साहित्यकार राही मासूम रज़ा का जन्म हुआ था आज

15 मार्च का इतिहास

इतिहास में 15 मार्च के दिन कई महत्‍वपूर्ण घटनाएं हुईं थीं। यहाँ हम आज के इतिहास में यानी 15 मार्च के इतिहास में घटित-घटनाएं, विदा लिए महान व्यक्ति तथा जन्म लिए व्यक्ति के बारे में जानेंगे ता कि हमारे ज्ञान में और भी वृद्धि हो।
15 March History

  • क्रिस्टोफर काेलम्बस अपने विश्व भ्रमण के 1493 में बाद स्पेन लौटा।
  • मुगल बादशाह अकबर ने 1564 में जजिया कर हटाया।
  • फ्रांसीसी सम्राट लुईस 15वें ने 1744 में ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • सन 1892 में पहली बार न्‍यूयॉर्क में ऑटोमैटिक बैलट मशीन का प्रयोग किया गया।
  • अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 1901 में घोडों की दौड पर प्रतिबंध लगा।
  •  1919 में उस्मानिया विश्वविद्यालय का उद्घाटन हुआ।
  • पंजाब में सन 1947 में दंगे भड़के।· 1931: पहली बोलती भारतीय फिल्म ‘आलमआरा’ का प्रदर्शन हुआ.
  • · 1939: स्लोवाकिया ने आजादी की घोषणा की.

    · 1963: प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे जयनारायण व्यास का निधन .

    · 1965: प्रसिद्ध भारतीय फिल्म अभिनेता आमिर खान का जन्म.

    · 1998: सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं .

    · 2013: शी चिनपिंग ने चीन की बागडोर संभाली.

    · 2016: रूस ने सीरिया से अपनी सेनाएं वापस बुलाने की घोषणा की.

  • जॉर्ज बर्नाड शॉ के नाटक पर आधारित म्‍यूजिकल प्‍ले “माई फेयर लेडी” को 1956 में ब्रॉडवे में लोगों के लिए खोला गया।
  • सोवियत संघ ने 1964 में पूर्वी कजाखस्तान में परमाणु परीक्षण किया।
  • यूरोपीय देश तंजानिया में 1984 में संविधान को अंगीकार किया गया।
  • पोर्ट लुई (मारिशस) वहाँ के प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ द्वारा 1984 में स्थित महात्मा गांधी संस्थान में प्रथम अंतराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का उद्घाटन।
  • ईरान ने 1997 में पहली बार किसी महिला राजनीतिक को विदेश में नियुक्त किया।
  • एल्डबजोर्ग लोवर 1999 में नोर्वे की प्रथम महिला रक्षामंत्री बनीं।
  • बार्सिलोना (स्पेन) में 2002 में यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन शुरू।
  • वोडाफ़ोन और एस्सार के बीच 2007 में समझौता सम्पन्न।
  • जेल सुधार एवं मानव अधिकारों की रक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2008 में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को जर्मन सम्मान ‘एनीमेरी मेडिसन’ के लिए चुना गया।
  • इटली के पोसिलियो में 2008 में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई।

15 मार्च को जन्मे व्यक्ति

1883: महान अर्थशास्त्री कार्ल मार्क्स का निधन.

  • · 1905: फ्रांसीसी समाजशास्त्री, दार्शनिक और पत्रकार रेमंड आरों का जन्म.

    · 1913: मलयाली लेखक शंकरन कुट्टी पोट्टेक्कट का जन्म.

    1901 में भारत के महान कुश्ती प्रशिक्षक (कोच) व पहलवान गुरु हनुमान का जन्म हुआ।

  • 1934 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम का जन्‍म हुआ।
  • 1943 में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा का जन्म हुआ।
  • 1947 में भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी अजीत पाल सिंह का जन्म हुआ।
  • 1954 में हिन्दी साहित्यकार रमेशराज तेवरीकार का जन्म हुआ।
  • 1976 में अभिनेता अभय देओल का जन्म हुआ।
  • 1984 में इंडियन रैपर हनी सिंह का जन्‍म हुआ।

15 मार्च को हुए निधन

  • 1236 में विश्व प्रसिद्ध सूफ़ी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह का निधन।
  • 1882 में अंग्रेज़ विज्ञानवादी दार्शनिक, ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में ह्वाइट प्रोफेसर थॉमस हिल ग्रीन का निधन।
  • 1985 में भारतीय इतिहासकार और लेखक राधा कृष्ण चौधरी का निधन।
  • 1992 में बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी और प्रसिद्ध साहित्यकार राही मासूम रज़ा Image result for राही मासूम रज़ाका निधन।राही मासूम रज़ा (१ सितंबर, १९२५-१५ मार्च १९९२)का जन्म गाजीपुर जिले के गंगौली गांव में हुआ था और प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गंगा किनारे गाजीपुर शहर के एक मुहल्ले में हुई थी। बचपन में पैर में पोलियो हो जाने के कारण उनकी पढ़ाई कुछ सालों के लिए छूट गयी, लेकिन इंटरमीडियट करने के बाद वह अलीगढ़ आ गये और यहीं से एमए करने के बाद उर्दू में `तिलिस्म-ए-होशरुबा’ पर पीएच.डी. की। पीएच.डी. करने के बाद राही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के उर्दू विभाग में प्राध्यापक हो गये और अलीगढ़ के ही एक मुहल्ले बदरबाग में रहने लगे। अलीगढ़ में रहते हुए ही राही ने अपने भीतर साम्यवादी दृष्टिकोण का विकास कर लिया था और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वे सदस्य भी हो गए थे। अपने व्यक्तित्व के इस निर्माण-काल में वे बड़े ही उत्साह से साम्यवादी सिद्धान्तों के द्वारा समाज के पिछड़ेपन को दूर करना चाहते थे और इसके लिए वे सक्रिय प्रयत्न भी करते रहे थे।१९६८ से राही बम्बई में रहने लगे थे। वे अपनी साहित्यिक गतिविधियों के साथ-साथ फिल्मों के लिए भी लिखते थे जो उनकी जीविका का प्रश्न बन गया था। राही स्पष्टतावादी व्यक्ति थे और अपने धर्मनिरपेक्ष राष्ट्रीय दृष्टिकोण के कारण अत्यन्त लोकप्रिय हो गए थे। यहीं रहते हुए राही ने आधा गांव, दिल एक सादा कागज, ओस की बूंद, हिम्मत जौनपुरी उपन्यास व १९६५ के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए वीर अब्दुल हमीद की जीवनी छोटे आदमी की बड़ी कहानी लिखी। उनकी ये सभी कृतियाँ हिंदी में थीं। इससे पहले वह उर्दू में एक महाकाव्य १८५७ जो बाद में हिन्दी में क्रांति कथा नाम से प्रकाशित हुआ तथा छोटी-बड़ी उर्दू नज़्में व गजलें लिखे चुके थे। आधा गाँव, नीम का पेड़, कटरा बी आर्ज़ू, टोपी शुक्ला, ओस की बूंद और सीन ७५ उनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं।  पिछले कुछ वर्षों प्रसिद्धि में रहीं हिन्दी पॉप गायिका पार्वती खान का विवाह इनके पुत्र नदीम खान, हिन्दी फिल्म निर्देशक एवं सिनेमैटोग्राफर से हुआ था।
  • 2009 में भारत की प्रथम महिला विमान चालक सरला ठकराल का निधन।
  • 2015 में स्वतंत्रता सेनानी एवं महादेव देसाई के पुत्र नारायण भाई देसाई का निधन।

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