हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार’ ने की थी 14 हज़ार करोड़ रिकॉर्ड कमाई

 31 जनवरी का इतिहास
31 January in History: फिल्म 'अवतार' ने की थी 14 हज़ार करोड़ की रिकॉर्ड कमाई, जानिए 31 जनवरी का पूरा इतिहास31 जनवरी के दिन का अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष महत्व है. दरअसल यह अजब संयोग है कि अमेरिका ने 31 जनवरी 1958 को अपना पहला अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष में भेजा और वह भी 31 जनवरी का ही दिन था जब नासा ने जीवित प्राणियों पर अंतरिक्ष के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए एक चिंपांजी को अंतरिक्ष में भेजा. इसके बाद 31 जनवरी को अमेरिका ने मानवयुक्त अपोलो यान को चंद्रमा की तरफ रवाना किया. अंतरिक्ष से जुड़ी यह घटनाएं अलग अलग वर्षों में हुईं, लेकिन दिन एक ही था 31 जनवरी. इस दिन ही प्रथम विश्व युद्द के दौरान जर्मनी ने रुस के खिलाफ जहरीली गैस का इस्तेमाल किया,  यही नहीं इस दिन मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी भी घोषित किया गया।इसके अलावा इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी जो कि हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गईं। 31 जनवरी के दिन कई ऐसे व्यक्तियों ने जन्म लिया, जिन्होंने दुनिया में आकर बड़ा नाम किया , इसके अलवा इस दिन कई दिग्गज इस दुनिया से चले गए।

आइए जानते हैं 31 जनवरी के दिन घटित हुईं देश-दुनिया के इतिहास की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में जो कि निम्नलिखित हैं –

31 January History

  • मुग़ल बादशाह अकबर के संरक्षक बैरम ख़ाँ की 1561 में गुजरात के पाटण में हत्या कर दी गई।बैरम ख़ाँ हुमायूँ का सहयोगी तथा उसके नाबालिग पुत्र अकबर का वली अथवा संरक्षक था। वह बादशाह हुमायूँ का परम मित्र तथा सहयोगी भी था। अपने समस्त जीवन में बैरम ख़ाँ ने मुग़ल साम्राज्य की बहुत सेवा की थी। हुमायूँ को उसका राज्य फिर से हासिल करने तथा कितने ही युद्धों में उसे विजित कराने में बैरम ख़ाँ का बहुत बड़ा हाथ था। अकबर को भी भारत का सम्राट बनाने के लिए बैरम ख़ाँ ने असंख्य युद्ध किए और हेमू जैसे शक्तिशाली राजा को हराकर भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। मुग़ल साम्राज्य में अकबर की दूधमाता माहम अनगा ही थी, जो बैरम ख़ाँ के विरुद्ध साज़िश करती रहती थी। ये इन्हीं साज़िशों का नतीजा था कि बैरम को हज के लिए आदेश दिया गया, जहाँ 1561 ई. में उसकी हत्या कर दी गई।
  • ब्रिटेन की रानी एलिज़ाबेथ प्रथम के आदेश पर 1599 में भारत में ब्रिटेन की पहली ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना हुई।
  • ब्रिटेन में तख़्त के ख़िलाफ़ साजिश करने वाले गाइफ़ाक्स को 1606 में मौत के घाट उतार दिया।
  • चीन में 1850 को ताए पींगहा (जनता का संकल्प ) नाम से सबसे बड़ा जनान्दोलन आरंभ हुआ।
  • अमेरिका में ‘दासता उन्मूलन’ संबंधी 13वां संशोधन विधेयक 1865 में स्वीकृत हुआ।
  • अफ़ग़ानिस्तान के अमीर के मर्व को रूसी फ़ौजों ने 1884 में छीन लिया।
  • अमेरिका में पहली बार 1893 में ‘कोका कोला’ ट्रेडमार्क का पेटेंट किया गया।इसे दुनिया के सबसे महंगे ट्रेडमार्क में गिना जाता है.
  • ‘प्रथम विश्व युद्ध’ के दौरान जर्मनी ने 1915 में रूस के ख़िलाफ़ ज़हरीली गैस का इस्तेमाल किया।
  • 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के फ़ील्ड मार्शल फ़्रेडरिक पोलस ने सोवियत संघ की सेना के समक्ष हथियार डाले।
  • तत्कालीन सोवियत संघ के मॉडल के आधार पर 31 जनवरी , 1946 को यूगोस्लाविया के 6 देशों (बोस्त्रिया-हर्जेगोविना, सर्बिया, मैसेडोनिया, मोंटेनेग्रो, स्लोवेनिया, क्रोएशिया) का विघटन।
  • 1953 में हुए आईरिश सागर में नौका दुर्घटना में चालक दल के सदस्यों के साथ कम से कम 200 यात्रियों की मौत हो गई।
  • अबादान से तेहरान तक पाइपलाइन बिछाने का काम 1957 में पूरा हुआ।
  • अमेरिका ने 1958 में पहले भू-उपग्रह का प्रक्षेपण किया।
  • अमेरिकी देशों के संगठन ने 1962 में क्यूबा को न शामिल करने का फैसला किया।
  • मोर को 1963 में भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया।भारतीय मोरपावों क्रिस्‍तातुस, भारत का राष्‍ट्रीय पक्षी एक रंगीन, हंस के आकार का पक्षी पंखे आकृति की पंखों की कलगी, आँख के नीचे सफेद धब्‍बा और लंबी पतली गर्दन। इस प्रजाति का नर मादा से अधिक रंगीन होता है जिसका चमकीला नीला सीना और गर्दन होती है और अति मनमोहक कांस्‍य हरा 200 लम्‍बे पंखों का गुच्‍छा होता है। मादा भूरे रंग की होती है, नर से थोड़ा छोटा और इसमें पंखों का गुच्‍छा नहीं होता है। नर का दरबारी नाच पंखों को घुमाना और पंखों को संवारना सुंदर दृश्‍य होता है।भारत का राष्ट्रीय पक्षी के लिए इमेज परिणामपंखो को फैलाए हुए मोर मोर को कार्तिकेय (मुरुगन) का वाहन माना जाता है। प्रख्यात चित्रकार मोर अथवा मयूर एक पक्षी है जिसका मूलस्थान दक्षिणी और दक्षिणपूर्वी एशिया में है। ये ज़्यादातर खुले वनों में वन्यपक्षी की तरह रहते हैं। नीला मोर भारत और श्रीलंका का राष्ट्रीय पक्षी है। नर की एक ख़ूबसूरत और रंग-बिरंगी फरों से बनी पूँछ होती है, जिसे वो खोलकर प्रणय निवेदन के लिए नाचता है, विशेष रूप से बसन्त और बारिश के मौसम में। मोर की मादा मोरनी कहलाती है। जावाई मोर हरे रंग का होता है।बरसात के मौसम में काली घटा छाने पर जब यह पक्षी पंख फैला कर नाचता है तो ऐसा लगता मानो इसने हीरों से जरी शाही पोशाक पहनी हुई हो; इसीलिए मोर को पक्षियों का राजा कहा जाता है। पक्षियों का राजा होने के कारण ही प्रकृति ने इसके सिर पर ताज जैसी कलंगी लगायी है। मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण ही भारत सरकार ने 26 जनवरी,1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया। हमारे पड़ोसी देश म्यांमार का राष्ट्रीय पक्षी भी मोर ही है। ‘फैसियानिडाई’ परिवार के सदस्य मोर का वैज्ञानिक नाम ‘पावो क्रिस्टेटस’ है। अंग्रेजी भाषा में इसे ‘ब्ल्यू पीफॉउल’ अथवा ‘पीकॉक’ कहते हैं। संस्कृत भाषा में यह मयूर के नाम से जाना जाता है। मोर भारत तथा श्रीलंका में बहुतायत में पाया जाता है। मोर मूलतः वन्य पक्षी है, लेकिन भोजन की तलाश इसे कई बार मानव आबादी तक ले आती है।

    मोर प्रारम्भ से ही मनुष्य के आकर्षण का केन्द्र रहा है। अनेक धार्मिक कथाओं में मोर को उच्च कोटी का दर्जा दिया गया है। हिन्दू धर्म में मोर को मार कर खाना महापाप समझा जाता है। भगवान् श्रीकृष्ण के मुकुट में लगा मोर का पंख इस पक्षी के महत्त्व को दर्शाता है। महाकवि कालिदास ने महाकाव्य ‘मेघदूत’ में मोर को राष्ट्रीय पक्षी से भी अधिक ऊँचा स्थान दिया है। राजा-महाराजाओं को भी मोर बहुत पसंद रहा है। प्रसिद्ध सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के राज्य में जो सिक्के चलते थे, उनके एक तरफ मोर बना होता था। मुगल बादशाह शाहजहाँ जिस तख्त पर बैठते थे, उसकी संरचना मोर जैसी थी। दो मोरों के मध्य बादशाह की गद्दी थी तथा पीछे पंख फैलाये मोर। हीरों-पन्नों से जरे इस तख्त का नाम तख्त-ए-ताऊस’ रखा गया। अरबी भाषा में मोर को ‘ताऊस’ कहते हैं।

    मोर पंख)

    नर मोर की लम्बाई लगभग २१५ सेंटीमीटर तथा ऊँचाई लगभग ५० सेंटीमीटर होती है। मादा मोर की लम्बाई लगभग ९५ सेंटीमीटर ही होती है। नर और मादा मोर की पहचान करना बहुत आसान है। नर के सिर पर बड़ी कलंगी तथा मादा के सिर पर छोटी कलंगी होती है। नर मोर की छोटी-सी पूँछ पर लम्बे व सजावटी पंखों का एक गुच्छा होता है। मोर के इन पंखों की संख्या १५० के लगभग होती है। मादा पक्षी के ये सजावटी पंख नहीं होते। वर्षा ऋतु में मोर जब पूरी मस्ती में नाचता है तो उसके कुछ पंख टूट जाते हैं। वैसे भी वर्ष में एक बार अगस्त के महीने में मोर के सभी पंख झड़ जाते हैं। ग्रीष्म-काल के आने से पहले ये पंख फिर से निकल आते हैं। मुख्यतः मोर नीले रंग में पाया जाता है, परन्तु यह सफेद, हरे, व जामुनी रंग का भी होता है। इसकी उम्र २५ से ३० वर्ष तक होती है। मोरनी घोंसला नहीं बनाती, यह जमीन पर ही सुरक्षित स्थान पर अंडे देती है।

  • सोवियत संघ ने 31 जनवरी, साल 1966 को लूना कार्यक्रम के तहत मानवरहित लूना 9 स्पेशक्राफ्ट की लांचिंग की।
  • प्रशान्त महासागर में स्थित द्वीपीय देश नौरू को 1968 में आस्ट्रेलिया से स्वाधीनता मिली।
  • अमेरिका ने 1968 में नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।
  • पूर्व और पश्चिमी बर्लिन के बीच 19 साल के अंतराल के बाद 1971 में फिर से टेलीफोन सेवा बहाल हुई।
  • बीरेनद्र बीर बिक्रम शाह 1972 में नेपाल के 12वें राजा बने।
  • पेन अमेरिका एयरवेज़ का विमान 1974 में अमेरिकी सीमाओं में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें लगभग 25 लोग मारे गये।
  • चीन ने 1979 में सोवियत संघ को विश्वयुद्ध भड़काने वाला मुख्य देश होने का आरोप लगाया।
  • कोलकाता में 1983 को पहला शुष्क बंदरगाह शुरू हुआ।
  • रूस की राजधानी मास्को में 1990 में विश्व का सबसे बड़ा मेकडोनाल्ड स्टोर शुरू हुआ।
  • श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 1996 में हुए आत्मघाती हमले में 86 की मौत, 1400 घायल।
  • सन 2000 में हवाला केस के सभी आरोपी बरी।
  • झारखंड के राज्यपाल प्रभात कुमार ने 2002 में इस्तीफ़ा दिया।
  • पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉक्टर अब्दुल कादिर खान को   अन्य देशों को परमाणु प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के मामले में  31 जनवरी 2004 को गिरफ्तार किया गया।
  • जनरल जोगिंदर सिंह 2005 में नए सेना प्रमुख बने।
  • बांग्लादेश ने 2005 में जिम्बाव्वे से एक दिवसीय शृंखला 3-2 से जीती।
  • भारतीय स्टील कम्पनी टाटा, एंग्लो डच इस्पात कम्पनी कोरस के अधिग्रहण के बाद 2007 में विश्व की पांचवी बड़ी कम्पनी बनी।
  • 2008 में भारत-अमेरिकी असैन्य परमाणु करार के विवादास्पद हाइड-एक्ट क़ानून के जनक और पूर्व रिपब्लिकन सांसद हेनरी ने हाइड का निधन।
  • उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 31जनवरी, साल 2008 को यूपी को 5 साल के अंदर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 6 हजार 168 करोड़ रुपए की विद्युत परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
  • पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय बेनजीर भुट्टो की पार्टी ने 2008 में चुनाव के लिए अपनी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया।
  • हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार’ दो बिलियन डॉलर कमाकर 2010 में दुनियाभर में सबसे ज्यादा कमायी करने वाली फिल्म बनी।
    अवतार
    On the upper half of the poster are the faces of a man and a female blue alien with yellow eyes, with a giant planet and a moon in the background and the text at the top: "From the director of Terminator 2 and Titanic". Below is a dragon-like animal flying across a landscape with floating mountains at sunset; helicopter-like aircraft are seen in the distant background. The title "James Cameron's Avatar", film credits and the release date appear at the bottom.
    पोस्टर
    निर्देशक जेम्स कैमरून
    निर्माता जेम्स कैमरून

