स्वतंत्रता सेनानी सुहासिनी गांगुली का जन्म हुआ था आज

3 फ़रवरी का इतिहास

3 फरवरी का दिन भी भारतीय इतिहास में काफी महत्वपूर्ण दिन रहा है, क्योंकि इस दिन 1945 में भारत की पहली बिजली संचालित ट्रेन सेवा मुम्बई से कुर्ला के बीच शुरु की गई। यही नहीं, 3 फरवरी की तारीख, भारतीय नौसेना के पहले आईएनएस चक्र को भारतीय सेना में शामिल करने की भी गवाह बनी। इसके अलावा इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी, जो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गईं । 3 फरवरी के दिन कई महान शख्सियत ने भी जन्म लिया और इसी दिन कई दिग्गज लोग इस दुनिया को अलविदा कह गए। आइए जानते हैं, 3 फरवरी के दिन देश और दुनिया के इतिहास के बारे में –

3 February History

  • पुर्तग़ाली तथा उस्मानों के बीच 1503 में दीव की लड़ाई भारत के दीव (अब एक केन्द्र शासित प्रदेश) में हुई।
  • सदाशिव राव भाऊ के नेतृत्व में मराठा सेना ने उदगीर के युद्ध में निजाम को 1760 में बुरी तरह हराया।
  • विश्व में 1815 में पनीर उत्पादन का पहला कारखाना स्विटजरलैंड में खोला गया।
  • प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 3 फरवरी, 1915 को स्वेज नहर पर जर्मनी और उसमानी शासन की संयुक्त सेनाओं ने मिलकर हमला किया। आपको बता दें कि स्वेज नहर उस समय ब्रिटेन के नियंत्रण में थी।
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की शुरुआत 1916 में हुयी।
  • मुम्बई से कुर्ला के बीच भारत की पहली बिजली संचालित ट्रेन सेवा 1925 में शुरू।
  • पहली बार हवाई जहाजों से पार्सेल भेजने का सिलसिला 1934 में शुरू हुआ।
  • जावा पर 1942 में पहला जापानी हवाई हमला हुआ।
  • जर्मनी और पूर्व सोवियत संघ के बीच  रक्तरंजित स्टालिनग्राड युद्ध 3 फरवरी साल 1943 में खत्म हुआ।
  • रूस 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ शामिल होने पर सहमत हुआ।
  • प्रयाग में 1954 में हुए कुंभ मेले के दौरान मची भगदड़ में लगभग 500 से अधिक लोगों की जान गयी।
  • बेनेलक्स आर्थिक संघ का गठन 3 फरवरी, 1958 को हुआ।
  • 3 फरवरी, साल 1969 के दिन रुस का चालक रहित अंतरिक्ष यान लूना 9 चंद्रमा पर पहली बार पूरी तरह कंट्रोल में रहते हुए उतरा।
  • भारत के पहले और दुनिया के सबसे बड़े कोयला आधारित उर्वरक संयंत्र की 1970 में तलचर में आधारशिला रखी गई।
  • सन 1972 में जापान के सप्पारो में एशिया में पहली बार शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन किया गया।
  • भारतीय नौसेना की पहली परमाणु संचालित पनडुब्बी “आईएनएस चक्र”को 1988 में सैन्य बेड़े में शामिल किया गया।
  • अंतरिक्षयात्री आईलीन कॉलिन्स 3 फरवरी साल 1995 को अंतरिक्ष शटल को संचालित करने वाली पहली बनीं।
  • भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर में 1999 में डेमोक्रेटिक जनता दल का पुनरुद्धार हुआ।
  • विश्व आर्थिक मंच की 29 वीं वार्षिक बैठक का 3 फरवरी साल 1999 में स्विजरलैंड के दावोस में समापन हुआ।
  • आतंकवाद के खिलाफ, भारत ने उजबेकिस्तान के साथ मिलकर 3 फरवरी, 2003 के दिन ही संयुक्त कार्यदल का गठन किया था।
  • भारत के पहले सांसद दलीप सिंह सौंद को सम्मानित करने के लिए 3 फरवरी, साल 2005 के दिन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में लाए गए विधेयक को आम राय से मंजूरी मिली।
  • मिस्र का जहाज़ “अल सलाम-98 लाल” 2006 में सागर में डूबा।
  • चीन ने 2007 में मल्टीपरपज नेविगेशन सैटेलाइट को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया।
  • इराक की राजधानी बगदाद में 3 फरवरी साल 2007 में एक बाजार में हुए बम विस्फोट में 135 लोगों की जान चली गई।
  • महान साहित्यकार रवीन्द्र नाथ टैगोर के चोरी हुए नोबेल पुरस्कार के संकेत 3 फरवरी, साल 2008 में बांग्लादेश में होने के संकेत मिले थे।
  • भारतीय कंपनी को 11 खरब क्यूबिक फीट गैस का भंडार 3 फरवरी, 2008 को ईरान के तटीय क्षेत्रों में मिला।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2009 में ग़रीबी उन्मूलन हेतु नया फार्मूला बनाया।
  • अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने 2009 में राजस्थान रायल्स की हिस्सेदारी ख़रीदी।
  • 3 फरवरी साल 2012 में अमेरिका में हाइस्कूल के छात्रों के लिए आयोजित विज्ञान और गणित के क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ‘इंटरनेशनल साइंस टेलेंट सर्च’ की 40 अंतिम उम्मींदवारों की लिस्ट में सात भारतीय अमेरिकी स्थान हासिल करने में सफल रहे।
  • 3 फरवरी साल 2017 में चेन्नई पोर्ट में दो तेल के जहाजों की जोरदार टक्कर हो गई , जिसमें बड़े पैमाने पर तेल फैल गया।
  • 3 फरवरी साल 2018 में भारत ने चौथी बार अंडर-19 क्रिक्रेट वर्ल्ड कप जीता।

3 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति 

3 फरवरी के दिन कई ऐसी शख्सियत ने जन्म लिया, जिन्होंने दुनिया में आकर अपनी एक अलग पहचान बनाई।

  • ‘नामधारी संप्रदाय’ के संस्थापक राम सिंह का जन्‍म 1816 में हुआ।
  • भारतीय स्वतंत्रता सेनानी सुहासिनी गांगुली का जन्म 3 फरवरी, 1909 को हुआ।सुहासिनी गांगुली भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सेनानी थी। उनका जन्म खुलना में हुआ। पैत्रिक घर ढाका, जिला विक्रमपुर के बाघिया गाँव में था। पिता अविनाश चन्द्र गांगुली और माता सरलासुन्दरी देवी की बेटी सुहासिनी १९२४ में ढाका ईडन हाईस्कूल से मैट्रिक पास करके ईडन कालेज से स्नातक बनीं। एक तैराकी स्कूल में वे कल्याणी दास और कमला दासगुप्ता के सम्पर्क में आईं और क्रांतिकारी दल का साथ देने के लिए प्रशिक्षण लेने लगीं। १९२९ में विप्लवी दल के नेता रसिक लाल दास से परिचय होने के बाद तो वह पूरी तरह से दल में सक्रिय हो गईं। हेमन्त तरफदार ने भी उन्हें इस ओर प्रोत्साहित किया। १९३० के `चटगांव शस्त्रागार कांड’ के बाद बहुत से क्रांतिकारी ब्रिटिश पुलिस की धर-पकड़ से बचने के लिए चन्द्रनगर चले गये थे। सुहासिनी गांगुली इन क्रांतिकारियों को सुरक्षा देने के लिए कलकत्ता से चंद्रनगर पहुँचीं। इसके पहले वह कलकत्ता में गूंगे-बहरे बच्चों के एक स्कूल में कार्य कर रहीं थीं। चन्द्रनगर पहुँचकर उन्होंने वहीं के एक स्कूल में अध्यापन-कार्य ले लिया। शाम से सुबह तक वह क्रांतिकारियों की सहायक उनकी प्रिय सुहासिनी दीदी थीं। दिन भर एक समान्य अध्यापिका के रूप में काम पर जाती थीं और घर में शशिधर आचार्य की छद्म पत्नी बन कर रहती थीं ताकि किसी को संदेह न हो और यह घर एक सामान्य गृहस्थ का घर लगे और वह क्रांतिकारियों को सुरक्षा भी दे सकें। गणेश घोष, लोकनाथ बल, जीवन घोषाल, हेमन्त तरफदार आदि क्रांतिकारी बारी-बारी से यहीं आकर ठहरते थे।इतना सब करने पर भी अधिकारियों को संदेह हो गया। उस घर पर चौबीसों घंटे निगाह रखी जाने लगी। फिर १ सितम्बर १९३० को उस मकान पर घेरा डाल दिया गया। आमने-सामने की मुठभेड़ में जीवन घोषाल, गोली से मारे गए। अनन्त सिंह पहले ही पुलिस को आत्म समर्पण कर चुके थे। शेष साथी और सुहासिनी गांगुली अपने तथाकथित पति श्री शशिधर आचार्य के साथ गिरफ्तार हो गईं। उन्हें हिजली जेल भेज दिया गया जहाँ इन्दुमति सिंह भी थीं। आठ साल की