हरीश रावत ने भी बदली विस धरने की तिथि

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने बजट सत्र के पहले दिन 11 फरवरी को विधानसभा के समक्ष धरना स्थगित कर दिया है। अब धरना 13 फरवरी को दिया जाएगा।

देहरादून, । पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने बजट सत्र के पहले दिन 11 फरवरी को विधानसभा के समक्ष धरना स्थगित कर दिया है। हरीश रावत ने कहा कि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का सत्र के पहले दिन अभिभाषण होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब धरना 13 फरवरी को दिया जाएगा, क्योंकि प्रदेश सरकार उस दिन बजट पेश करेगी।

गन्ना किसानों को बकाया भुगतान की मांग को लेकर 11 फरवरी को विधानसभा के समक्ष धरना स्थगित करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धरने की नई तारीख 13 फरवरी घोषित की है।

उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर सत्र के दौरान विधानसभा के सामने धरना देने का एलान किया था। 11 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। सत्र का शुभारंभ राज्यपाल के अभिभाषण से होना है। बाद में हरीश रावत ने यह कहते हुए 11 फरवरी को प्रस्तावित धरना स्थगित किया कि राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का पहला बजट अभिभाषण है। साथ ही उन्होंने बजट पेश किए जाने के दिन ही देने की बात कहते हुए ट्विटर पर यह जानकारी दी।

अब हरीश रावत ने 13 फरवरी को धरना देंगे। इस नई तारीख के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। 14 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुद्रपुर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने जान-बूझकर एक दिन पहले धरने का वक्त चुना, ताकि जहरीली शराब और गन्ना किसानों के बहाने वह राज्य और केंद्र सरकार पर हमला बोल सकें।

ऋषिकेश में हरीश पुत्र पर बरसे विधानसभा अध्यक्ष, सुनाई खरी-खरी

पूर्व सीएम के पुत्र पर बरसे विधानसभा अध्यक्ष, सुनाई खरी-खोटी
वसंतोत्सव के मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पुत्र विरेंद्र रावत की भाजपा सरकार पर की गई टिप्पणी विधानसभा अध्यक्ष को नागवार गुजरी।

 वसंतोत्सव के मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पुत्र विरेंद्र रावत की भाजपा सरकार पर की गई टिप्पणी विधानसभा अध्यक्ष को नागवार गुजरी। उन्होंने सांस्कृतिक मंच से राजनीति पर विरेंद्र रावत को खरी-खरी सुनाई।

श्री भरत मंदिर झंडा चौक पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल इसके मुख्य अतिथि थे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पुत्र विरेंद्र रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में संबोधन के दौरान विरेंद्र रावत में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने कार्यकाल में रामलीला और मेलों के प्रोत्साहन का काम किया, लेकिन डबल इंजन सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों को रोक दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र का इतना कहना था कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल अपनी जगह से खड़े हो गए और उन्होंने विरेंद्र रावत पर बरसते हुए कहा कि यह सांस्कृतिक मंच है। इस मंच से राजनीतिक बात करना या सरकार की आलोचना करना ठीक नहीं है।

कुछ देर यह सब देख कर सब सकते में पड़ गए। भीड़ में मौजूद कुछ लोग मोदी मोदी चिल्लाने लगे। बाद में वीरेंद्र रावत ने अपना भाषण समेटा और बैठ गए।