देहरादून: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दून के परेड मैदान में आयोजित परिवर्तन रैली में एलान किया कि इस बार केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। यह सरकार ऐतिहासिक कदम उठाएगी। हर गरीब को न्यूनतम इनकम की गारंटी दी जाएगी। अगर मोदी पंद्रह-बीस लोगों को लाखों करोड़ दे सकते हैं, तो कांग्रेस की सरकार बनने पर देश के हर गरीब को पैसा क्यों नहीं दिया जा सकता है।  अपना संबोधन खत्म करने के बाद राहुल गांधी शहीदों के घर गए और परि‍जनों से बात की।

पुलवामा हमले के बाद शूटिंग में बिजी थे मोदी  

राहुल ने कहा कि उत्तराखंड के देश की सुरक्षा में  योगदान की दिल से धन्यवाद करता हूं। देश रक्षा के लिए यहां के जवान हमेशा आगे रहे हैं। उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर भी केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले के बाद हम भाजपा सरकार के साथ खड़े थे, लेकिन मोदी कॉर्बेट में शूटिंग में बिजी रहे। इतना ही नहीं, इस दौरान राहुल ने मंच से ‘चौकीदार चोर है ‘ के नारे भी लगाए।

मोदी ने नहीं कांग्रेस ने निभाए वादे 

राहुल ने एकबार फिर से किसानों को लेकर मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी कहते हैं किसानों का कर्जा माफ करेंगे, लेकिन उस वादे का क्या हुआ। हमने भी मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में वही बात की और दस दिन के भीतर कर्ज माफ भी कर दिया। मोदी के पंद्रह लाख का वादा भी हवार्इ साबित हुआ। उनका कहना है कि देश के सामने दो समस्या, रोजगार, किसानों की समस्या है। पांच साल में मोदी ने इन दोनों के बारे में कुछ नहीं सोचा। तूफान आता है किसान का पैसा अंबानी के खाते में जाता है।

दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है राफेल 

राहुल ने इस दौरान राफेल को लेकर अंबानी को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि कोर्इ है यहां जिसने अनिल अंबानी का नाम नहीं सुना। उन्होंने आगे कहा कि क्या अंबानी ने आजतक कोर्इ हवाई जहाज बनाया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रेक्ट मिलने से ठीक पहले अनिल अंबानी नई कंपनी खोलते हैं, उसी कंपनी को दुनिया का सबसे बड़ा राफेल का कॉन्ट्रेक्ट मिल जाता है।

अनिल अंबानी को मोदी ने 30 हजार करोड़ रुपये सीधे दे दिए। इसलिए राफेल सौदेबाजी दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है। मोदी ने देश की जनता को गुमराह किया है। उन्होंने ये भी कहा कि जब सीबीआइ चीफ ने कहा कि वे इस घोटाले की जांच करेंगे, तो उन्हें डेढ़ बजे रात को निकाल दिया जाता है।

राहुल ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी यह स्वीकार किया कि मोदी ने सीधी बात फ्रांस की कंपनी से की। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर मनीष खंडूड़ी आज कांग्रेस में क्यों हैं। भुवन चंद्र खंडूड़ी देश की डिफेंस सर्विसेज कमेटी के सदस्य थे। आखिर मोदी ने उन्हें कमेटी से क्यों हटा दिया। खंडूड़ी को सच बोलने की सजा मिली है।

इससे पहले मंच पर पहुंचते ही कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी का स्वागत किया। इसके बाद राहुल गांधी ने भाजपा नेता एंव पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी को कांग्रेस में शामिल किया।

जीएसटी में होगा बदलाव 

राहुल गांधी ने लोगों से सवा किया कि क्या आपके खाते में 15 लाख रुपये आए। यह मैंने नही मोदी ने वायदा किया था। मोदी यहीं नहीं रुके और उन्होंने देश में गब्बर टैक्स जीएसटी लगा दिया। कांग्रेस की सरकार आने पर जीएसटी में बदलाव होगा।

देश आपका है, सरकार भी आपकी हो

राहुल गांधी ने कहा कि हम उत्तराखंड में जनता, किसानों युवाओं की सरकार चलाना चाहते हैं। मोदी कहते हैं हाथी सो रहा था। क्या उनके आने से पहले देश में कुछ नहीं हुआ। आपने सड़कें नहीं बनाई। माता बहनों से काम नहीं किया। क्या मोदी आपका काम करते हैं। देश आपका है, सरकार आपकी होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की हर बूथ पर लड़ो। पांचों सीट जिताओ। उन्होंने कहा कि बीएसपी के लोग कांग्रेस में शामिल हुए। सबका स्वागत करता हूं।

राज्य सरकार हुई पूरी तरह से फेल 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतर पार्इ है। राज्य की सरकार दो साल में पूरी तरह से फेल हुई है।

हरीश रावत ने लगाए मोदी सरकार पर आरोप 

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने जनता को संबोधित करते हुए भाजपा को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि अगर कोर्इ नौजवान की उम्मीदों पर खरा उतर सकता है तो वे सिर्फ राहुल गांधी हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम ने जिन नौजवानों ने को छला है वे आज आस भरी निगाहों से राहुल गांधी की तरफ देख रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मनीष खंडूड़ी का कांग्रेस में आना इस बात का संकेत हैं कि युवा बीजेपी से परेशान है।

इंदिरा हृदयेश बोलीं, भाजपा बताए अपना इतिहास 

रैली को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बलिदान और आजादी की लड़ार्इ का इतिहास है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अपना इतिहास बताए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा झूठ बोलकर सत्ता में आर्इ है। उन्होंने युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगा है।

पुलिस की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई  

परेड ग्राउंड के बाहर लोगों की भीड़ देखकर पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांन्त धस्माना ने पुलिस की जांच प्रकिया पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा पुलिस महिलाओं को पर्स ले जाने से रोक रही है, जो गलत है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस काले झंडे से डरने वाली नहींं है।

खंडूड़ी का बेटा बना कांग्रेसी तो पौड़ी गढ़वाल बनी ‘हॉट सीट’, डोभाल के बेटे से हो सकता है मुकाबला,वर्ष 2006 में उत्तराखंड कांग्रेस के 10 शीर्ष नेता बीजेपी में शामिल हो गए थे. उसके बाद से कांग्रेस को किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश थी, जो पार्टी में तह तक पकड़ बना सके.

