कि मुक़दमा तथ्यों और क़ानून के हिसाब से दर्ज नहीं किया गया है बल्कि टारगेट करने के लिए किया गया है.एनजीओ के अज्ञात अधिकारियों, अज्ञात निजी व्यक्तियों और लोक सेवकों को भी एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। इस संस्था की स्थापना 1981 में हुई थी। एनजीओ की वेबसाइट के अनुसार यह मिशन के साथ वकीलों का एक ऐसा समूह है जो कानून के प्रभावी उपयोग के माध्यम से हाशिए पर रहने वाले समूहों की स्थिति को सशक्त बनाने और बदलने का काम करता है। साथ ही मानवाधिकारों की वकालत, कानूनी सहायता और मुकदमेबाजी में संलग्न है।
इससे पहले आठ मई को उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा था जिसमें एसआईटी जांच की मांग की गई थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह को उस दौरान विदेशों से फंड मिला जब वह यूपीए कार्यकाल के दौरान 2009-2014 के बीच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का संवेदनशील पद संभाल रही थीं। याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदिरा, आनंद और उनके एनजीओ को नोटिस भी जारी किया था।

सुप्रीम के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस रेड पर ट्वीट कर कहा है, ”अपने एनजीओ के लिए विदेशी चंदे का दुरुपयोग के आरोप में इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को घर पर सीबीआई की रेड पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है. सरकारी एजेंसियों की ओर से रेड और मुक़दमा को अब विपक्षियों को प्रताड़ित करने का तरीक़ा बना लिया गया है.”इंदिरा जयसिंह ने उनके घर पर हुई सीबीआई रेड के बारे में कहा, मुझे और मेरे पति आनंद ग्रोवर को कई सालों से मानवाधिकार के काम करने की वजह से टारगेट किया जा रहा है.छापेमारी के वक्त जब आनंद ग्रोवर से संपर्क किया गया, तब उन्होंने किसी तरह की बात करने से इनकार कर दिया. हालांकि, इस बीच उन्होंने कहा कि सीबीआई की तरफ से जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह गलत हैं.

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के घर और दफ्तर पर सीबीआई ने छापेमारी पर भड़क गई। इंदिरा जयसिंह ने कहा कि उन्हें टारगेट किया जा रहा है। कहा , ‘श्री ग्रोवर और मुझे उन मानवाधिकार कार्यों के लिए टारेगट किया जा रहा है जो हमने वर्षों से किए हैं।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *