सारदा चिटफंड घोटाला: पुलिस कमिश्नर राजीव से तीसरे दिन भी सीबीआई की पूछताछ

 सारदा चिटफंड स्कैम की जांच सीबीआई के पास जाने से पहले बतौर एसआईटी चीफ राजीव कुमार की निगरानी में चल रही थी। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए राजीव कुमार की अगुआई में एक एसआईटी का गठन किया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।

कार से उतरते पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार
शिलॉन्ग :पश्चिम बंगाल के चर्चित सारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से लगातार तीसरे दिन सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) की टीम पूछताछ कर रही है। इससे पहले शनिवार और रविवार को भी घोटाले के सिलसिले में सीबीआई अफसरों ने राजीव कुमार से घंटों पूछताछ की थी।
पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार सोमवार सुबह मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग स्थित सीबीआई के दफ्तर पहुंचे। उनसे पिछले दो दिनों के दौरान लंबी पूछताछ हो चुकी है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सारदा घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद कुणाल घोष से भी रविवार को पूछताछ की गई। राजीव कुमार और टीएमसी सांसद को करीब ढाई घंटे तक आमने-सामने बिठाकर सवाल-जवाब किए गए।
एक सीबीआई अधिकारी ने टीओआई को बताया, ‘इस वक्त पूछताछ की समयसीमा के बारे में बताना बहुत मुश्किल है।’ शनिवार को भी राजीव कुमार से सात घंटे तक पूछताछ चली थी। बंगाल सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ली जा सकती है। कुणाल घोष के वकील अयान चक्रबर्ती का कहना है, ‘वह सीबीआई के अधिकारियों को सहयोग करने के लिए आए हैं और जमानत की यह पहली शर्त है।’
बता दें कि सारदा चिटफंड स्कैम की जांच सीबीआई के पास जाने से पहले बतौर एसआईटी चीफ राजीव कुमार की निगरानी में चल रही थी। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए राजीव कुमार की अगुआई में एक एसआईटी का गठन किया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
दिल्ली में सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि राजीव कुमार ने मांग की थी कि उनके बयानों की विडियो रिकॉर्डिंग की जाए। हालांकि सीबीआई ने उनकी यह मांग नहीं मानी। ऐसा हिरासत में लेकर की गई पूछताछ के दौरान होता है। कुछ रिपोर्ट्स में राजीव कुमार के वकील के हवाले से दावा किया जा रहा था कि सीबीआई राजीव कुमार के बयानों की विडियो रिकॉर्डिंग भी कर रही है।
जांच को करीब से देख रहे एक सीबीआई अधिकारी ने नाम ना जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘राजीव कुमार और कुणाल घोष को दोपहर बाद आमने-सामने बैठाकर लंबी पूछताछ की गई। इससे पहले दोनों से काफी देर अलग-अलग पूछताछ चली थी।’

सुप्रीम कोर्ट का सारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई जांच की निगरानी से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में सारदा चिटफंड घोटाले की सीबीआई जांच की निगरानी करने से सोमवार को इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कुछ निवेशकों की याचिका को मंजूर नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में सारदा चिटफंड घोटाले की सीबीआई जांच की निगरानी करने से सोमवार को इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कुछ निवेशकों की याचिका को मंजूर नहीं किया। याचिका में कहा गया था कि कोर्ट ने सीबीआई को चिटफंड घोटाले की जांच का आदेश 2013 में दिया था। इसके बावजूद जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है।
बेंच ने कहा, ‘हम चिटफंड घोटाले की जांच पर नजर रखने के लिए निगरानी समिति गठित करने के इच्छुक नहीं हैं।’ इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में चिटफंड घोटालों की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। शीर्ष अदालत ने 5 फरवरी को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और जांच में सहयोग का आदेश दिया था। बता दें कि कुमार ने सारदा चिटफंड की जांच करने के लिए बनी पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का नेतृत्व किया था। उन पर स्कैम से जुड़े सबूतों क नष्ट करने, उनसे छेड़छाड़ करने और मुख्य आरोपी व दूसरे आरोपियों के कॉल डीटेल रेकॉर्ड्स बदलने का आरोप है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *