वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है। अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार सौतेली मां की बेटी से प्रापर्टी को लेकर अनबन चल रही थी। बताया जा रहा है कि सौतेली मां ने पहले भी बेटी के कमरे में आग लगाकर उसकी जान लेने की कोशिश की थी। युवती एयरहोस्टेस का कोर्स कर रही थी। युवती के पिता की डेढ़ साल पहले मौत हो गई थी।
पुलिस ने शुक्रवार को हत्यारोपी मां की निशानदेही पर बेटी का दो टुकड़ों में शव घर से ही बरामद कर लिया।

घटनाक्रम के अनुसार, कोतवाली के खुड़बुड़ा मोहल्ले के अंसारी मार्ग की रहने वाली प्राप्ति सिंह (21 वर्षीय , पुत्री स्वर्गीय अजीत सिंह ) शहर के एक इंस्टीट्यूट से एयर होस्टेस का कोर्स कर रही थी। बुधवार सुबह प्राप्ति का मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। उसके नाते-रिश्तेदारों और दोस्तों ने जब उसकी सौतेली मां मीनू से मोबाइल बंद होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि प्राप्ति सुबह ही एक इंटरव्यू के लिए दिल्ली चली गई है, वह भी उससे बात करने के लिए परेशान है। बुधवार को दिन भर मोबाइल ऑन न होने पर रिश्तेदारों का उससे संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने और युवती के दोस्तों ने सौतेली मां पर दबाव डालना शुरू किया। लेकिन, वह गुमराह करती रही।

शहर कोतवाली के अंसारी रोड निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे स्वर्गीय इंद्रपाल सिंह की पोती प्राप्ति सिंह (24) अपनी सौतेली मीनू कौर के साथ रहती थी। सिंह के बेटे और प्राप्ति के पिता अजित सिंह की भी 2016 में मौत हो गई थी। अक्सर दोनों मां-बेटी में किसी ना किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था।

आठ फरवरी को मीनू कौर ने पटेलनगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि सात फरवरी की सुबह वह बेटी प्राप्ति सिंह को दिल्ली के लिए आईएसबीटी पर बस में बैठाकर गई थी। रास्ते में दो बार बात भी हुई, मगर उसके बाद से प्राप्ति सिंह का कुछ नहीं पता। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बात की तो मीनू कौर शक के दायरे में आई।

शुक्रवार पूर्वाह्रन में मीनू कौर को पटेलनगर थाने लाकर बातचीत की गई तो उसने पुलिस को गुमराह करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। तीन घंटे की लंबी पूछताछ में मीनू कौर को पुलिस के सामने टूटने में देर नहीं लगी। इंस्पेक्टर पटेलनगर रितेश शाह मीनू कौर को लेकर कोठी पर पहुंचे, जहां बाथरूम के पीछे बनी गैलरी में छिपाई गई प्राप्ति सिंह की लाश बरामद करा दी। प्राप्ति सिंह का शव दो टुकड़ाें में क टा हुआ था। शव को चद्दर में लपेटने के साथ रस्सी में बांधा गया था।

हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की कोठी में पोती की हत्या की खबर पर घटनास्थल पर लोगों का जमावड़ा हो गया। एफएसएल की टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन किया गया। मौके से ही खून से सनी ईंट, खुखरी के अलावा खून से सना तकिया आदि सामान बरामद हो गया। हालांकि तीन दिन होने के कारण कमरे से पूरा खून साफ कर दिया गया था।सौतेली मां मीनू कौर को यह अहसास नहीं था कि वह इतनी जल्दी पकड़ में आ जाएगी। उसकी मंशा यह थी कि वह शव को टुकड़ों में धीरे-धीरे बाहर फेंक आएगी। यही सोचकर उसने प्राप्ति को रोडवेज बस से दिल्ली भेजने की कहानी बनाई थी।प्राप्ति के मंगेतर वरुण और अन्य रिश्तेदारों की घेराबंदी की वजह से उसे बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने आठ फरवरी को पटेलनगर थाने जाना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि 24 घंटे में ही उसकी करतूत उजागर हो गई।

नाते-रिश्तेदारों के दबाव पड़ा तो गुरुवार सुबह सौतेली मां पटेलनगर कोतवाली पहुंची और उसने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस को बताया कि प्राप्ति को खुद उसने दिल्ली जाने वाली बस में बिठाया है। इसके बाद उससे दो बार मोबाइल पर बात भी हुई। मगर पुलिस ने जब मीनू और प्राप्ति के मोबाइल की लोकेशन निकलवाई तो मीनू के झूठ से परदा उठ गया। मां-बेटी के मोबाइल की लोकेशन मंगलवार शाम से बुधवार तक अंसारी मार्ग पर ही मिली।

पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप राय ने मौके पर पहुंचकर प्राप्ति सिंह के परिवार के लोगों से काफी देर बातचीत की। उन्हाेंने बताया कि सौतेली मां और बेटी प्राप्ति सिंह में आपस में बनती नहीं थी। हत्या की वजह के बारे में जानकारी की जा रही है।
शुक्रवार को मीनू से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह पुलिस के सवालों के आगे ज्यादा देर टिक नहीं पाई। उसने बताया कि प्राप्ति का उसने कत्ल कर दिया है और शव घर में ही है। आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंची तो प्राप्ति के कमरे से तेज दुर्गंध उठ रही थी। मीनू से चाबी लेकर कमरा खोला गया तो बाथरूम से सटे स्टोर रूम में प्राप्ति के शरीर दो टुकड़े पड़े हुए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि रिश्तेदारों के मुताबिक प्राप्ति अपनी संपत्ति की इकलौती वारिस थी। मीनू मकान को बेचने का दबाव बना रही थी, जिस पर वह राजी नहीं हो रही थी। वहीं मीनू का आरोप है कि प्राप्ति खुले विचारों थी। उसके कई दोस्त घर आते थे, जिस पर वह एतराज करती थी। पुलिस वारदात के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

पटेलनगर कोतवाली इंस्पेक्टर रितेश शाह ने बताया कि मोनू कौर ने गुरुवार को पटेलनगर में अपनी बेटी प्राप्ति सिंह(21) पुत्री स्वर्गीय अजीत पाल की गुमशुदगी दर्ज कराई। सौतेली मां ने पुलिस को बताया था कि वह सात फरवरी को बेटी को आईएसबीटी छोड़ने आई थी। उसका दिल्ली में एक कंपनी में इंटरव्यू था। दिल्ली जाते हुए रास्ते में दो बार बात भी हुई, इसके बाद से उसका फोन बंद है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।

इंस्पेक्टर शाह ने बताया कि मां और बेटी दोनों का फोन नंबर की लोकेशन जांच में पता चला कि वह सात फरवरी को आईएसबीटी गए ही नहीं। सात फरवरी के बाद मोबाइल पर मां-बेटी की कोई बात भी नहीं हुई। शक के आधार पर पुलिस मोनू कौर के पलटन बाजार के समीप अंसारी मार्ग स्थित आवास पर जांच के लिए पहुंची। जहां बेडरूम से अटैच बाथरूम के एक कोने पर कपड़ों में छिपाकर रखा गया बेटी का शव मिला।

बताया जा रहा है कि दोनों के पूर्व जीवन साथियों की मौत के बाद अजित सिंह और मीनू कौर दोनों की दूसरी शादी थी ! लेकिन मीनू की कोई दूसरी शादी से भी कोई औलाद नही थी ! अजित को मोनु के बेटी से व्यवहार को लेकर शिकायत थी ! दूसरी और शानदार मकान ,दुकान और प्लाट होने पर भी मीनू को बेटी से कथित रूप से केवल दो हजार रुपए जेब खर्च मिलता था ! उसे यह भय भी रहा कि अपनी मर्जी से शादी कर प्राप्ति उसे सड़क पर खड़ा कर देगी ! पुलिस हत्या मेन किसी और का भी हाथ होने की आशंका को भी टटोल रही है !