नवंबर 2019 में 23 लाख युवाओं को नौकरी, खत्म हो रही आर्थिक सुस्ती?

सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर महीने में फॉर्मल सेक्टर में करीब 23 लाख 47 हजार 649 लोगों को नौकरी मिली है। नई नौकरी के बारे में जानकारी तीन सामाजिक सुरक्षा स्कीम्स में नए रजिस्ट्रेशन के आधार पर मिलती है।

हाइलाइट्स

  • नवंबर में संगठित क्षेत्र में करीब 23 लाख लोगों को मिलीं नौकरियां
  • तीन सामाजिक सुरक्षा स्कीम्स में नए रजिस्ट्रेशन के आधार पर मिलती है नई नौकरी की जानकारी
  • नवंबर महीने में एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड (EPF) में 8,67,963 लोग शामिल हुए
  • 14 लाख 33 हजार लोग ESI में जुड़े और 46 हजार 686 लोग नैशनल पेंशन स्कीम के साथ जुड़े

 नई दिल्ली: आर्थिक सुस्ती और बेरोजगारी की समस्या को लेकर लगातार बुरी खबर आने के बाद एक अच्छी खबर आई है। सरकारी डेटा के मुताबिक, नवंबर महीने में फॉर्मल सेक्टर में करीब 23 लाख लोगों को नौकरी मिली है। क्या इसका यह मतलब यह समझा जाए कि आर्थिक सुस्ती दूर होने लगी है?

सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर महीने में फॉर्मल सेक्टर में करीब 23 लाख 47 हजार 649 लोगों को नौकरी मिली है। नई नौकरी के बारे में जानकारी तीन सामाजिक सुरक्षा स्कीम्स में नए रजिस्ट्रेशन के आधार पर मिलती है। डेटा के मुताबिक, नवंबर महीने में एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड (EPF) में 8,67,963 लोग शामिल हुए हैं। 14 लाख 33 हजार लोग स्टेट इंश्योरेंस स्कीम ( ESI) में जुड़े और 46 हजार 686 लोग नैशनल पेंशन स्कीम के साथ जुड़े हैं।नवंबर महीने में 23 लाख लोगों को संगठित क्षेत्र में नौकरी मिली है। राष्ट्रीय़ सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के 11वें महीने में कुल 23,47,649 लोगों को रोजगार मिला है। 2018-19 के वित्त वर्ष में अक्तूबर तक कुल 1.49 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 से लेकर के अक्तूबर 2019 के बीच कुल 3.22 करोड़ लोगों ने ईएसआईसी योजना में जोड़े गए हैं। वहीं मार्च 2018 तक कुल 83.35 लाख लोग ईएसआईसी योजना से जुड़े थे।  

एनएसओ हर माह ईएसआईसी, ईपीएफओ और पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से मिले डाटा के अनुसार रिपोर्ट को तैयार करती है। मंत्रालय सितंबर 2017 से लगातार नौकरी का डाटा जारी कर रहा है।

नवंबर 2019 में जहां कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से 8,67,963 लोग जु़ड़े, वहीं 14,33,000 लोग कर्मचारी राज्य बीमा निगम की योजना से जुड़े हैं। इसके अलावा 46,686 लोगों ने नेशनल पेंशन स्कीम में अपना खाता खोला है।

इन आंकड़ों को जारी करते वक्त मंत्रालय ने कहा कि यह केवल संगठित क्षेत्र के रोजगार की तस्वीर को बयां करता है। हालांकि इसके जरिए यह नहीं पता चलता है, कि कितने लोगो असंगठित क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।

2018-19 के वित्त वर्ष में कुल 1.49 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 से लेकर के अक्तूबर 2019 के बीच कुल 3.22 करोड़ लोगों ने ईएसआईसी योजना में जोड़े गए हैं। वहीं मार्च 2018 तक कुल 83.35 लाख लोग ईएसआईसी योजना से जुड़े थे।  एनएसओ हर माह ईएसआईसी, ईपीएफओ और पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से मिले डाटा के अनुसार रिपोर्ट को तैयार करती है।

ईपीएफओ योजना उन कंपनियों में लागू होती है, जहां पर 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। वहीं ईएसआईसी 10 कर्मचारियों वाली कंपनी पर और एनपीएस में 18 से 60 साल का कोई भी व्यक्ति अपना खाता खोल सकता है।

अप्रैल 2018 के बाद हर महीने डेटा की जानकारी
अप्रैल 2018 के बाद से सरकार फॉर्मल सेक्टर में कितने लोगों की नौकरी लगी है इसकी हर महीने रिपोर्ट जारी करती है। कितने लोगों को नौकरी लगी है, उसकी काउंटिंग NPS, ESI और NPS सब्सक्रिप्शन के आधार पर की जाती है।
क्या हैं नियम?

अगर किसी संस्थान में 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो ईपीएफ जरूरी हो जाता है। 10 से ज्यादा कर्मचारी होने पर सभी कर्मचारियों के लिए ईएसआई की सुविधा जरूरी है। नैशनल पेंशन स्कीम में कोई भी भारतीय शामिल हो सकता है, जिसकी उम्र 18-60 के बीच है।

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