    जोन लिंडाऊ

    लेखक जेम्स कैमरून
    अभिनेता सैम वर्थिंगटन
    ज़ोई सल्डाना
    स्टीफन लैंग
    मिशेल रोड्रिग्स
    सिगौरनी व्हिवर
    जोएल डेविड मूरगिवोवानी रिबिसी
    संगीतकार जेम्स होर्नेर
    छायाकार मौरो फिओरे
    संपादक जेम्स कैमरून
    जॉन रेफौयास्टीफन इ. रिव्किन
    स्टूडियो लाइटस्टॉर्म इंटरटेनमेंट
    ड्यून इंटरटेनमेंटइंजिनियस मिडिया
    वितरक 20यथ सेंचुरी फॉक्स
    प्रदर्शन तिथि(याँ) 10 December, 2009 लंदन प्रिमियर यूनाइटेड किंगडम
    18 December, 2009 Flag of the United States.svg संयुक्त राज्य18 December, 2009 भारत
    समय सीमा 162 मिनट
    171 minutes (re-release)
    देश संयुक्त राज्य अमेरिका
    भाषा अंग्रेज़ी
    लागत $237 मिलियन ($23.7 करोड़)
    $9 million+ (Re-release)
    कुल कारोबार $2.788 बिलियन

    अवतार (अंग्रेज़ी: Avatar) २००९ में बनी अमेरिकी काल्पनिक विज्ञान पर आधारित फ़िल्म है जिसका लेखन व निर्देशन जेम्स कैमरून द्वारा किया गया है और इसमें सैम वर्थिंगटन, ज़ोई साल्डाना, स्टीफन लैंग, मिशेल रोड्रिग्स जोएल डेविड मूर, जिओवानी रिबिसी व सिगौरनी व्हिवर मुख्य भूमिकाओं में है। फ़िल्म २२वि सदी में रची गई है जब मानव एक बेहद महत्वपूर्ण खनिज अनओब्टेनियम को पैंडोरा पर खोद रहे होते है जो एक एक बड़े गैस वाले गृह का रहने लायक चन्द्रमा है जो अल्फ़ा सेंटारी अंतरिक्षगंगा में स्थित है। इस खनन कॉलोनी का बढ़ना पैंडोरा की प्रजातियों व कबीलो के लिए खतरा बन जाता है। पैंडोरा की प्रजाति नाह्वी, जो मानवों के सामान प्रजाति है इसका विरोध करती है। फ़िल्म का शीर्षक जेनेटिक्स अभियांत्रिकी द्वारा निर्मित नाह्वी शरीरों से जुड़ा है जिन्हें मानव अपने मस्तिक्ष से नियंत्रित कर सकते है ताकि पैंडोरा के निवासियों से संवाद साध सके।

    अवतार का विकास कार्य १९९४ में शुरू हुआ जब कैमरून ने ८० पन्नों की कहानी फ़िल्म के लिए लिखी। इसका चित्रीकरण कैमरून की १९९७ की फ़िल्म टाइटैनिक के पूर्ण होने पर शुरू होना था व १९९९ में रिलीज़ किया जाना था परन्तु कैमरून के अनुसार उस वक्त उनकी कल्पना को चित्रित करने के लायक तकनीक उपलब्ध नहीं थी। अवतार में नाह्वी की भाषा पर कार्य २००५ की गर्मियों में शुरू हुआ और कैमरून ने कथानक का व एक काल्पनिक ब्रह्मांड का विकास २००६ की शुरुआत में शुरू किया। फ़िल्म का अधिकृत बजट $२३७ मिलियन था। बाकी कार्य मिलकर इसकी लागत $२८० मिलियन से $३१० मिलियन निर्माण व $१५० मिलियन प्रचार के लिए लग गई। फ़िल्म का चित्रीकरण बेहद नई व उत्तीर्ण मोशन कैप्चर तकनीक का उपयोग करके किया गया व इसे आम प्रिंट के साथ ३डी में भी रिलीज़ किया गया। साथ ही इसका ४डी प्रिंट दक्षिण कोरिया के कुछ सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया।