लम्बी अवधि के बाद वे १९३८ में रिहा की गईं। १९४२ के आन्दोलन में उन्होंने फिर से स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया फिर जेल गईं और १९४५ में छूटीं। हेमन्त तरफदार तब धनबाद के एक आश्रम में संन्यासी भेष में रह रहे थे। रिहाई के बाद सुहासिनी गांगुली भी उसी आश्रम में पहुँच गईं और आश्रम की ममतामयी सहासिनी दीदी बनकर वहीं रहने लगीं। बाकी का अपना जीवन उन्होंने इसी आश्रम में बिताया। भारतवर्ष की आज़ादी उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था जिसको पूरा करने में उन्होंने अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनके इस त्यागमय जीवन और साहसिक कार्य को सम्मान देने के लिए कोलकाता की एक सड़क का नाम सुहासिनी गांगुली सरनी रखा गया है। रचना भोला यामिनी ने अपनी पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम की क्रांतिकारी महिलाएँ में उनके जीवन चरित्र का वर्णन किया है।
  • अभिनेता नासिर हुसैन का जन्म 3 फरवरी साल 1931 को हुआ।
  • भारत की मशहूर अभिनेत्री वहीदा रहमान का जन्म 3 फरवरी साल 1938 में हुआ।
  • रिजर्व बैंक के 23वें गवर्नर रघुराम राजन का जन्‍म 1963 में हुआ।
  • भारतीय डांसर, मॉडल राखी सावंत का जन्‍म 1980 में हुआ।
  • भारतीय तमिल अभिनेता सिलंबरसन राजेन्द्र का जन्‍म 1983 में हुआ।
  • हिन्दी फ़िल्मों की शानदार अभिनेत्री रीमा लागू का जन्‍म 1958 में हुआ।

3 फ़रवरी को हुए निधन

3 फरवरी के दिन कई ऐसे दिग्गज दुनिया छोड़कर चले गए। जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

  • पाकिस्तान की मांग करने वाले सबसे पहले समर्थकों में से एक चौधरी रहमत अली की 3 फरवरी साल 1951 में मौत हो गई।
  • 1969 में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री तथा तमिलनाडु के लोकप्रिय नेता सीएन अन्‍नादुरई का निधन।
  • 1978 में महाकवि शंकर कुरुप का निधन।
  • 1979 में, हिन्दी के यशस्वी कहानीकार राधाकृष्ण का निधन हुआ।
  • 2000 में दिग्‍गज तबलावादक उस्‍ताद कुरैशी अल्‍ला रक्‍खा खान का निधन हुआ।
  • ऑस्ट्रेलिया की महिला शासक रेजिना का 3 फरवरी, साल 2010 में निधन हुआ।
  • निर्देशक राज कंवर का 3 फरवरी , 2012 को देहांत हो गया।
  • 2016 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता बलराम जाखड़ का निधन हुआ।

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