सस्ते मकानों के प्रोत्साहन को तमाम छूटें,45 लाख तक घरों के 15 साल लोन में साढ़े तीन लाख की छूट

 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट प्रस्ताव में आदर्श किरायेदारी संहिता, सस्ते मकानों के लिए सरकारी जमीन मुहैया कराया जाना, सस्ते मकान पर ब्याज में छूट दिए जाने से सस्ते मकानों को बल मिलेगा और नकदी के संकट से जूझ रहे डेवलपरों को मदद मिलेगी।  सीतारमण द्वारा उठाए गए कुछ नए कदमों से सस्ते मकानों के खरीदारों को प्रोत्साहन मिलेगा। पहले जहां सस्ते मकानों के खरीदारों को 2 लाख रुपये तक ब्याज भुगतान पर कर छूट मिलती थी, जिसे अब 15 साल तक की अवधि वाले कर्ज के लिए बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
 सीतारमण ने कहा कि इस दिशा मेंं पहले भी कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने अपार्टमेंटों के कार्पेट एरिया की सीमा महानगरों में 60 वर्गमीटर कर दी गई है, जो पहले 30 वर्गमीटर थी। छोटे शहरों में इसे 60 वर्गमीटर से बढ़ाकर 90 वर्गमीटर कर दिया गया है। उद्योग से जुड़े लोगो ने कहा कि 45 लाख रुपये तक के मकान को सस्ते मकान की श्रेणी में रखा गया है, जिसकी वजह से घर के खरीदारों का दायरा बढ़ेगा।  संपत्ति सलाहकार जेएलएल के मुख्य कार्यकारी रमेश नैयर ने कहा, ‘भूमि की उपलब्धता और आदर्श किरायेदारी संहिता न होना सस्ते आवास की राह में सबसे बड़ा व्यवधान है। इन दोनोंं से सस्ते आवास क्षेत्र को मदद मिलेगी।’ नैयर ने कहा कि सरकार को डेवलपरों को किराये पर मकान देने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कर छूट देने की जररूरत है।
 कॉलियर्स इंटरनैशनल इंडिया की वरिष्ठï सहायक निदेशक (अनुसंधान) मेघा मान ने कहा, ‘नई आदर्श किरायेदारी को नए सिरे से लागू किया जा सकता है जिससे मकान मालिक और किरायेदार दोनों के अधिकार और दायित्व में संतुलन स्थापित होगा। यह देश भर में किराया बाजार को कहीं अधिक कुशल एवं व्यवस्थित बनाएगा।’  विशेषज्ञों ने कहा कि सस्ते मकान के लिए ब्याज में 3.5 लाख रुपये तक की छूट से सस्ते रिहायशी मकानों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। कॉलियर्स इंटरनैशनल के वरिष्ठï निदेशक (मूल्यांकन एवं परामर्श) आशिष अग्रवाल ने कहा, ‘सस्ते मकानों के लिए ब्याज में 3.5 लाख रुपये तक की छूट 31 मार्च 2020 तक उपलब्ध रहेगी जबकि पहले 2 लाख रुपये तक छूट की व्यवस्था थी। इससे सस्ते मकानों की बिक्री को रफ्तार मिलेगी जिसकी बेहद आवश्यकता है। इससे अभी मकान खरीदने के लिए इंतजार कर रहे लोग इस वित्त वर्ष में बाजार में आएंगे।’  वित्त मंत्री ने कहा कि किराये के आवास को बढ़ावा देने के लिए सुधारवादी कदम उठाए जाएंगे और राज्यों के लिए किराया कानून का एक आदर्श प्रारूप तैयार कर जारी किया जाएगा। सीतारमण ने शुक्रवार को अपने पहले बजट में कहा कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)-ग्रामीण के तहत अगले दो साल में 1.95 करोड़ घर बनाएगी।
वित्त मंत्री ने 45 लाख रुपये तक की कीमत वाले किफायती आवास की खरीद के लिए 31 मार्च , 2020 तक लिए गए बैंक कर्ज पर अदा किए गए ब्याज के लिए 1,50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इसका अर्थ है कि किफायती मकान खरीदने वाले व्यक्ति को आवास कर्ज पर अब 3.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर कर-कटौती का लाभ मिलेगा। इससे मध्यम वर्ग के मकान खरीदारों को 15 वर्षों की अपनी ऋण अवधि के दौरान लगभग 7 लाख रुपये का लाभ मिलेगा।
 उन्होंने कहा कि सरकार के सभी कार्यक्रमों के केंद्र में गांव, गरीब और किसान हैं।  वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के निर्माण की अवधि 2017-18 में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्लेटफार्म और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से घटकर 114 दिन रह गई है। 2015-16 में इस योजना के तहत घरों के निर्माण में 314 दिन लगते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दूसरे चरण में 2019-20 और 2020-21 के दौरान पात्र लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान दिए जाएंगे। इन घरों में बिजली, एलपीजी कनेक्शन और शौचालय उपलब्ध होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 5 साल में 1.54 करोड़ घर बनाए गए हैं।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *