सूरत: पीड़िता की न हो पाई पहचान, बलात्कार – उत्पीड़न की आशंका

राजकोट में एक और बच्ची को अश्लील वीडियो दिखाकर बनाया हवस का शिकार

 कई राज्यों के लापता बच्चों के आंकड़ों की जांच की गई लेकिन अब तक लड़की की पहचान के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है.

सूरत (गुजरात): गुजरात के एक मंत्री ने सोमवार(16 अप्रैल) कहा कि कथित बलात्कार की पीड़िता मूल रूप से ओडिशा से हो सकती है. एक नाबालिग लड़की का शव 10 दिन पहले मिला था. लड़की के साथ बलात्कार और उत्पीड़न किये जाने की आशंका है. पुलिस ने बताया कि लड़की की पहचान का पता लगाने के लिए प्रयास किये जा रहे है. नौ से 11 वर्ष के बीच की बच्ची का शव गत छह अप्रैल को यहां भेस्तान क्षेत्र में एक क्रिकेट मैदान के निकट मिला था. शव पर चोट के 86 निशान थे. यहां शहर सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया था कि चोटों की प्रकृति से ऐसी आशंका है कि बच्ची को बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और उसके साथ बलात्कार किया गया.

पुलिस ने बताया कि कई राज्यों के लापता बच्चों के आंकड़ों की जांच की गई लेकिन अब तक लड़की की पहचान के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है.  गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने पत्रकारों को बताया कि सूरत में पुलिस नाबालिग लड़की की कथित तौर पर बलात्कार और हत्या से जुड़े मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. जडेजा ने बताया कि हत्या से जुड़ें तमाम बिंदूओ को ध्यान रखते हुए पुलिस कानूनी रूप से अपना काम कर रही है.  पीड़िता किसी अन्य राज्य से हो सकती है. संभवत: ओडिशा से हो सकती है.

पीड़िता की पहचान के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है
सूरत के एसीपी ( अपराध ) आर आर सरवैया ने बताया कि यह संभव है कि लड़की गुजरात के अलावा किसी अन्य राज्य से हो. उन्होंने बताया कि पुलिस ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लापता बच्चों के आकड़ों की जांच की. उन्होंने बताया कि हालांकि अब तक पीड़िता की पहचान के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है.  सरवैया ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस की अपराध शाखा की दो टीम जांचकर्ताओं की मदद करने के लिए सूरत पहुंचीं. मंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा.  सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कल कहा था कि लड़की के शव से एक डीएनए नमूना लिया गया था जिसे पहचान के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था.

इसकी रिपोर्ट ‘‘जल्द से जल्द ’’ मिल जायेगी.  अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 ( हत्या ), 323 ( स्वेच्छा से चोट पहुंचाना ) , 376 ( बलात्कार ) और पोस्को अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है.  पुलिस ने लड़की की पहचान में मदद करने और दोषियों के बारे में सूचना देने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम दिये जाने की भी घोषणा की है. इस बीच अधिकारियों ने बताया कि सूरत पुलिस की अपराध शाखा इकाई ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से एक संदेश फैलाने के लिए तीन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505(1)(B) के तहत एक मामला दर्ज किया है.

बच्ची की नहीं हुई पहचान
सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने बताया कि बच्ची की पहचान के लिए शहर और आसपास के इलाकों में 1 हजार से अधिक पोस्टर लगाए गए हैं और पीड़िता या उसके परिवार के बारे में सूचना देने वाले को 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है. उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ रेप, हत्या और पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. केस को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है. पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर छानबीन कर रही हैं.  पिछले 8 दिनों से पुलिस हत्या के इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है. यह घटना 6 अप्रैल 2018 की है. उस दिन सुबह के वक्त सूरत की पांडेसरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि क्रिकेट मैदान के पास एक बच्ची की लाश पड़ी है. पुलिस का काफिला मौके पर जा पहुंचा. पुलिस लाश के आस-पास बारीकी से जांच पड़ताल की, लेकिन मौके से कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद पुलिस ने बच्ची की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

पुलिस ने मृतक बच्ची और उसके हत्यारों से जुड़ी जानकारी देने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है. जांच अधिकारी केबी झाला के मुताबिक बच्ची की हत्या गला और मुंह दबाकर की गई है. डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के साथ बलात्कार किए जाने की आशंका को देखते हुए सैम्पल लेकर जांच के लिए एफएसएल भेजे गए हैं.

 बच्ची को अश्लील वीडियो दिखाकर बनाया हवस का शिकार, राजकोट में हुई वारदात

गुजरात के राजकोट में एक बच्ची को बंधक बनाकर उनके साथ हैवानियत की हद पार कर देने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. आरोपी ने पीड़िता को अपने घर में कैद कर लिया था. इसके बाद 15 दिनों तक उसे अपनी हवस का शिकार बनाता रहा. पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की उम्र 9 साल और आरोपी मुरली भरवाड की 24 साल है. आरोपी मुरली ने पीड़िता को अगवा करने के बाद अपने घर में 15 दिनों तक कैद रखा. इस दौरान मोबाइल मे न्यूड वीडियो दिखाकर उसके साथ कई बार रेप किया. उसके साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाए. किसी तरह पीड़िता अपने घर पहुंची.

उसने अपनी मां को आपबीती सुनाई. पीड़िता की मां ने आरोपी मुरली भरवाड़ के खिलाफ राजकोट यूनिवर्सिटी थाने में तहरीर दी. इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 377, 354, 354A और पॉक्सो की धारा 6, 10 के तहत केस दर्ज कर लिया है. आरोपी वारदात के बाद से फरार है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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