सूत्रों के अनुसार, मनीष खंडूड़ी को पौड़ी गढ़वाल सीट से चुनाव में उतारा जा सकता है. उनके पिता पूर्व मेजर जनरल खंडूड़ी इसी सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में खंडूड़ी दो बार विदेश राज्य मंत्री रहे हैं.

वरिष्ठ नेता खंडूड़ी की स्वच्छ छवि बीजेपी के लिए यूएसपी रही है. खंडूड़ी खराब स्वास्थ्य के कारण चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं. लेकिन उनके अच्छे काम और छवि के कारण बीजेपी को इस सीट पर पूरा भरोसा है.


बता दें कि वर्ष 2006 में उत्तराखंड कांग्रेस के 10 शीर्ष नेता बीजेपी में शामिल हो गए थे. उसके बाद से कांग्रेस को किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश थी, जो पार्टी में तह तक पकड़ बना सके. उत्तराखंड के कांग्रेस प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि पार्टी इसपर विचार करेगी कि मनीष को कौन सी जिम्मेदारी दी जाए?

वहीं पौड़ी गढ़वाल सीट पर बीजेपी के चार दावेदार बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य पहले से ही इस सीट पर नजर गड़ाए हुए हैं. वह एक एनजीओ बनाकर पिछले एक साल से यहां अभियान के माध्यम से अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं.

इसके साथ ही कर्नल (रिटायर) अजय कोठियाल भी इस सीट से टिकट मांग रहे हैं. वहीं इस सीट से रियर एडमिरल (रिटायर्ड) ओपी राणा का नाम पर भी चर्चा है. इस बीच उत्तराखंड बीजेपी राज्य अध्यक्ष अजय भट्ट और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने नई दिल्ली में बीसी खंडूड़ी से मुलाकात करके उन्हें चुनाव न लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की कोशिश की.

राहुल गांधी गए शहीदों के घर, परिजनों से की बात

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी परेड ग्राउंड में रैली के बाद शहीदों के घर गए। यहां उन्‍होंने परिजनों से बातचीत की। सबसे पहले वह शहीद चित्रेश बिष्‍ट के घर गए। उन्‍होंने करीब 15 मिनट तक शहीद चित्रेश के पिता और परिजनों से बात की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा, काजी निजामुद्दिन, राजीव जैन समेत अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।

उत्तराखंड दौरे पर आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी परेड ग्राउंड में रैली को संबोधित करने से बाद शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट और एएसआइ मोहन लाल रतूड़ी के परिवार से मिलने उनके घर गए। सबसे पहले राहुल गांधी नेहरू कॉलोनी स्थित शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के घर गए। इसके बाद वह एमडीडीए कॉलोनी कांवली रोड स्थित शहीद एएसआइ मोहन लाल रतूड़ी के परिवार वालों से मिले। बाद में राहुल गांधी  डंगवाल कॉलोनी डोभालवाला नेशविला रोड स्थित शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के घर जाएंगे।

शहीद चित्रेश के परिजनों से की 15 मिनट बात

शहीद चित्रेश बिष्ट के घर पहुंचे राहुल गांधी ने करीब 15 मिनट परिजनों से बात की। शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश प्रभारी अनुग्रह सिंह आदि कांग्रेसी नेता राहुल के साथ घर में परिजनों से मिले। इसके बाद राहुल गांधी ने अन्य नेताओं से कहा कि वह परिजनों से अकेला मिलना चाहते हैं। उस पर अन्य नेता घर से बाहर चले गए। करीब 12 मिनट तक राहुल गांधी ने पिता इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट, भाई नीरज बिष्ट, माता रेखा और अन्य परिजनों से बात की। राहुल ने घटना पर दुख जताया और कहा कि पूरा देश उनके परिवार के साथ है। उन्होंने पहाड़ के युवाओं को साहस और शहादत को सलाम किया। राहुल के साथ राजेश धर्माणी, हरिश रावत, प्रीतम सिंह, लाल चंद शर्मा, सुर्यकांत धस्माना, सुलेमान अली, काजी निजामुद्दीन, पार्षद अमित भंडारी आदि मौजूद रहे।

पिता को खोने का दुख में जानता हूं: राहुल गांधी

शहीद मोहन लाल रतूडी के बेटे से राहुल गांधी बोले, पिता को खोने का दुख में जानता हूं। कहा कि मेरे पिता भी एक आतंकी हमले में मारे गए थे। उन्‍होंने परिवार को ढांढस बंधाया। शहीद की पत्नी को कहा कि अब आप ही को हिम्मत दिखानी है। बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी आप पर है। पूरा देश आपके साथ है। शहीद मोहन लाल रतूडी कहां तैनात थे, कब छुट्टी आए थे और कब था रिटायरमेंट, इन तमाम बिंदुओं पर राहुल गांधी ने जानकारी ली। उन्‍होंने बच्चों से पढाई के बारे में पूछा। करीब 20 मिनट तक परिवार के साथ रहे। परिजनों ने राहुल गांधी से आतंक के सफाए की बात कही।