  • दक्षिण अफ्रीका के प्रीटोरिया में 2013 में हुए एक ट्रेन दुर्घटना में लगभग 2500 लोग घायल हुए।

31 जनवरी को जन्मे व्यक्ति 

31 जनवरी के दिन कई ऐसी शख्सियत ने जन्म लिया , जिन्होंने दुनिया में आकर बड़ा नाम किया।

  • ‘परमवीर चक्र’ पाने वाले प्रथम भारतीय शहीद सोमनाथ शर्मा का 1923 में जन्म।
  • अभिनेता राजेश विवेक का 31 जनवरी, 1949 को जन्म हुआ।
  • भारतीय अभिनेत्री प्रीति जिंटा का 1975 में जन्म।
  • अभिनेत्री अमृता अरोड़ा का 31 जनवरी , 1981 को जन्म हुआ।

31 जनवरी को हुए निधन 

  • 1961 में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह का निधन हुआ।
  • 1968 में हिन्दी के निबन्धकार और साहित्यकार पद्मनारायण राय का निधन हुआ।
  • 1987 में महान स्वतंत्रता सेनानी मिनजुर भक्तवत्सलम का निधन हुआ।
  • 2004 में प्रसिद्ध पाश्र्व गायिका और अभिनेत्री सुरैया जमाल शेख का निधन हुआ।
  • राजनेता होकिशे सेमा का 31 जनवरी साल 2007 को निधन।
  • 2012 में समाजवादी विचारधारा के प्रसिद्ध भारतीय नेता मनीराम बागड़ी का निधन हुआ।
  • 1988 में तमिल भाषा के साहित्यकार अकिलन का निधन हुआ।
  • 2000 में भारतीय सिनेमा के खलनायक अभिनेता के. एन. सिंह का निधन हुआ।

देश दुनिया के इतिहास में 31 जनवरी की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1561 : मुगल बादशाह अकबर के संरक्षक और मुगल सल्तनत के वफादार सेनापति बैरम ख़ां की हत्या.
1893 : कोका कोला ट्रेडमार्क का अमेरिका में पहली बार पेटेंट कराया गया.
1958 : अमेरिका ने पहले अंतरिक्ष यान के तौर पर एक्सपलोरर 1 को अंतरिक्ष में भेजा. इसके साथ ही अमेरिका अंतरिक्ष होड़ में शामिल हो गया.
1961 : अमेरिका ने जीवित प्राणियों पर अंतरिक्ष के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए एक चिंपांजी को अंतरिक्ष में भेजा.
1966 : सोवियत संघ ने चंद्रमा पर अपना पहला अंतरिक्ष यान लूना 9 भेजा.
1971 : पूर्वी और पश्चिम जर्मनी के बीच 19 साल के बाद एक बार फिर टेलीफोन सेवा शुरू की गई.
1971 : अमेरिका ने मानवयुक्त अपोलो यान को चंद्रमा की ओर रवाना किया.
2001 : लीबिया के नागरिक अब्दुल बासित अली मोहम्मद अल मेगराही को 1988 की पैन एम उड़ान 103 में विस्फोट करने का दोषी ठहराया गया. दुर्घटना में 270 लोगों की मौत हुई थी.
2010 : हॉलीवुड की दुनियाभर में मशहूर फिल्म ‘अवतार’ ने दो अरब डालर (लगभग 14 हज़ार करोड़) की कमाई का नया रिकार्ड बनाया.

 31 जनवरी के दिन का अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष महत्व है. अंतरिक्ष की अथाह गहराइयों ने हमेशा से इंसान को आकर्षित किया है और सोवियत संघ द्वारा इस दिशा में शुरुआत किए जाने के बाद अमेरिका इस होड़ में शामिल हुआ. इसके बाद दुनिया के कई बड़े देशों ने अंतरिक्ष के अन्वेषण की दिशा में काम किया. इस क्षेत्र में भारत ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है.

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